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SBI AMC IPO: सिर्फ 15 पैसे के दांव से SBI कमा लेगा 7,366.39 करोड़ रुपये, कैसे आईपीओ भर रहा सरकारी बैंक की तिजोरी
SBI AMC IPO: सिर्फ 15 पैसे के दांव से SBI कमा लेगा 7,366.39 करोड़ रुपये, कैसे आईपीओ भर रहा सरकारी बैंक की तिजोरी

SBI AMC IPO: सिर्फ 15 पैसे के दांव से SBI कमा लेगा 7,366.39 करोड़ रुपये, कैसे आईपीओ भर रहा सरकारी बैंक की तिजोरी

SBI AMC IPO: भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के लिए SBI Mutual Fund का IPO सिर्फ एक लिस्टिंग नहीं, बल्कि दशकों पुराने निवेश पर मिलने वाला दमदार रिटर्न साबित होने जा रहा है। SBI Funds Management के ₹11,693 करोड़ के IPO में SBI अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच रहा है और बैंक ने जिन शेयरों को कभी सिर्फ 15 पैसे प्रति शेयर की औसत कीमत पर खरीदा था, अब वही शेयर ₹574 प्रति शेयर तक बेचने जा रहा है। यानी शुरुआती निवेश पर करीब 3,82,567% का रिटर्न मिलने का अनुमान है।

IPO से सिर्फ SBI ही नहीं, बल्कि इसकी साझेदार Amundi India Holding भी हजारों करोड़ रुपये का मुनाफा कमाने जा रही है। दोनों प्रमोटर मिलकर इस ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए करीब ₹11,658 करोड़ की कमाई करेंगे।

SBI का 15 पैसे का निवेश बना हजारों करोड़ की दौलत

रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के मुताबिक, SBI ने अपने शेयरों को 15 पैसे प्रति शेयर की वेटेड एवरेज कॉस्ट पर हासिल किया था। अब IPO के ऊपरी प्राइस बैंड ₹574 प्रति शेयर पर बैंक करीब 12.83 करोड़ शेयर बेचेगा।

इन शेयरों की कुल लागत करीब ₹1.93 करोड़ बैठती है, जबकि बिक्री से SBI को लगभग ₹7,366.39 करोड़ मिलने का अनुमान है। यानी बैंक को लगभग ₹7,364.47 करोड़ का शुद्ध लाभ होगा। यही वजह है कि इस निवेश पर रिटर्न करीब 3,82,567% निकल रहा है।

Amundi को भी मिलेगा 13,095% का रिटर्न

SBI के साथ संयुक्त प्रमोटर Amundi India Holding भी IPO में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेच रही है। कंपनी ने अपने शेयर ₹4.35 प्रति शेयर की औसत लागत पर खरीदे थे।

Amundi करीब 7.54 करोड़ शेयर बेचेगी, जिससे उसे लगभग ₹4,326.52 करोड़ की प्राप्ति होगी। इन शेयरों की लागत करीब ₹32.79 करोड़ थी। इस तरह कंपनी को लगभग ₹4,293.73 करोड़ का मुनाफा होगा, जो करीब 13,095% के रिटर्न के बराबर है।

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पूरी तरह OFS, कंपनी को नहीं मिलेगा कोई पैसा

SBI Funds Management का यह IPO पूरी तरह Offer for Sale (OFS) है। इसका मतलब है कि कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं कर रही है। IPO से मिलने वाली पूरी रकम सीधे शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स यानी SBI और Amundi के पास जाएगी। कंपनी के पास इस इश्यू से कोई नई पूंजी नहीं आएगी।

IPO का प्राइस बैंड ₹545 से ₹574 प्रति शेयर तय किया गया है। यह इश्यू 14 जुलाई को खुलेगा और 16 जुलाई को बंद होगा। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का अनुमानित मार्केट कैप करीब ₹1.17 लाख करोड़ होगा।

देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी

SBI Funds Management, Quarterly Average Assets Under Management (QAAUM) के आधार पर भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की म्यूचुअल फंड QAAUM करीब ₹12.51 लाख करोड़ रही, जबकि कुल QAAUM (PMS, Advisory और AIF बिजनेस सहित) लगभग ₹29.46 लाख करोड़ था।

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कंपनी की बाजार हिस्सेदारी करीब 15.3% है। खास बात यह भी है कि देश की शीर्ष 10 AMC में इसका ऑपरेटिंग एक्सपेंस रेशियो सिर्फ 0.08% है, जो इंडस्ट्री में सबसे कम माना जाता है। मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, SBI के 53 करोड़ से अधिक ग्राहकों तक पहुंच और यूरोप की सबसे बड़ी एसेट मैनेजर Amundi की साझेदारी कंपनी की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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