नवरात्रि में PV सेल्स में 9% गिरावट, 2-व्हीलर और कमर्शियल सेगमेंट ने संभाली कमान; नुवामा को इन 3 ऑटो शेयर पर भरोसा
Auto Sales Data: देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए चालू वित्त वर्ष का फेस्टिव सीजन मिला-जुला साबित हो रहा है। शुरुआती वाहन रजिस्ट्रेशन आंकड़ों और डीलर स्तर पर की गई पड़ताल के अनुसार, त्योहारी मांग में सुस्ती के स्पष्ट संकेत दिखने लगे हैं। जहां वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (H1FY27) में सभी कैटगरी में 20 फीसदी से अधिक की तेज ग्रोथ देखी गई थी, वहीं त्योहारी सीजन की शुरुआत में यह रफ्तार सुस्त पड़ी है। खासकर पैसेंजर व्हीकल यानी कारों की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है।ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान (11 अक्टूबर से 23 अक्टूबर) कारों के रजिस्ट्रेशन में सालाना आधार पर 9 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि, कमर्शियल व्हीकल (CV) और टू-व्हीलर सेगमेंट ने बाजार को मजबूती दी है। इस दौरान कमर्शियल कार्गो व्हीकल्स की बिक्री 21 फीसदी और टू-व्हीलर्स की बिक्री 13 फीसदी बढ़ी है। पिछले साल के उच्च बेस, ग्रामीण इलाकों में असमान मांग और चुनिंदा मॉडल्स पर लंबे वेटिंग पीरियड को इस नरमी की मुख्य वजह माना जा रहा है।नवरात्रि में वाहनों का प्रदर्शनवाहन पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, 13 दिनों के नवरात्रि पर्व के दौरान कुल 2,43,022 पैसेंजर वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि के 2,68,153 वाहनों के मुकाबले 9 फीसदी कम है। पढ़ें: भारत में E100 कारों को मिली हरी झंडी! जल्द लॉन्च हो सकती हैं नई फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां, क्या पेट्रोल का खर्च होगा कम?वहीं, दोपहिया वाहनों की बिक्री 10.20 लाख से बढ़कर 11.52 लाख यूनिट (13 फीसदी ग्रोथ) पर पहुंच गई। थ्री-व्हीलर्स में 8 फीसदी और कमर्शियल कार्गो वाहनों में 21 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, गणेश चतुर्थी से शुरू हुए 40 दिनों के व्यापक त्योहारी दौर पर नजर डालें, तो कम बेस के कारण पीवी में 33 फीसदी और टू-व्हीलर में 39 फीसदी की ग्रोथ दर्ज हुई है, लेकिन नवरात्रि आते-आते यह तेजी काफी हद तक सीमित हो गई।कंपनियों का रिपोर्ट कार्ड – TVS, होंडा और महिंद्रा को फायदाटू-व्हीलर सेगमेंट में टीवीएस मोटर्स और होंडा ने अपने प्रतिद्वंद्वियों से बाजार हिस्सेदारी छीनी है। टीवीएस मोटर्स का मार्केट शेयर 136 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 19.7 फीसदी हो गया, जबकि होंडा का शेयर बढ़कर 27.4 फीसदी पर पहुंच गया। इसके उलट, हीरो मोटोकॉर्प में 27.8 फीसदी और बजाज ऑटो में 8.5 फीसदी की हिस्सेदारी घटी है। रॉयल एनफील्ड को बुलेट 350 और क्लासिक 350 पर वेटिंग पीरियड होने की वजह से वॉल्यूम का नुकसान उठाना पड़ा और उसका शेयर गिरकर 4.9 फीसदी रह गया।कार बाजार की बात करें तो महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) अकेली बड़ी विजेता बनकर उभरी। कुल कार बाजार में 9 फीसदी गिरावट के बावजूद M&M ने नवरात्रि में 9 फीसदी की वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की और अपनी बाजार हिस्सेदारी 10.5 फीसदी से बढ़ाकर 12.6 फीसदी कर ली। वहीं, मार्केट लीडर मारुति सुजुकी की बिक्री में 11 फीसदी और टाटा मोटर्स पीवी में 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।लोन पर बढ़ती निर्भरता और ईवी का क्रेजनुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड के डीलर्स से बातचीत में सामने आया कि ग्राहक एंट्री-लेवल कारों से दूरी बना रहे हैं। मारुति के डीलर्स के मुताबिक ब्रेजा, फ्रॉन्क्स और अर्टिगा पर एक महीने की वेटिंग है और सीएनजी की हिस्सेदारी 25 फीसदी पार कर चुकी है। गाड़ियों की बढ़ती कीमतों के बीच फाइनेंस पेनेट्रेशन रिकॉर्ड 94 फीसदी पर पहुंच गया है, जहां ग्राहक ईएमआई के सहारे खरीदारी कर रहे हैं। दूसरी तरफ, इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर्स में डबल-डिजिट ग्रोथ बनी हुई है। एथर एनर्जी और हीरो विडा के स्कूटर्स पर 15 से 45 दिनों का वेटिंग पीरियड चल रहा है।पढ़ें: Navratri 2026 Auto Sales: नवरात्रि में वाहन बिक्री 6.52% घटी, EV की मांग में 26.78% का उछाल; धनतेरस-दिवाली पर अच्छी डिमांड रहने की उम्मीदऑटो शेयरों पर नुवामा का आउटलुक और रेटिंगनुवामा का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही (H2FY27) में वॉल्यूम ग्रोथ धीमी रहेगी, हालांकि टू-व्हीलर और कारों के लिए यह सकारात्मक बनी रह सकती है। ब्रोकरेज ने नए प्रोडक्ट्स और हेल्दी वेटिंग पीरियड वाली कंपनियों को तरजीह दी है। टॉप पिक्स में आइशर मोटर्स, हुंडई और टाटा PV शामिल हैं।सेगमेंटकंपनी का नामरेटिंग2WsEicher MotorsBuy2WsTVS MotorsBuy2WsBajaj AutoBuy2WsHero MotoCorpBuyOther OEMsMaruti SuzukiBuyOther OEMsTata Motors CVBuyOther OEMsTata Motors PVBuyOther OEMsMahindra & MahindraBuyOther OEMsHyundaiBuyOther OEMsEscorts KubotaHoldOther OEMsAshok LeylandBuyOther OEMsAjax EngineeringBuyपैसेंजर व्हीकल बिक्री में गिरावट की वजह1- पिछले साल इसी अवधि के दौरान जीएसटी कटौती की वजह से बिक्री काफी अधिक रही थी, जिसके चलते इस साल का बेस काफी ऊंचा हो गया।2- लंबा वेटिंग पीरियड और सप्लाई की कमी खासकर पैसेंजर व्हीकल्स (PVs) और चुनिंदा टू-व्हीलर्स (2Ws) के लोकप्रिय मॉडल्स पर देखी जाने लगी। सप्लाई सीमित होने की वजह से कई डीलरशिप्स पर बुकिंग कैंसिलेशन और डिलीवरी में देरी देखी गई – जैसे मारुति के ब्रेजा/फ्रोंक्स, होंडा की SP125 और आयशर के बुलेट/क्लासिक 350।3- दक्षिण और पश्चिम क्षेत्रों के बाजारों का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा है, जिससे कुल विकास दर सीमित हो गई।(Disclaimer: शेयर पर निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई है। यह ET NOW Swadesh के निजी विचार नहीं हैं। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।)

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