TCS में महिलाओं से बदसलूकी, टाटा संस के चेयरमैन ने आरोपों को बताया चिंताजनक, कही कड़ी कार्रवाई की बात
Last Updated on April 13, 2026 20:16, PM by Pawan
महाराष्ट्र के नासिक में IT की एक मेजर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। कंपनी की कई महिला कर्मचारियों ने अपने टीम लीडरों पर यौन उत्पीड़न, धर्म परिवर्तन के प्रयास और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में अब तक कम से कम छह आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। वहीं अब टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मामले को लेकर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।
टाटा संस के चेयरमैन ने कही ये बात
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने सोमवार को कहा कि कंपनी कर्मचारियों के गलत व्यवहार के मामले में बिल्कुल भी नरमी नहीं बरतती। उन्होंने यह बयान नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की एक शाखा से सामने आए यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के आरोपों के बाद दिया। उन्होंने साफ कहा कि टाटा ग्रुप अपने कर्मचारियों द्वारा किसी भी तरह के दबाव या गलत व्यवहार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करता। कंपनी की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है, यानी ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाया जाता है।
उन्होंने आगे बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यह पता लगाया जा सके कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस मामले पर बात करते हुए एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की नासिक शाखा से आई शिकायतें और आरोप बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं। उन्होंने इसे बहुत दुखद बताया। उन्होंने आगे कहा कि जिन कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई पहले ही शुरू कर दी गई है। साथ ही कंपनी चल रही जांच में पूरी तरह सहयोग कर रही है, ताकि सच सामने आ सके और सही कदम उठाए जा सकें।
मामले में लिया जाएगा बड़ा एक्शन
एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि इस पूरे मामले को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की नासिक शाखा से सामने आई शिकायतें और आरोप बेहद चिंताजनक और दुखद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई पहले ही शुरू कर दी गई है और कंपनी जांच में पूरा सहयोग कर रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इस जांच की जिम्मेदारी टीसीएस की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर आरती सुब्रमण्यम को सौंपी गई है। टाटा ग्रुप ने साफ किया है कि जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त और उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, चंद्रशेखरन ने कहा कि अगर किसी प्रक्रिया में कमी पाई जाती है, तो उसे तुरंत सुधारा जाएगा और नए नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
जानें क्या है पूरा मामला
मार्च महीने में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में काम करने वाली एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि उसके एक सहकर्मी ने शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में आठ और एफआईआर दर्ज कीं। अब तक इस मामले में कंपनी से जुड़े कम से कम सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह कार्रवाई नासिक पुलिस आयुक्त कार्यालय को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गई।
गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तर और दानिश शेख बताए गए हैं। इनके अलावा एक महिला भी गिरफ्तार की गई है, जिसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। इस मामले में कंपनी के अंदर सक्रिय एक समूह के खिलाफ अब तक कम से कम आठ महिलाएं और एक पुरुष शिकायत लेकर सामने आए हैं। इन शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि लोगों पर बीफ खाने का दबाव बनाया गया, हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाया गया और कुछ मामलों में यौन उत्पीड़न भी किया गया।
