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Mutual Fund Losers: 1 साल में कई इक्विटी स्कीम रेड जोन में, आपकी भी SIP स्ट्रैटेजी हो रही फेल? कैसे रिटर्न ट्रैक पर लौटेगा पोर्टफोलियो
Mutual Fund Losers: 1 साल में कई इक्विटी स्कीम रेड जोन में, आपकी भी SIP स्ट्रैटेजी हो रही फेल? कैसे रिटर्न ट्रैक पर लौटेगा पोर्टफोलियो

Mutual Fund Losers: 1 साल में कई इक्विटी स्कीम रेड जोन में, आपकी भी SIP स्ट्रैटेजी हो रही फेल? कैसे रिटर्न ट्रैक पर लौटेगा पोर्टफोलियो

Mutual Fund Losers: म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए पिछले कुछ समय से सेक्टर बेस्ड फंडों में उतार-चढ़ाव चिंता का विषय बना हुआ है। खासकर IT और Technolgy सेक्टर से जुड़े कई इक्विटी फंडों ने एक साल में इन्वेस्टर्स को नेगेटिव रिटर्न दिया है। कुछ स्कीमों में 20% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है, जिससे कई SIP निवेशक सोच रहे हैं कि क्या उनकी निवेश रणनीति सही दिशा में है या बदलाव की जरूरत है। आइए समझते हैं कि इन फंडों में गिरावट क्यों आई और निवेशकों को आगे क्या रणनीति अपनानी चाहिए।

Mutual Fund Losers: 1 साल में सबसे ज्यादा नेगेटिव रिटर्न वाले Top 16 फंड

  1. HDFC Technology Fund : -21.97%
  2. Tata Digital India Fund : -19.80%
  3. Kotak Technology Fund : -18.58%
  4. ICICI Pru Technology Fund : -18.45%
  5. ABSL Digital India Fund : -17.97%
  6. SBI Technology Opportunities Fund : -16.00%
  7. Franklin India Technology Fund : -13.98%
  8. ICICI Pru FMCG Fund : -13.22%
  9. Samco Multi Cap Fund : -12.49%
  10. Samco Large & Mid Cap Fund : -11.47%
  11. Samco Flexi Cap Fund : -10.56%
  12. Samco Large Cap Fund : -10.25%
  13. Tata Children’s Fund : -9.73%
  14. Samco ELSS Tax Saver Fund : -8.70%
  15. Parag Parikh ELSS Tax Saver Fund : -8.54%
  16. Motilal Oswal Midcap Fund : -8.50

म्यूच्यूअल फंड पोर्टफोलियो लाल होने पर क्या करें?

बाजार गिरने पर घबराने की जरूरत नहीं

शेयर बाजार में गिरावट आने पर म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो लाल दिखाई देने लगता है। ऐसे समय में कई निवेशक डरकर अपना निवेश निकाल लेते हैं, लेकिन कई मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार यह सही फैसला नहीं होता। लॉन्ग टर्म के निवेशकों के लिए बाजार की गिरावट एक बेहतर निवेश अवसर भी बन सकती है।

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गिरावट में SIP बढ़ाना हो सकता है फायदेमंद

जब बाजार नीचे जाता है तो अच्छे म्यूचुअल फंड में SIP शुरू करना या निवेश बढ़ाना फायदेमंद हो सकता है। गिरावट के समय फंड की यूनिट सस्ती हो जाती है, जिससे निवेशकों को कम पैसे में ज्यादा यूनिट मिलती हैं। बाजार में तेजी लौटने पर यही ज्यादा यूनिट बेहतर रिटर्न देने में मदद कर सकती हैं।

कम कीमत पर ज्यादा यूनिट मिलती हैं

म्यूचुअल फंड में निवेश का फायदा यह है कि बाजार गिरने पर यूनिट की कीमत कम हो जाती है। इससे एक ही रकम में ज्यादा यूनिट खरीदी जा सकती हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप हर महीने 1000 रुपये निवेश करते हैं और एक यूनिट की कीमत 20 रुपये है, तो आपको 50 यूनिट मिलेंगी। वहीं अगर बाजार तेजी में होता और यूनिट की कीमत 40 रुपये होती, तो आपको सिर्फ 25 यूनिट मिलतीं। यानी गिरावट में ज्यादा यूनिट मिलना लंबे समय में फायदे का कारण बन सकता है।

गिरावट के समय निवेश निकालने से बचें

म्यूचुअल फंड में शॉर्ट टर्म गिरावट निवेशकों को परेशान कर सकती है, लेकिन लंबी अवधि में इसका असर कम हो जाता है। अगर आपका निवेश लक्ष्य 7 से 10 साल या उससे ज्यादा का है, तो बाजार की छोटी अवधि की गिरावट को नजरअंदाज करना बेहतर होता है। जल्दबाजी में पैसा निकालने से नुकसान हो सकता है, क्योंकि बाजार के वापस बढ़ने पर निवेशक उस तेजी का फायदा नहीं उठा पाते।

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SIP बंद करने की जगह पॉज कर सकते हैं

अगर बाजार की गिरावट देखकर आप बहुत चिंतित हैं तो SIP बंद करने की बजाय पॉज सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें कुछ समय के लिए SIP की किस्त रोकी जा सकती है और तय अवधि के बाद यह अपने आप दोबारा शुरू हो जाती है। हालांकि, लंबे समय के निवेशकों के लिए बार-बार SIP रोकना नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इससे कम कीमत पर निवेश करने का मौका छूट सकता है।

SIP शुरू करते समय फंड का चुनाव जरूरी

अगर आप नई SIP शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो फंड का चुनाव सोच-समझकर करें। निवेश करने से पहले फंड का प्रदर्शन, जोखिम और अपने वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार की मदद भी ली जा सकती है।

डायवर्सीफाइड पोर्टफोलियो रखें

निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में अलग-अलग तरह के फंड शामिल करने चाहिए। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव के समय जोखिम को कम किया जा सकता है। लार्ज कैप और डेट फंड जैसे विकल्प पोर्टफोलियो को संतुलन देने में मदद कर सकते हैं, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप फंड में गिरावट के समय ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

10 साल के नजरिए से निवेश बनाए रखें

अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि का है तो बाजार की गिरावट से डरने की जरूरत नहीं है। 10 साल या उससे ज्यादा के निवेश नजरिए के साथ नियमित SIP जारी रखना बेहतर रणनीति हो सकती है। अनुशासन के साथ किया गया लंबी अवधि का निवेश समय के साथ अच्छा रिटर्न देने में मदद कर सकता है।

Source: Value Research

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है। Mutual Fund निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।

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