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Gold-Silver On Akshay Tritiya: सोना चमका, चांदी दहाड़ी… अक्षय तृतीया पर निवेशकों की चांदी ही चांदी! क्या अब भी है निवेश का सही मौका?

Gold-Silver On Akshay Tritiya: सोना चमका, चांदी दहाड़ी… अक्षय तृतीया पर निवेशकों की चांदी ही चांदी! क्या अब भी है निवेश का सही मौका?

Last Updated on April 18, 2026 20:33, PM by Pawan

भारत में अक्षय तृतीया का त्योहार न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इसे समृद्धि और नई शुरुआत के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है। इस साल 19 अप्रैल को मनाए जाने वाले इस पर्व से पहले भारतीय निवेशकों के बीच एक अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है पिछले एक साल में सोने और चांदी की कीमतों में आई ऐतिहासिक तेजी, जिसने पारंपरिक निवेशकों के साथ-साथ नए जमाने के डिजिटल निवेशकों को भी मालामाल कर दिया है।

रिकॉर्ड तोड़ रिटर्न और निवेशकों का रुझान

हालिया आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) ने निवेशकों को लगभग 60-63% का शानदार रिटर्न दिया है। लेकिन असली बाजी चांदी ने मारी है, जिसने इसी अवधि में करीब 160% की भारी बढ़त के साथ सबको चौंका दिया है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions), केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने इन कीमती धातुओं की कीमतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 में गोल्ड ईटीएफ में शुद्ध निवेश (Net Inflow) 176.6 मिलियन डॉलर तक पहुँच गया, जो दर्शाता है कि लोग अब फिजिकल गोल्ड के बजाय डिजिटल गोल्ड को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं।

डिजिटल निवेश की ओर बढ़ता झुकाव

अक्षय तृतीया पर अब लोग सिर्फ ज्वैलरी की दुकानों पर भीड़ नहीं लगा रहे, बल्कि अपने स्मार्टफोन के जरिए ईटीएफ और म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं। ईटीएफ (Exchange Traded Funds) में निवेश करना न केवल सुरक्षित है, बल्कि इसमें मेकिंग चार्ज की बचत और शुद्धता की पूरी गारंटी भी मिलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने का पिछला रिकॉर्ड इसकी स्थिरता को साबित करता है, जो पोर्टफोलियो को मजबूती प्रदान करता है।

निवेश से पहले सावधानी भी है जरूरी

भले ही रिटर्न के आंकड़े लुभावने लग रहे हों, लेकिन पहली बार निवेश करने वालों के लिए सावधानी बरतना भी जरूरी है। बाजार की अस्थिरता (Volatility) और निवेश से जुड़े अन्य जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

निवेशकों को इन 3 बातों का ध्यान रखना चाहिए:

1. ट्रैकिंग एरर और एक्सपेंस रेशियो: ईटीएफ में निवेश करने से पहले फंड के खर्चों और उसकी सटीकता की जांच जरूर करें।

2. जोखिम का आकलन: कीमती धातुओं की कीमतें अंतरराष्ट्रीय हालातों पर निर्भर करती हैं, इसलिए केवल पिछले रिटर्न को देखकर बड़ा दांव न लगाएं।

3. विविधता (Diversification): अपने पूरे पैसे को सिर्फ सोने या चांदी में न लगाकर पोर्टफोलियो को बैलेंस रखें।

इस अक्षय तृतीया पर “सोना” केवल चमक ही नहीं रहा है, बल्कि निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा भी कर रहा है। यदि आप भी इस शुभ अवसर पर निवेश की योजना बना रहे हैं, तो डिजिटल माध्यम एक स्मार्ट विकल्प हो सकता है, बशर्ते आप बाजार के उतार-चढ़ाव को समझने की समझ रखते हों।