स्टॉक मार्केट में गिरावट लेकिन स्पाइसजेट के शेयर ने भरी उड़ान, सुबह-सुबह अपर सर्किट में फंसा, क्यों आई तेजी?
Last Updated on April 13, 2026 14:24, PM by Pawan
सोमवार को शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट आई। अमेरिका-ईरान वार्ता फेल होने का असर बाजार में दिखाई दिया। सुबह-सुबह ही सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा गिर गया। वहीं इस दौरान कुछ ऐसे भी शेयर रहे, जिनमें तेजी आई। इन्हीं में स्पाइसजेट एयरलाइंस का शेयर स्पाइसजेट लिमिटेड (Spicejet Ltd) भी शामिल है। यह शेयर सुबह ही अपर सर्किट में पहुंच गया।
स्पाइसजेट का शेयर शुक्रवार को 12.27 रुपये पर बंद हुआ था। सोमवार को यह 5 फीसदी के अपर सर्किट के साथ 12.88 रुपये पर खुला। यह पहली बार नहीं है जब इस शेयर में अपर सर्किट लगा है। पिछले हफ्ते भी कई दिन यह शेयर अपर सर्किट में फंसा है। इस शेयर में तेजी क्यों आ रही है, इसका कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। वहीं दूसरी ओर कंपनी को नुकसान हो रहा है और ईरान युद्ध के कारण कंपनी जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों से भी जूझ रही है।
4 सत्रों में 20% से ज्यादा रिटर्न
स्पाइसजेट का शेयर पिछले हफ्ते से निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दे रहा है। पिछले 4 सत्रों में इसमें 20 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है। मंगलवार 7 अप्रैल को यह 10.62 रुपये पर बंद हुआ था। अभी यह शेयर 12.88 रुपये पर है। ऐसे में 4 सत्रों में यह शेयर 21.28 फीसदी उछल गया है।
6 महीने में आधी से ज्यादा गिरी कीमत
- मौजूदा तेजी को छोड़ दें तो स्पाइसजेट के शेयर पिछले काफी समय से गिर रहे हैं।
- एक महीने में यह शेयर 6 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया है।
- 6 महीने में इसकी कीमत आधे से कहीं ज्यादा गिर गई है। 6 महीने में यह शेयर करीब 62 फीसदी फिसल गया है।
- एक साल में इसमें करीब 73 फीसदी गिरावट आई है। ऐसे में मौजूदा तेजी निवेशकों के चेहरे में कुछ मुस्कुराहट ला सकती है।
क्यों आई शेयर में तेजी?
इस शेयर में तेजी क्यों आ रही है, इसका कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे सट्टेबाजी से जुड़ा मूव माना जा रहा है। एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि कंपनी पर कर्ज बढ़ रहा है और स्थिति थोड़ी गंभीर है। ऐसे में इस शेयर में कभी भी बड़ी गिरावट आ सकती है।
मुश्किल में कंपनी
स्पाइसजेट कंपनी इस समय मुश्किल भरे दौर से गुजर रही है। हाल ही में यूके की एक कोर्ट ने कंपनी को करीब 8 मिलियन डॉलर (करीब 70 करोड़ रुपये) का भुगतान करने का आदेश किया है। यह रकम विमान रखरखाव करने और पट्टे पर देने वाली कंपनी को दी जाएगी। यह रकम जनवरी 2022 से बकाया लीज किराये और नवंबर 2020 से बकाया रखरखाव खर्चों से संबंधित है।
वहीं दूसरी ओर कंपनी घाटे से भी गुजर रही है। कंपनी ने दिसंबर तिमाही में बताया कि उसका कंसोलिडेटेड नेट लॉस बढ़कर 261 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं जेट फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों के संकट का भी सामना कर रही है। ईरान-इजरायल/अमेरिका युद्ध के कारण एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
डिस्क्लेमर: इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, stock market news के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें। क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।
