Share Market Crash: 24 घंटे में दोबारा अपील और दो दिन में करीब 2,000 लुढ़क गया सेंसेक्स, रुपया ऑल टाइम लो पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संकट को कोरोना के बाद सबसे बड़ा संकट बताते हुए लोगों से फ्यूल और विदेशी मुद्रा बचाने के साथ-साथ वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है। इससे इकॉनमी को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स 1456.04 अंक यानी 1.92% गिरावट के साथ 74,559.24 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 436.30 अंक यानी 1.83% फिसलकर 23,379.55 अंक पर आ गया। दो दिन में सेंसेक्स 2,700 अंक से अधिक फिसला है।
आज की गिरावट से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये गिरकर 458 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 95.62 के ऑल टाइम लो लेवल पर बंद हुआ। सेंसेक्स से 30 शेयरों में से 27 गिरावट के साथ बंद हुए। टेक महिंद्रा में सबसे ज्यादा 4.40 फीसदी गिरावट रही। अडानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक, टीसीएस, टाइटन, इन्फोसिस, बीईएल, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और अल्ट्राटेक सीमेंट में भी 2 से 4 फीसदी तक गिरावट आई। दूसरी ओर एनटीपीसी, एसबीआई और भारती एयरटेल के शेयर मामूली तेजी के साथ बंद हुए।
ब्रॉडर बाजार का हाल
ब्रॉडर बाजार में निफ्टी मिडकैप में 2.54 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप में 3.17 फीसदी गिरावट रही। सेक्टरवाइज देखें तो निफ्टी आई और निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट आई। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी मीडिया में भी गिरावट रही जबकि निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑयल एंड गैस का प्रदर्शन अच्छा रहा।
शेयर बाजार की चाल
- शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 1,456 अंक गिरा
- भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले आज ऑल टाइम लो पर बंद हुआ
- टेक महिंद्रा, अडानी पोर्ट्स, टीसीएस और एचसीएल टेक में गिरावट
- एनटीपीसी, एसबीआई और भारती एयरटेल के शेयरों में मामूली तेजी
कच्चे तेल की कीमत
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि पश्चिम एशिया में शांति वार्ता लाइफ सपोर्ट पर है। उनके इस बयान के बाद कच्चे तेल की कीमत तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड करीब 3 फीसदी की तेजी के साथ 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको का कहना है कि दुनिया में तेल का भंडार तेजी से कम हो रहा है।
रॉयटर्स के एक सर्वे के मुताबिक अप्रैल में तेल के उत्पादन में भारी गिरावट आई है। ओपेक देशों का रोजाना उत्पादन इस दौरान 830,000 बैरल घटकर 20.04 मिलियन बैरल रह जो साल 2000 के बाद सबसे कम है। इस दौरान कुवैत के उत्पादन में सबसे ज्यादा गिरावट आई। उसका पूरा एक्सपोर्ट होर्मुज स्ट्रेट से होता है लेकिन ईरान युद्ध के कारण वहां से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बंद है।

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