Jyeshtha Month 2026 Start: आज से शुरू हुआ ज्येष्ठ का महीना, इस माह में न करें घर की बड़ी संतान का विवाह, जानें इस माह के नियम
Last Updated on May 2, 2026 7:09, AM by Pawan
Jyeshtha Month 2026 Start: हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना ज्येष्ठ आज से शुरू हो गया है। यह माह हिंदू धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। इस माह में शनि जयंति, वट सावित्री व्रत और बड़ा मंगल जैसे कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। यह माह पूजा-पाठ, दान-पुण्य और व्रत करने के लिए बहुत खास माना जाता है। यह माह सूर्य देव और हनुमान जी को समर्पित है। माना जाता है कि ज्येष्ठ में सूर्य देव और बजरंगबली की आराधना करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
इस साल का ज्येष्ठ माह और भी खास है। इस माह में 19 साल के बाद 8 बड़े मंगल दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह संयोग इसलिए बन रहा है, क्योंकि इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक मास लग रहा है। यानी यह माह आमतौर पर 28 से 30 दिनों में समाप्त नहीं होगा, बल्कि यह 59 से 60 दिनों तक चलेगा। इसलिए इसमें बड़े मंगल भी 8 होंगे। अधिक मास लगने की वजह से इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है। आइए जानें ज्येष्ठ महीने में किन नियमों का पालन करना चाहिए। साथ ही इस माह में क्या करें और क्या नहीं ?
ज्येष्ठ माह में क्या करें
- ज्येष्ठ महीने में सूर्य देव, हनुमान जी के साथ ही भगवान विष्णु और वरुण देव की भी उपासना करें।
- ज्येष्ठ महीने में भयंकर गर्मी पड़ती है। ऐसे में इस माह में पानी से भरा घड़ा (मटका), पंखा, जूता और चप्पल का दान अवश्य करें। ऐसा करने से आपके धन-धान्य में बरकत होगी।
- ज्येष्ठ महीने में पशु-पक्षियों के लिए भी दाना पानी का इंतजाम करें। ऐसा करने देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है।
- ज्येष्ठ माह में जल दान सबसे अधिक पुण्यकारी माना गया है। जल का दान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
- ज्येष्ठ माह में गरीब और जरूरतमंदों को अन्न, धन, सत्तू और वस्त्र समेत भोजन का भी दान करें। ऐसा करने से आपको पुण्य लाभ मिलेंगे।
- ज्येष्ठ के महीने में सात्विक भोजन करें।
ज्येष्ठ माह में ये काम करने से बचें
- ज्येष्ठ माह में घर के बड़े पुत्र या पुत्री का विवाह नहीं करना चाहिए।
- ज्येष्ठ महीने में पानी की बर्बाद नहीं करना चाहिए। वरना वरुण देव आपसे नाराज हो सकते हैं।
- ज्येष्ठ में दोपहर के समय सोने से भाग्य कमजोर होता है और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। बीमार लोगों पर यह नियम लागू नहीं होता है।
- ज्येष्ठ माह में मसालेदार चीजों का सेवन न करें।
