SCSS और Post Office MIS में 45 लाख रुपए निवेश से हर महीने करीब 30,000 रुपए की इनकम, समझें पूरा कैलकुलेशन
अगर आप रिटायरमेंट के बाद हर महीने एक तय इनकम चाहते हैं, तो Senior Citizens Savings Scheme (SCSS) और Post Office Monthly Income Scheme (MIS) का कॉम्बिनेशन आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। अगर कोई वरिष्ठ नागरिक इन दोनों योजनाओं में कुल 45 लाख रुपए निवेश करता है, तो उसे हर महीने करीब 30,000 रुपए की रेगुलर इनकम मिल सकती है।
45 लाख रुपए पर कैसे मिलेगी हर महीने इनकम ?
मान लीजिए कोई निवेशक SCSS में 30 लाख रुपए और Post Office MIS में 15 लाख रुपए निवेश करता है।
SCSS का पूरा कैलकुलेशन
- निवेश राशि: 30,00,000 रुपए
- ब्याज दर: 8.2% सालाना
- योजना की अवधि: 5 साल
- एक साल का ब्याज – 30,00,000 × 8.2% = 2,46,000 रुपए
- हर तिमाही मिलने वाला ब्याज – 2,46,000 ÷ 4 = 61,500 रुपए (लगभग)
- हर महीने की औसत इनकम – 61,500 ÷ 3 = 20,500 रुपए (लगभग)
ध्यान दें कि SCSS में ब्याज हर महीने नहीं, बल्कि हर तिमाही खाते में जमा होता है। 20,500 रुपए केवल औसत मासिक इनकम है।
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Post Office MIS का कैलकुलेशन
- निवेश: 15,00,000 रुपए
- ब्याज दर: 7.4% सालाना
- हर महीने ब्याज: 9,250 रुपए
- सालाना ब्याज: 1,11,000 रुपए
- 5 साल में कुल ब्याज: 5,55,000 रुपए
इस तरह दोनों योजनाओं से मिलने वाली टोटल मंथली इनकम करीब 29,750 रुपए होगी। यानी आप हर महीने लगभग 30,000 रुपए की रेगुलर इनकम मिल सकती है।
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SCSS के प्रमुख फायदे
– Senior Citizens Savings Scheme खासतौर पर 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है।
– इसमें सरकार की ओर से तय ब्याज मिलता है और ब्याज हर तिमाही निवेशक के खाते में जमा किया जाता है।
– यह योजना सुरक्षित मानी जाती है और इसमें इनकम कर अधिनियम की धारा 80C के तहत तय सीमा तक टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है।
Post Office MIS के फायदे
– Post Office Monthly Income Scheme उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है, जिन्हें हर महीने निश्चित इनकम चाहिए।
– इस योजना में हर महीने ब्याज सीधे खाते में मिलता है और मैच्योरिटी पर निवेश की गई पूरी मूल राशि वापस मिल जाती है।
– नियमित खर्च चलाने के लिए यह योजना काफी उपयोगी मानी जाती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में किया गया कैलकुलेशन मौजूदा ब्याज दरों के आधार पर है। ब्याज दरें सरकार द्वारा समय-समय पर बदली जा सकती हैं। वास्तविक रिटर्न निवेश की तारीख, लागू नियमों और पात्रता के अनुसार अलग हो सकता है। निवेश का फैसला करने से पहले संबंधित योजना के आधिकारिक नियमों की जांच करें या वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

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