9 महीनों में 95000 तक जा सकता है सेंसेक्स, शेयर बाजार में तेजी को लेकर मॉर्गन स्टेनली का बड़ा दावा
Last Updated on April 9, 2026 19:35, PM by Pawan
गुरुवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट रही। सेंसेक्स 931 अंक गिरकर 76,631.65 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में सेंसेक्स 6 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया है। वहीं ग्लोबल ब्रोकरेज मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने इसमें तेजी को लेकर बड़ा दावा किया है। मॉर्गन स्टेनली के रणनीतिकार रिधम देसाई (Ridham Desai) ने अनुमान जताया है कि बीएसई सेंसेक्स दिसंबर 2026 तक 95,000 के स्तर को छू सकता है।
ब्रोकरेज के बेस केस में सेंसेक्स का टारगेट 95,000 रखा गया है, जो 8 अप्रैल के 77,563 के स्तर से करीब 22% ऊपर है। रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा वैल्यूएशन और पिछला प्रदर्शन बाजार को बड़ी तेजी के लिए तैयार दिखा रहा है। देसाई के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार दशकों के अपने सबसे खराब दौर में से एक से गुजर चुका है और अब यह एक लंबी छलांग के लिए पूरी तरह तैयार है।
तेजी के पीछे के 5 प्रमुख कारण
रिपोर्ट में उन कारणों का जिक्र किया गया है जो सेंसेक्स को 95,000 तक ले जा सकते हैं:
- सस्ता वैल्युएशन: सोने की कीमत के मुकाबले सेंसेक्स अब तक के सबसे निचले स्तर पर है।
- मजबूत अर्निंग्स: वित्त वर्ष 2028 तक कंपनियों के मुनाफे में सालाना 17% की बढ़ोतरी की उम्मीद है।
- विदेशी निवेश: पिछले कुछ महीनों में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी कम हुई है, जिससे अब बड़े निवेश की गुंजाइश बढ़ गई है।
- घरेलू ताकत: सरकारी खर्च और निजी निवेश में बढ़ोतरी से वित्तीय और औद्योगिक सेक्टर को मजबूती मिल रही है।
- नीतिगत स्थिरता: सरकार की राजकोषीय अनुशासन और स्थिर नीतियों ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा जीता है।
अलग-अलग संभावनाएं
मॉर्गन स्टेनली ने बाजार की परिस्थितियों के आधार पर तीन संभावित परिदृश्य (Scenarios) बताए हैं:
- बेस केस (50% संभावना): सेंसेक्स 95,000 पर जा सकता है। यह तब होगा जब सरकारी नीतियां स्थिर रहें। सालाना अर्निंग ग्रोथ 17% हो और कच्चा तेल सामान्य कीमत पर रहे।
- बुल केस (30% संभावना): सेंसेक्स 1,07,000 तक जा सकता है। यह तब होगा अगर कच्चा तेल 70 डॉलर से नीचे रहता है।
- बेयर केस (20% संभावना): सेंसेक्स 76,000 तक गिर सकता है। यह स्थिति तब बनेगी अगर तेल 100 डॉलर से ऊपर जाता है और ग्लोबल मंदी आती है।
किन सेक्टर्स पर दांव?
ब्रोकरेज ने घरेलू सेक्टर्स पर ज्यादा भरोसा जताया है। इनमें ये प्रमुख हैं:
- बैंकिंग और फाइनेंशियल्स
- ऑटो और इंडस्ट्रियल्स
- कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी
- एनर्जी, मटेरियल्स और यूटिलिटीज सेक्टर को कम प्राथमिकता दी गई है।
चुनौतियां भी कम नहीं
देसाई ने कुछ जोखिमों की ओर भी इशारा किया है।
- भारत के पास अभी तक कोई बड़ी ‘डायरेक्ट एआई प्ले’ (Direct AI Play) कंपनी नहीं है, जिससे सर्विस एक्सपोर्ट पर असर पड़ सकता है।
- मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में संघर्ष के कारण गैस और उर्वरक की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है।
- अगर कच्चे तेल की कीमतें प्रति बैरल 100 डॉलर के पार जाती हैं, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा।
निवेशकों को सलाह
मॉर्गल स्टेनली का मानना है कि बाजार अभी काफी ‘नेगेटिव न्यूज’ को प्राइस कर चुका है, जबकि ग्रोथ और पॉलिसी संकेत बेहतर हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में बाजार में मजबूत रिकवरी देखने को मिल सकती है।
