Stock Market Crash : इन 5 वजहों से ताश के पत्तों की तरह बिखरा शेयर बाजार; SENSEX 1600 अंक टूटा, NIFTY 23,600 के नीचे
Last Updated on April 13, 2026 11:42, AM by Pawan
Why Stock Market Crash Today: सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई। कारोबार की शुरुआत में ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 2% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट के चलते निवेशकों को कुछ ही मिनटों में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सेंसेक्स करीब 1,600 अंकों तक फिसल गया, जबकि निफ्टी 23,600 के स्तर से नीचे चला गया।
बाजार में इस कमजोरी की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय हालात रहे। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने की खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा। इसके अलावा, ग्लोबल बाजारों से भी नेगेटिव संकेत मिलने का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया।
आज शेयर बाजार में गिरावट की वजह (Stock Market Crash Reason)
1. अमेरिका और ईरान की बात-चीत फेल
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। इसका असर दुनिया के शेयर बाजारों पर पड़ा है और अनिश्चितता बढ़ गई है। पहले से ही होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की वजह से सप्लाई चेन पर दबाव है। अगर यह तनाव ऐसे ही जारी रहा तो भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
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2. चीन पर 50% तक टैरिफ की धमकी
डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को लेकर सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा है कि अगर चीन ईरान को हथियारों की सप्लाई करता पाया गया, तो उस पर 50% तक टैरिफ लगाया जा सकता है। उनका कहना है कि इस मामले में संदेह है और अगर यह साबित हुआ तो चीन को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
3. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। ब्रेंट क्रूड करीब 8% बढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। वहीं WTI क्रूड भी 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया है। पिछले करीब दो महीनों से तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका भी बढ़ गई है।
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4. ग्लोबल मार्केट के सेंटीमेंट
सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि कई बड़े एशियाई शेयर बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई है। जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। वहीं चीन के शंघाई शेयर बाजार में भी हल्की गिरावट आई है, जिससे वैश्विक बाजारों में कमजोरी का माहौल बना हुआ है।
5. डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है। ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के अनुसार, रुपया लगभग 70 पैसे गिरकर 93.43 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि डॉलर की तुलना में रुपये की कीमत घट गई है, जिससे आयात महंगा हो सकता है।
