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कच्चे तेल का सितम, क्या बदलेगा ट्रेंड या जारी रहेगी गिरावट, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत
कच्चे तेल का सितम, क्या बदलेगा ट्रेंड या जारी रहेगी गिरावट, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

कच्चे तेल का सितम, क्या बदलेगा ट्रेंड या जारी रहेगी गिरावट, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: सोमवार को भारतीय बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी सपाट स्तर पर खुल सकते हैं। लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद, GIFT निफ्टी भी बाजार के सपाट रहने का संकेत दे रहा है। कमजोर एशियाई बाजार, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और जियोपॉलिटिकल तनाव बाजार की धारणा पर दबाव डाल सकते हैं। हालांकि, तेल की कीमतों में कमी और US इक्विटी फ्यूचर्स में हल्की तेजी से कुछ राहत मिल सकती है। इस हफ्ते US फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले और बड़ी कंपनियों के नतीजों (earnings) की घोषणाओं को देखते हुए निवेशक सतर्क रहेंगे।

सुबह 8 बजे के आसपास GIFT निफ्टी 22,610 पर कारोबार कर रहा था, जो कि महज 2 अंक या 0.01 प्रतिशत की बढ़त है। शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे; सेंसेक्स 125.56 अंक (0.17 प्रतिशत) गिरकर 73,123.83 पर आ गया, जबकि निफ्टी 87.65 अंक (0.39 प्रतिशत) गिरकर 22,600 पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में गिरावट

सोमवार को एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई। निवेशक ऊर्जा की ऊंची कीमतों, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश की संभावनाओं का आकलन कर रहे हैं। इस हफ्ते केंद्रीय बैंकों की कई बैठकें और कंपनियों के नतीजों की घोषणाएं होनी हैं। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI इंडेक्स 0.1 प्रतिशत नीचे आ गया।

जापान का निक्केई (Nikkei) 0.8 प्रतिशत गिर गया; पिछले हफ्ते इसमें 4 प्रतिशत की गिरावट आई थी। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 0.4 प्रतिशत नीचे आया, जिससे अक्टूबर में इसकी कुल गिरावट लगभग 19 प्रतिशत हो गई है। US इक्विटी फ्यूचर्स में हल्की तेजी रही; S&P 500 और नैस्डैक (Nasdaq) फ्यूचर्स दोनों में 0.2 प्रतिशत की बढ़त दिखी, जिससे वैश्विक बाजार की धारणा को कुछ सहारा मिला।

फेड के फैसले और AI से जुड़ी कंपनियों के नतीजों से पहले वॉल स्ट्रीट में गिरावट

शुक्रवार को US शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशक बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजों और 27-28 अक्टूबर को होने वाली फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक को लेकर सतर्क रहे। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 652.82 अंक या 1.23 प्रतिशत गिरकर 52,215.16 पर आ गया, जबकि S&P 500 में 0.52 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,623.68 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 0.21 प्रतिशत गिरकर 25,955.34 पर आ गया, क्योंकि हालिया नुकसान के बाद टेक्नोलॉजी शेयरों में कुछ स्थिरता आई है।

आने वाला सप्ताह ग्लोबल इक्विटी (शेयर बाजारों) के लिए महत्वपूर्ण होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी प्रमुख कंपनियों के नतीजे इस सेक्टर के भविष्य के बारे में नए संकेत दे सकते हैं। इससे पहले, वैल्यूएशन और निवेश खर्च को लेकर चिंताओं ने बाजार की धारणा पर दबाव डाला था।

पिछले हफ्ते की तेजी के बाद ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर के नीचे आया

सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। पिछले हफ्ते के अंत में ये कीमतें लगभग छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं, लेकिन मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव कम करने के लिए राजनयिक प्रयासों की खबरों से कुछ राहत मिली है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.56 डॉलर या 1.34 प्रतिशत गिरकर 115.16 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 1.60 डॉलर या 1.55 प्रतिशत गिरकर 101.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों पर दबाव बने रहने की संभावना है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और फेडरल रिजर्व की नीति को लेकर अनिश्चितता निवेशकों की धारणा पर असर डाल रही हैं। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में जारी गतिरोध और तनाव के और बढ़ने का जोखिम घरेलू बाजारों के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।

इस हफ्ते फेडरल रिजर्व की 27-28 अक्टूबर को होने वाली बैठक एक अहम ग्लोबल घटना होगी। हालांकि ऐसी उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा, लेकिन निवेशक भविष्य की नीति के संकेतों के लिए फेड के मार्गदर्शन पर बारीकी से नजर रखेंगे।

पोनमुडी का मानना ​​है कि भारतीय शेयर बाजारों के लिए निकट भविष्य में सतर्क रहने की जरूरत है। कच्चे तेल की कीमतें, मध्य पूर्व के घटनाक्रम और फेड के संकेत तय करेंगे कि निवेशक कितना जोखिम लेने को तैयार हैं। हालांकि कंपनियों के नतीजे कुछ शेयरों में निवेश के मौके पैदा कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि जब तक बाहरी दबाव कम नहीं होते, तब तक पूरे बाजार में व्यापक रिकवरी आना मुश्किल हो सकता है।

 

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