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Vodafone Idea News: बदलाव; कुमार मंगलम बिड़ला को मिली चेयरमैन पद की जिम्मेदारी, रविंदर टक्कर ने दिया इस्तीफा
Vodafone Idea News: बदलाव; कुमार मंगलम बिड़ला को मिली चेयरमैन पद की जिम्मेदारी, रविंदर टक्कर ने दिया इस्तीफा

Vodafone Idea News: बदलाव; कुमार मंगलम बिड़ला को मिली चेयरमैन पद की जिम्मेदारी, रविंदर टक्कर ने दिया इस्तीफा

Vodafone Idea News: टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) ने मैनेजमेंट लेवल में बड़ा बदलाव किया है। ET NOW डिजिटल के अनुसार, टेलीकॉम कंपनी ने मंगलवार को स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि कुमार मंगलम बिड़ला को 5 मई, 2026 से वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स का नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

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Vodafone Idea News: कंपनी ने टक्‍कर का इस्‍तीफा स्‍वीकारा

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कंपनी बोर्ड ने रविंदर टक्कर की बोर्ड के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के पद से इस्‍तीफे को स्‍वीकार लिया है। जोकि आज यानी 5 मई, 2026 से लागू होगा माना जाएगा। टक्कर, जो बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर बने हुए हैं, उन्हें उसी तारीख से वोडाफोन आइडिया लिमिटेड का नॉन-एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन अपॉइंट किया गया है।बिड़ला, जिनके पास डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर 00012813 है। इस अपॉइंटमेंट से पहले ही कंपनी के बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे। टक्कर, जिनके पास DIN 01719511 है, भी अपनी डायरेक्टर की कैपेसिटी में बने हुए हैं।लेटेस्‍ट मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बिड़ला की यह नियुक्ति ठीक ऐसे समय में हुई है, जब कंपनी को सरकार से बड़ी वित्तीय राहत मिली है। हाल ही में टेलीकॉम विभाग (DoT) ने वोडाफोन-आइडिया के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाए में करीब 20,000 करोड़ रुपए की कटौती की है।

AGR बकाए में 27% की कमी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने वोडाफोन-आइडिया को बड़ी राहत देते हुए उसके AGR बकाए में 27% की कमी की है। पिछले साल दिसंबर तक यह बकाया 87,695 करोड़ रुपए था, जिसे अब घटाकर 64,046 करोड़ रुपए कर दिया गया है। टेलीकॉम विभाग की एक कमेटी ने बकाए की गणना का दोबारा आकलन किया, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

मालूम हो, कि साल 2019 से AGR विवाद चल रहा है। जब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था, कि टेलीकॉम कंपनियों को गैर-टेलीकॉम रेवेन्यू पर भी सरकार को लाइसेंस फीस देनी होगी। उस समय सरकारी केलकुलेशन में Vi का बकाया 58,254 करोड़ रुपए था, जबकि कंपनी इसे 21,500 करोड़ रुपए बता रही थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 2025 में कोर्ट ने क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई करते हुए सरकार को दोबारा केलकुलेट करने की छूट दी थी।

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