Cinema Ka Flashback: जब जया बच्चन की वजह से मौसमी चटर्जी के हाथ से फिसली थी ये फिल्म, 3 दिन की शूटिंग के बाद हुआ था तगड़ा ड्रामा!
Last Updated on May 2, 2026 15:58, PM by Pawan
70 के दशक का बॉलीवुड जितना अपनी सदाबहार फिल्मों के लिए जाना जाता है, उतना ही मशहूर रहा है वहां के सितारों के बीच का कड़ा कॉम्पटीशन। हाल ही में एक पुरानी अनबन की कहानी फिर से सुर्खियों में है, जिसमें दिग्गज अभिनेत्री मौसमी चटर्जी और जया बच्चन के बीच की ‘राइवलरी’ का एक दिलचस्प किस्सा सामने आया है। यह किस्सा जुड़ा है साल 1972 की सुपरहिट फिल्म ‘कोशिश’ से।
3 दिन की शूटिंग और फिर ‘एग्जिट’
बहुत कम लोग जानते हैं कि गुलजार के निर्देशन में बनी कालजयी फिल्म ‘कोशिश’ के लिए जया बच्चन पहली पसंद नहीं थीं। इस फिल्म में संजीव कुमार के साथ मुख्य भूमिका के लिए पहले मौसमी चटर्जी को कास्ट किया गया था। मौसमी ने न सिर्फ फिल्म साइन की थी, बल्कि उन्होंने तीन दिनों तक इसकी शूटिंग भी पूरी कर ली थी। लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि उन्हें फिल्म से बाहर का रास्ता देखना पड़ा या यूं कहें कि उन्होंने खुद ही किनारा कर लिया।
सेट पर ‘मैनुपुलेशन’ और जया की सेक्रेटरी का रोल
एक पुराने इंटरव्यू का हवाला देते हुए यह बात सामने आई है कि मौसमी ने फिल्म के सेट पर हो रही ‘हेरा-फेरी’ को भांप लिया था। मौसमी के अनुसार, उन दिनों जया बच्चन की सेक्रेटरी सुबह से लेकर रात तक गुलजार साहब के ऑफिस में ही डेरा डाले रहती थीं। मौसमी का मानना था कि पर्दे के पीछे उन्हें फिल्म से रिप्लेस करने की प्लानिंग चल रही थी।
वो एक शर्त जिसने तोड़ दिया मौसमी का दिल
उस समय मौसमी चटर्जी नई-नई मां बनी थीं और उनकी प्राथमिकता उनका छोटा बच्चा था। इसी बीच, गुलजार साहब (जिन्हें मौसमी काफी समय से जानती थीं) ने उनके सामने एक नई शर्त रख दी। उन्होंने कहा कि अब से उन्हें देर रात तक शूटिंग करनी होगी। जब मौसमी ने अपनी मजबूरी बताई, तो गुलजार साहब का जवाब काफी सख्त था। उन्होंने कहा— “इस रोल के लिए कई दूसरी हीरोइनें भी लाइन में खड़ी हैं।”
यह बात मौसमी को काफी चुभ गई। उन्हें लगा कि उनके हालात को समझने के बजाय उन पर दबाव बनाया जा रहा है। स्वाभिमानी मौसमी ने तुरंत फिल्म छोड़ने का फैसला कर लिया। उनके बाहर होते ही जया बच्चन को फिल्म में एंट्री मिल गई और यह फिल्म उनके करियर की सबसे बड़ी हिट साबित हुई।
एक फिल्म जिसने बदल दिया इतिहास
‘कोशिश’ फिल्म न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफल रही, बल्कि इसने जया बच्चन और संजीव कुमार के अभिनय को एक नई ऊंचाई दी। हालांकि, मौसमी चटर्जी के मन में आज भी यह बात साफ है कि उस दौर में फिल्मों को हासिल करने के लिए किस तरह की ‘पॉलिटिक्स’ चलती थी।
