यमुना एक्सप्रेसवे पर मदरसन ग्रुप का बड़ा दांव! ₹3,500 करोड़ की लागत से बनेगी ऑटो पार्ट्स फैक्ट्री, मिलेंगे 20,000 रोजगार
Yamuna Expressway Project: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। मदरसन ग्रुप की कंपनी संवर्धना मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड (SAMIL) को ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स की एक बड़ी विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए प्राधिकरण की ओर से आशय पत्र (Letter of Intent- LoI) जारी किया गया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी इस परियोजना पर करीब 3,491 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। इसके लिए सेक्टर-6 और सेक्टर-7 में लगभग 150 एकड़ भूमि पर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी विकसित की जाएगी। परियोजना से अगले पांच वर्षों में करीब 20,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को ऑटोमोबाइल और औद्योगिक मैन्युफैक्चरिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
150 एकड़ में बनेगा आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स
प्रस्तावित फैक्ट्री को एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स के उत्पादन से जुड़े कई चरणों को एक ही स्थान पर संचालित करने की व्यवस्था होगी। रिपोर्ट के अनुसार, परिसर में डिजाइन सपोर्ट, प्रिसिजन टूलिंग, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, सब-असेंबली, फाइनल असेंबली और उत्पादों की टेस्टिंग के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।
इस इंटीग्रेटेड व्यवस्था का उद्देश्य उत्पादन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना, मैन्युफैक्चरिंग की दक्षता बढ़ाना और ऑटोमोबाइल उद्योग की सप्लाई चैन को मजबूत करना है। यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में इतनी बड़ी परियोजना से स्थानीय औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ सहायक उद्योगों के लिए भी अवसर पैदा हो सकते हैं।
किन-किन ऑटोमोबाइल पार्ट्स का होगा निर्माण?
प्रस्तावित इकाई में वाहनों के कई महत्वपूर्ण पुर्जों और तकनीकी उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें वायरिंग हार्नेस, पीवीसी-इन्सुलेटेड तार, बाहरी रियर-व्यू मिरर, इंटीरियर और एक्सटीरियर मिरर सिस्टम, ऑटोमोबाइल लाइटिंग सिस्टम और एग्जॉस्ट सिस्टम शामिल हैं।
इसके अलावा, कंपनी कटिंग टूल्स, एयरोस्पेस कंपोनेंट्स, इंजेक्शन-मोल्डेड उत्पादों और आधुनिक टूलिंग सॉल्यूशंस के निर्माण का काम भी करेगी। इस तरह प्रस्तावित प्लांट केवल ऑटोमोबाइल पार्ट्स के उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे संबंधित तकनीकी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
5 साल में 20 हजार रोजगार का लक्ष्य
इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रोजगार सृजन है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी को उम्मीद है कि अगले पांच वर्षों में इससे लगभग 20,000 रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इतने बड़े स्तर की औद्योगिक परियोजना से उत्पादन, इंजीनियरिंग, क्वालिटी कंट्रोल, मशीन संचालन, असेंबली, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक कार्यों में रोजगार की संभावनाएं बन सकती हैं।
YEIDA में निवेश को लेकर बढ़ रही कंपनियों की दिलचस्पी
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में पिछले कुछ समय से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जून में परिचालन शुरू होने का उल्लेख करते हुए अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
रिपोर्ट के अनुसार, कई कंपनियां यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास विनिर्माण इकाइयां, लॉजिस्टिक्स सुविधाएं और अन्य औद्योगिक परियोजनाएं स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रही हैं। एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे जैसे परिवहन ढांचे से माल की आवाजाही, आपूर्ति शृंखला और औद्योगिक कनेक्टिविटी को लाभ मिल सकता है। इससे क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक भूखंडों पर भी तेज हो रहा काम
अखबार में दी गई जानकारी के मुताबिक, YEIDA ने पिछले महीने 4,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले औद्योगिक भूखंडों की प्रगति की समीक्षा की थी। कुल 295 भूखंडों में से 181 के लिए लीज डीड निष्पादित की जा चुकी थी। वहीं, 152 भूखंडों का कब्जा आवंटियों को दिया गया था और 69 भूखंडों पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका था। रिपोर्ट के अनुसार, 13 यूनिट्स में उत्पादन भी शुरू हो गया था।
ये आंकड़े बताते हैं कि क्षेत्र में औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के साथ-साथ निर्माण और उत्पादन की गतिविधियां भी आगे बढ़ रही हैं। हालांकि, भूखंडों की अलग-अलग श्रेणियों के आंकड़ों को जोड़कर कुल प्रगति का अनुमान नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि उनके बीच कुछ अंतर हो सकता है।
औपचारिक आवंटन लेटर का इंतजार
YEIDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर.के. सिंह के हवाले से अखबार ने बताया है कि परियोजना से संबंधित औपचारिक आवंटन पत्र राज्य सरकार की ओर से आगामी दिनों में जारी किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल कंपनी को आशय पत्र जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। परियोजना के अगले चरणों में भूमि आवंटन की औपचारिकताएं, निर्माण की तैयारी और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण होंगी।
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मदरसन की प्रस्तावित ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स फैक्ट्री YEIDA क्षेत्र में बड़े औद्योगिक निवेश की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। करीब 150 एकड़ में प्रस्तावित इस परियोजना से वाहन उद्योग की सप्लाई चैन को मजबूती मिलने और अगले पांच वर्षों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
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