Asha Bhosle: आशा भोसले पर शो दिखाना पाकिस्तानी मीडिया को पड़ा भारी, सरकार की ओर से मिली नोटिस
Last Updated on April 13, 2026 18:55, PM by Pawan
हिन्दुस्तान और यहां के लोगों से पाकिस्तान कितना नफरत करता है इसका एक ताजा उदाहरण दिग्गज सिंगर आशा भोसले के निधन के बाद सामने आया है। बता दें कि, मशहूर प्लेबैक सिंगर आशा भोसले के निधन के बाद उन्हें पूरी दुनिया में लोग याद कर रहे है। इसी बीच पाकिस्तानी सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे।
पाकिस्तान की सरकार ने भेजा नोटिस
बता दें कि, पाकिस्तान की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी संस्था पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (PEMRA) ने देश के प्रमुख न्यूज चैनल जियो न्यूज़ को नोटिस भेजा है।रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी अखबार डॉन में दी गई है। नोटिस में कहा गया है कि जियो न्यूज ने आशा भोसले के निधन की खबर दिखाते समय भारतीय गानों और फिल्मों के विज़ुअल्स दिखाए। अथॉरिटी का कहना है कि यह कदम पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का उल्लंघन है, जिसमें भारतीय कंटेंट दिखाने पर रोक लगाई गई थी। इसे जानबूझकर नियमों की अनदेखी माना गया है।
लागों ने दिया ऐसा रिएक्शन
जियो न्यूज उर्दू के मैनेजिंग डायरेक्टर अजहर अब्बास ने इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब भी किसी महान कलाकार पर खबर बनाई जाती है, तो उनके काम को याद करना और उसका जश्न मनाना एक पुरानी परंपरा रही है। उनके मुताबिक, आशा भोसले जैसी बड़ी कलाकार के लिए तो और भी ज्यादा उनके मशहूर और सदाबहार गाने दिखाए जाने चाहिए थे, जितने दिखाए गए। अजहर अब्बास ने आगे कहा कि इसके बावजूद पाकिस्तान की मीडिया रेगुलेटरी संस्था पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी ने इस पर रोक लगाने का फैसला किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि कला और ज्ञान पूरी इंसानियत की साझा धरोहर हैं, जिन्हें सीमाओं में नहीं बांधा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने बताया कि आशा भोसले, पाकिस्तान की मशहूर गायिका नूर जहां की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं और उन्हें प्यार से अपनी “बड़ी बहन” कहती थीं। उन्होंने आशा भोसले के उन खास कामों को भी याद किया, जो उन्होंने पाकिस्तान के मशहूर गायक नुसरत फतेह अली खान जैसे कलाकारों के साथ किए थे। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जंग या तनाव के समय कला और कलाकारों को इसका नुकसान नहीं उठाना चाहिए।
वहीं, पाकिस्तानी पत्रकार रऊफ क्लासरा ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी किसी महान गायिका से जुड़े कंटेंट को दिखाने पर नोटिस कैसे जारी कर सकता है। उन्होंने लिखा कि आशा भोसले ने अपनी सुरीली आवाज से इस पूरे उपमहाद्वीप की कई पीढ़ियों का मनोरंजन किया है और वह सम्मान की हकदार हैं।
