stock-markett.online
सऊदी अरब पर हूती विद्रियों के हमलों से क्रूड में उबाल, 112 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड
सऊदी अरब पर हूती विद्रियों के हमलों से क्रूड में उबाल, 112 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड

सऊदी अरब पर हूती विद्रियों के हमलों से क्रूड में उबाल, 112 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड

क्रूड ऑयल की कीमतों में 22 अक्तूबर को बड़ा उछाल दिखा। ब्रेंट क्रूड 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 112.27 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड में भी तेजी दिखी। यह 99.99 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इसकी वजह सऊदी अरब पर बड़ा हमला है। नाजुक स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने अपने कुछ एंप्लॉयीज और उनके परिवारों को सऊदी अरब में अमेरिकी एम्बेसी छोड़ने का आदेश दिया है।

सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा है। इसका असर ऑयल की सप्लाई पर पड़ रहा है। इस वजह से क्रूड ऑयल की कीमतें चढ़ रही हैं। हालांकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते क्रूड की सप्लाई बढ़ी है। लेकिन, बढ़ते तनाव से आगे सप्लाई में बड़ी कमी आ सकती है।

अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से ब्रेंट क्रूड 80 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। यह लड़ाई इस साल फरवरी के अंत में शुरू हुई थी। तब से क्रू़ड ऑयल की कीमतें हाई लेवल पर चल रही हैं। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ रही है। कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ाए हैं।

ईरान ने बीते कुछ हफ्तों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमले बढ़ाए हैं। उधर, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमले तेज किए हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर के पहले हफ्ते में मिड टर्म इलेक्शंस के बाद अमेरिका इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर नए हमलों का प्लान बना रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव का असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं है। इसकी आंच पूरी दुनिया में महसूस की जा रही है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ाया था। अगले हफ्ते फेड की बैठक होने वाली है। वह महंगाई को काबू में करने के लिए एक बार फिर इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

आरबीआई ने भी इस महीने की शुरुआत में इंटरेस्ट रेट बढ़ाया था। उसने करीब साढें तीन साल बाद रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की वृद्धि की थी। माना जा रहा है कि वह दिसंबर की अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में फिर रेपो रेट बढ़ा सकता है। भारत में पिछले कई महीनों से रिटेल इनफ्लेशन लगातार बढ़ रहा है। सितंबर में यह 5.54 फीसदी पर पहुंच गया। यह आरबीआई के 4 फीसदी के तय टारगेट से काफी ज्यादा है।

Leave a Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *