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बच्चे का भविष्य करना है सिक्योर? आज ही नोट कर लें एक्सपर्ट के बताए ये 5 जरूरी फॉर्मूले
बच्चे का भविष्य करना है सिक्योर? आज ही नोट कर लें एक्सपर्ट के बताए ये 5 जरूरी फॉर्मूले

बच्चे का भविष्य करना है सिक्योर? आज ही नोट कर लें एक्सपर्ट के बताए ये 5 जरूरी फॉर्मूले

Wealth Management Tips for New Parents: घर में बच्चे का आना किसी भी माता-पिता के जीवन का सबसे खूबसूरत और जिंदगी बदल देने वाला अनुभव होता है। यह पल असीम खुशियां लेकर आता है, लेकिन इसके साथ ही माता-पिता पर कई नई और बड़ी जिम्मेदारियां भी आ जाती हैं। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा जिंदगी में हर मुकाम हासिल करे और इसके लिए एक मजबूत आर्थिक आधार होना बेहद जरूरी है।

अक्सर नए माता-पिता बच्चे की परवरिश में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि उसके भविष्य की वित्तीय प्लानिंग को नजरअंदाज कर देते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बच्चे की उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य और लंबी अवधि के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए शुरुआत से ही सही कदम उठाने चाहिए। आइए एक्सपर्ट से समझते हैं नए माता-पिता को बच्चे के सुरक्षित भविष्य के लिए कौन से 5 बड़े कदम तुरंत उठाने चाहिए।

1. पर्याप्त लाइफ और हेल्थ कवर है सबसे पहला कदम

एक्सपर्ट के अनुसार, नए माता-पिता को सबसे पहले एक बेहतरीन टर्म इंश्योरेंस प्लान लेना चाहिए ताकि किसी अनहोनी के वक्त भी बच्चे का भविष्य सुरक्षित रहे। इसके तुरंत बाद एक कॉम्प्रीहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस प्लान भी जरूरी है। आजकल मेडिकल खर्च तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में सही हेल्थ कवर आपकी जमा-पूंजी को सुरक्षित रखता है, जिसे आप बाद में बच्चे के लिए निवेश कर सकते हैं।

2. कम से कम 6 महीने का बनाएं इमरजेंसी फंड

जीवन में कभी भी नौकरी जाने, बिजनेस में नुकसान या मेडिकल इमरजेंसी जैसी चुनौतियां आ सकती हैं। इसलिए माता-पिता को कम से कम 6 महीने के घरेलू खर्च के बराबर एक इमरजेंसी फंड जरूर बनाए रखना चाहिए। यह लिक्विड फंड आपके पास कैश या सेविंग्स अकाउंट में होना चाहिए ताकि किसी भी जरूरत के समय आपको अपने लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट्स या म्यूचुअल फंड्स को बीच में न बेचना पड़े।

3. बच्चे के नाम पर ही शुरू करें म्यूचुअल फंड SIP

उच्च शिक्षा के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए निवेश करना सबसे बेहतर विकल्प है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि माता-पिता को यह एसआईपी विशेष रूप से अपने नाबालिग बच्चे के बैंक खाते से ही शुरू करनी चाहिए। ऐसा करने से माता-पिता अपने लक्ष्य के प्रति ज्यादा प्रतिबद्ध रहते हैं और उस पैसे को किसी अन्य काम में खर्च करने से बचते हैं।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महंगाई दर करीब 8% की रफ्तार से बढ़ रही है, इसलिए निवेश में देरी करना आपको बहुत भारी पड़ सकता है। इसे एक उदाहरण से समझें- आज के समय में जिस हायर एजुकेशन (उच्च शिक्षा) की कीमत करीब ₹30 लाख है, वह 8% की महंगाई दर के कारण 18 साल बाद बढ़कर ₹1.2 करोड़ हो जाएगी। ₹1.2 करोड़ के टारगेट को हासिल करने के लिए अगर आप इक्विटी म्यूचुअल फंड में ₹15,765 प्रति माह की SIP शुरू करते हैं, तो 12.62% के अनुमानित सीएजीआर पर 18 साल में यह फंड तैयार हो जाएगा।

अगर आप इस एसआईपी को शुरू करने में सिर्फ 12 महीने या 1 साल की भी देरी कर देते हैं, तो 18 साल बाद आपके पास निर्धारित फंड में करीब ₹15 लाख की भारी कमी हो जाएगी।

कुल मिलाकर माता-पिता बनते ही टर्म इंश्योरेंस, हेल्थ कवर, इमरजेंसी फंड और बच्चे की पढ़ाई के लिए लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट प्लान जैसे बुनियादी विचारों को लागू करना बेहद शक्तिशाली तरीका है। अगर इन प्लान्स को सही समय पर और अनुशासित तरीके से शुरू किया जाए, तो यह आपके नए परिवार को एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा कवच प्रदान करेगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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