Ganga Expressway: इन शहरों में 15% तक बढ़ सकते हैं प्रॉपर्टी के दाम, रोजगार के मौके भी बनेंगे
Last Updated on May 4, 2026 22:52, PM by Pawan
Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद प्रयागराज, मेरठ, हापुड़, हरदोई और अमरोहा जैसे शहरों में अगले 12-18 महीनों में प्रॉपर्टी की कीमतों में 12-15% तक बढ़ोतरी हो सकती है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण इस पूरे कॉरिडोर में रियल एस्टेट और इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
594 किमी का कॉरिडोर, 12 जिलों को जोड़ेगा
इस 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यह मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है और 12 जिलों से होकर गुजरता है। करीब ₹36,000 करोड़ की लागत से बना यह प्रोजेक्ट टियर-2 और टियर-3 शहरों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने वाला बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर कदम माना जा रहा है।
प्रॉपर्टी कीमतों में क्यों आएगी तेजी
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास को नई दिशा देगा। NAREDCO के अध्यक्ष परवीन जैन के मुताबिक, इससे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और रियल एस्टेट व इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
उनका कहना है कि इस एक्सप्रेसवे के चलते माइक्रो-मार्केट्स, लॉजिस्टिक्स हब और कमर्शियल गतिविधियों में तेजी आएगी। इससे आसपास के इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतें 12-15% तक बढ़ सकती हैं।
सफर समय घटेगा, NCR का असर बढ़ेगा
इस एक्सप्रेसवे के बनने से मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा समय घटकर करीब 6 घंटे रह जाएगा। इससे NCR का आर्थिक असर उत्तर प्रदेश के अंदर तक पहुंचेगा और नए शहरों में निवेश बढ़ेगा।
उभरते शहरों में बढ़ेगी मांग
InvestoXpert Advisors के विशाल रहेजा के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट वैल्यू बढ़ाने का बड़ा कारण बनेगा। अगले 12-18 महीनों में अच्छी लोकेशन वाले इलाकों में 8-12% तक कीमतें बढ़ सकती हैं, खासकर प्लॉट और मिड-इनकम हाउसिंग में।
मेरठ NCR के असर से बड़ा हाउसिंग हब बन सकता है, जबकि हापुड़ और हरदोई जैसे शहरों में प्लॉट और मिड-इनकम घरों की मांग बढ़ेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि आसपास के माइक्रो-मार्केट्स में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट 25–30% तक तेज हो सकता है और आने वाले समय में संगठित रियल एस्टेट गतिविधियां 2-3 गुना तक बढ़ सकती हैं।
किन सेक्टर को मिलेगा फायदा
इस एक्सप्रेसवे का असर सिर्फ हाउसिंग तक सीमित नहीं रहेगा। लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल रियल एस्टेट में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इंडस्ट्री के मुताबिक, करीब ₹47,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव पहले ही आ चुके हैं। साथ ही 6,500 एकड़ से ज्यादा जमीन इंडस्ट्रियल और वेयरहाउसिंग के लिए चिन्हित की गई है।
Knight Frank India की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरचेंज के 5 किलोमीटर के दायरे में अगले 3 साल में ग्रेड-A वेयरहाउसिंग विकसित हो सकती है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत 15-20% तक घट सकती है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग, ई-कॉमर्स और एग्री-बेस्ड इंडस्ट्री को फायदा मिलेगा।
रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
प्रतापगढ़, उन्नाव और हापुड़ जैसे जिलों में कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो सकता है, जिससे सप्लाई चेन मजबूत होगी। साथ ही, इस एक्सप्रेसवे के साथ 11 इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को जोड़ने की योजना है।
इससे शाहजहांपुर, प्रतापगढ़ और हरदोई जैसे इलाकों में मैन्युफैक्चरिंग और एग्रो-प्रोसेसिंग बढ़ेगी। इससे नए रोजगार के मौके बनेंगे और हाउसिंग व कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग भी बढ़ेगी।
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