stock-markett.online
Share Market Crash: ₹17 लाख करोड़ स्वाहा! 4 दिन में 3,500 अंक गिरा सेंसेक्स, क्यों आ रही है गिरावट? जान लीजिए 5 कारण
Share Market Crash: ₹17 लाख करोड़ स्वाहा! 4 दिन में 3,500 अंक गिरा सेंसेक्स, क्यों आ रही है गिरावट? जान लीजिए 5 कारण

Share Market Crash: ₹17 लाख करोड़ स्वाहा! 4 दिन में 3,500 अंक गिरा सेंसेक्स, क्यों आ रही है गिरावट? जान लीजिए 5 कारण

शेयर बाजार आज लगातार दूसरे दिन लहूलुहान हुआ है। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स में 1,500 अंक से ज्यादा गिरावट आई जबकि निफ्टी 450 अंक से ज्यादा गिर गया। पिछले चार सत्र में सेंसेक्स में 3,500 अंक यानी चार फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। इससे निवेशकों के 17 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। जान लीजिए शेयर बाजार में गिरावट के 5 कारण।

मोदी की अपील

मोदी की अपील

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के चलते लोगों से ईंधन का विवेकपूर्ण इस्तेमाल, सोने की खरीद टालने तथा विदेश यात्राओं को स्थगित करने जैसे कदम उठाने की जरूरत है ताकि अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके। हैदराबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो का इस्तेमाल बढ़ाने, कारपूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करने, पार्सल परिवहन के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह दी थी ताकि विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके। उनकी इस अपील से बाजार की धारणा प्रभावित हुई है।

ईरान युद्ध

ईरान युद्ध

ईरान युद्ध के हाल-फिलहाल खत्म होने की उम्मीदें क्षीण होती जा रही हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ सीजफायर लाइफ सपोर्ट पर है। अमेरिका ने ईरान के सामने शांति का एक प्रस्ताव रखा था लेकिन ईरान ने इसमें कई शर्तें लगाई हैं। ट्रंप ने इसे कूड़ा बताते हुए कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। इससे दुनियाभर में तेल की सप्लाई टाइट हुई है

कच्चे तेल की कीमत

कच्चे तेल की कीमत

कच्चे तेल की कीमत में एक बार फिर तेजी आई है। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने चेतावनी दी है कि दुनिया में कच्चे तेल का स्टॉक खतरनाक रूप से कम लेवल की तरफ बढ़ रहा है। अप्रैल में ओपेक देशों का उत्पादन 26 साल में सबसे कम स्तर पर पहुंच गया। उधर पश्चिम एशिया में शांति बहाली की दूर-दूर तक कोई उम्मीद नहीं है। साफ है कि आने वाले दिनों में स्थिति विकराल हो सकती है। कच्चा तेल करीब 3 फीसदी तेजी के साथ 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।

रुपये में गिरावट

रुपये में गिरावट

भारतीय रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 35 पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 95.63 पर पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव एवं समझौते की उम्मीदें धूमिल होने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.57 पर खुला और फिर टूटकर सर्वकालिक निचले स्तर 95.63 पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 35 पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया सोमवार को 79 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने रिकॉर्ड निचले स्तर 95.28 पर बंद हुआ था।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 8,437 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से 20 अरब डॉलर से अधिक निकाल चुके हैं। इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है। भारतीय रुपया इस साल 6.5 फीसदी गिर चुका है और यह पिछले एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसीज में शामिल है।

Leave a Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *