PM Modi Speech Today: ‘देश की नारीशक्ति कांग्रेस और उसके साथियों को कभी माफ नहीं करेगी’ महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद देश के नाम PM मोदी का संबोधन
Last Updated on April 18, 2026 21:05, PM by Pawan
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार को शाम 8:30 बजे पूरे देश को संबोधित किया। कल लोकसभा में महिलाओं को आरक्षण देने वाला एक महत्वपूर्ण बिल वोटिंग के बाद रद्द हो गया था, जिसके बाद PM मोदी ने आज देश को संबोधित किया। उन्होंने अपना संबोधन शुरू करते हुए कहा, “आज मैं अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं। आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया।”
मोदी ने कहा, “उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये बिल किसी से कुछ लेने के लिए नहीं ये बिल सबको कुछ न कुछ देना का था। 40 साल से अटके महिलाओं के हक को अगले लोकसभा चुनाव से उनको देने का था।
PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें:
- आज मैं अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं। आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं।
- संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित नहीं हो सका। इसके लिए मैं सभी माताओं और बहनों से हृदय से क्षमा मांगता हूं। हमारे लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है। लेकिन जब कुछ लोगों के लिए उनकी पार्टी ही सब कुछ बन जाती है, तो महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रहित- दोनों को ही इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं। इस बार भी ठीक यही हुआ।
- हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दलहित सब कुछ हो जाता है, दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है, तो नारी शक्ति को, देशहित को… इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, DMK, TMC और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।
- कांग्रेस, DMK, TMC और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का खामियाजा देश की महिलाओं को भुगतना पड़ा है। कल, पूरे देश में करोड़ों महिलाओं की नजरें संसद पर टिकी थीं। यह देखकर बेहद दुख हुआ कि जब महिलाओं के हित में लाया गया यह प्रस्ताव गिर गया, तो कांग्रेस, DMK, SP और TMC जैसी पार्टियां तालियां बजा रही थीं। महिलाओं के अधिकार छीनकर, वे अपनी मेजें थपथपा रही थीं। वे सिर्फ मेज पर की गई थपथपाहट नहीं थीं, बल्कि वे महिलाओं की गरिमा और आत्म-सम्मान पर किए गए प्रहार थे।
- नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन का जिन भी दलों ने विरोध किया है, वे लोग नारी शक्ति को फॉर ग्रेंटेड ले रहे हैं।
- वो ये भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है। वो उनकी मंशा भाप रही हैं और सच्चाई भी भलीभांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है।
