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Service Charge Refund: बिल में सर्विस चार्ज जोड़ना रेस्टोरेंट को पड़ा भारी! शिकायत पर रिफंड के साथ चुकाना पड़ा 3,000 रुपये का मुआवजा
Service Charge Refund: बिल में सर्विस चार्ज जोड़ना रेस्टोरेंट को पड़ा भारी! शिकायत पर रिफंड के साथ चुकाना पड़ा 3,000 रुपये का मुआवजा

Service Charge Refund: बिल में सर्विस चार्ज जोड़ना रेस्टोरेंट को पड़ा भारी! शिकायत पर रिफंड के साथ चुकाना पड़ा 3,000 रुपये का मुआवजा

Service Charge Refund: फेस्टिव सीजन में अगर आप परिवार के साथ रेस्टोरेंट में डिनर करने जा रहे हैं, तो खाने के बिल पर जरूर नजर डालें। कहीं ऐसा न हो कि खाने-पीने की चीजों और टैक्स के अलावा आपसे सर्विस चार्ज के नाम पर भी अतिरिक्त पैसे वसूल लिए जाएं। अगर रेस्टोरेंट प्रबंधन आपकी मर्जी के बिना सर्विस चार्ज वसूलता है और आप इसका विरोध करते हैं, तो आपके लिए बेंगलुरु का यह मामला जानना जरूरी है। यहां एक ग्राहक से बिल में 7.5% सर्विस चार्ज के नाम पर 128 रुपये एक्स्ट्रा मांगे गए। ग्राहक ने इसका विरोध किया और संबंधित दिशानिर्देशों का हवाला दिया, लेकिन रेस्टोरेंट ने चार्ज हटाने से इनकार कर दिया। आखिरकार ग्राहक को उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ा। आयोग ने रेस्टोरेंट को 128 रुपये वापस करने, उस पर ब्याज देने और मानसिक पीड़ा व मुकदमे के खर्च के लिए कुल 3,000 रुपये देने का निर्देश दिया।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला बेंगलुरु के एक रेस्टोरेंट का है। 24 मार्च 2026 को वहां डिनर करने पहुंचे एक ग्राहक के बिल में 7.5% सर्विस चार्ज के रूप में 128 रुपये एक्स्ट्रा जोड़े गए। ग्राहक ने इस वसूली पर आपत्ति जताई और केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए सर्विस चार्ज हटाने की मांग की। इसके बावजूद रेस्टोरेंट प्रबंधन ने चार्ज हटाने से इनकार कर दिया। नतीजतन, ग्राहक को अतिरिक्त रकम चुकानी पड़ी। इसके बाद उसने अपने पैसे वापस पाने के लिए कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया।

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रेस्टोरेंट को भेजा लीगल नोटिस, फिर भी नहीं मिली राहत

रेस्टोरेंट से राहत नहीं मिलने पर ग्राहक ने 10 अप्रैल 2026 को उसे कानूनी नोटिस भेजा। इसमें सर्विस चार्ज की वापसी और मुआवजे की मांग की गई। हालांकि, रेस्टोरेंट की ओर से इस नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद ग्राहक ने 10 जून 2026 को बेंगलुरु अर्बन-II के उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (Consumer Disputes Redressal Commission) में शिकायत दर्ज कराई। ग्राहक की शिकायत पर सुनवाई के बाद आयोग ने मामले में फैसला सुनाया।

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ग्राहक की मर्जी के बिना सर्विस चार्ज वसूलना गलत

मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने माना कि ग्राहक की इच्छा के विरुद्ध सर्विस चार्ज वसूलना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार है। आयोग ने 25 सितंबर 2026 को रेस्टोरेंट को ग्राहक को राहत देने का निर्देश दिया। आयोग के आदेश के मुताबिक, रेस्टोरेंट को ग्राहक को ये रकम देनी होगी:

  • 128 रुपये का रिफंड: सर्विस चार्ज के रूप में वसूली गई रकम वापस करनी होगी।
  • 8% सालाना ब्याज: 24 मार्च 2026 से सर्विस चार्ज की रकम पर 8% वार्षिक ब्याज देना होगा।
  • 2,000 रुपये मुआवजा: मानसिक पीड़ा के लिए ग्राहक को 2,000 रुपये देने होंगे।
  • 1,000 रुपये मुकदमे का खर्च: शिकायत और कानूनी कार्रवाई पर हुए खर्च के लिए 1,000 रुपये देने होंगे।

इस तरह ग्राहक को सर्विस चार्ज की वापसी के अलावा 2,000 रुपये मानसिक पीड़ा के मुआवजे और 1,000 रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में मिलेंगे। यानी कुल 3,000 रुपये एक्स्ट्रा भुगतान का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, सर्विस चार्ज की रकम पर 8% सालाना ब्याज भी देय होगा।

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