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ज्वैलरी vs सिक्के vs गोल्ड ETF: दिवाली में खरीदना है सोना, कहां करें निवेश, क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
ज्वैलरी vs सिक्के vs गोल्ड ETF: दिवाली में खरीदना है सोना, कहां करें निवेश, क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

ज्वैलरी vs सिक्के vs गोल्ड ETF: दिवाली में खरीदना है सोना, कहां करें निवेश, क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

ज्वैलरी vs सिक्के vs गोल्ड ETF: त्योहारों का सीजन है और दिवाली/ धनतेरस पर सोना खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। गोल्ड में निवेश लंबे समय से किया जा रहा है और फिजिकल गोल्ड खरीदने में लोगों की दिलचस्पी ज्यादा है। हालांकि, बदलते समय के साथ गोल्ड ETF में निवेश बढ़ा है लेकिन फिजिकल गोल्ड खरीदने वालों की संख्या ज्यादा है। अधिकतर घरों में सोने की ज्वैलरी या सिक्का खरीदा जाता है। खासतौर से दिवाली या धनतेरस पर सोने/चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है।

आप भी गोल्ड खरीदने की सोच रहे हैं और जानना चाहते हैं कि ज्वैलरी, गोल्ड ETF या सिक्कों में से कौन सा ऑप्शन से अधिक रिटर्न मिल सकता है।

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क्या है गोल्ड ETF?

गोल्ड ETF म्यूचुअल फंड का एक इंन्वेस्टमेंट ऑप्शन है जो सोने की कीमतों पर आधारित है। इसमें आप सोने में निवेश करते हैं लेकिन फिजिकल सोना हाथ में नहीं होता। इसकी खरीद व बिक्री शेयर बाजार पर ठीक वैसे ही होती है जैसे शेयर। गोल्ड ईटीफ उस दिन के सोने के भाव पर ही खरीदे जाते हैं। गोल्ड ईटीफ को यूनिट्स में खरीदा जाता है। एक गोल्ड ईटीफ का मतलब 1 ग्राम सोना है। ज्यादा पैसा नहीं है तो 1 या 2 यूनिट खरीदने का भी विकल्प रहता है।

गोल्ड ज्वैलरी में निवेश महिलाओं की पहली पसंद है लेकिन मेंकिग चार्ज व 3% जीएसटी इसे ईटीएफ के मुकाबले महंगा बनाते हैं। बेचते समय भी मेकिंग चार्ज काटकर सोने के वजन की कीमत मिलती है। निवेश के लिए यह थोड़ा कमजोर विकल्प हैं। सोने के बार या सिक्के शुद्धता के मामले में बेहतर हैं। इन्हें आसानी से बेच सकते हैं या फिर गहनें बनवा सकते हैं। ज्वैलरी के मुकाबले मेकिंग चार्ज भी कम है लेकिन 3% जीएसटी देनी पड़ती है।

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एक्सपर्ट की क्या है राय?

ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल की राय है कि मौजूदा समय में गंभीर वैश्विक संकटों के बीच फिजिकल गोल्ड में निवेश बेहतर है क्योंकि क्राइसेस के समय इन-हेंड गोल्ड ज्यादा मजबूत रहता है। नई जेनरेशन का रूझान गोल्ड ईटीएफ में है। खासतौर से प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले घर बैठे सोना उसी दामों में खरीद सकते हैं। फिर भी जब तक विश्विक सकंट कमजोर नहीं पड़ता तब तक फिजिकल गोल्ड (ज्वैलरी या सोने के सिक्के) खरीदना सही रहेगा। इनसे सेंटीमेंट जुड़ते हैं जो लॉग टर्म निवेश के लिए यह बेहतर है।

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