2nd Solar Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जो सूरज, धरती और चंद्रमा के एक सीधी रेखा में आने पर होती है। यह नजारा कुछ पलों या मिनटों का होता है, लेकिन इससे इन तीनों खगीलीय पिंडों के गहरे राज खुलते हैं। यह नजारा खगोल विज्ञानियों के लिए ही नहीं, आम जनता और ज्योतिष विशेषज्ञों के लिए भी बेहद खास होता है। तभी तो, ग्रहण के बारे में लोग हर छोटी-बड़ी जानकारी लेने में दिलचस्पी लेते हैं।
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण एन्युलर था और यह फरवरी में लगा था। इस ग्रहण में दुनिया ने ‘रिंग ऑफ फायर’ का नजारा देखा था। इस ग्रहण के बाद अब साल के दूसरे और अंतिम ग्रहण को लेकर उत्सुकता बढ़ने लगी है। कुछ मीडिया खबरों में इसे सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण कहा जा रहा है। लेकिन ये वायरल दावा क्या सच भी है? आइए जानें क्या है फैक्ट?
अगस्त 2026 में कब लगेगा सूर्य ग्रहण
साल 2026 में पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। कुछ क्षेत्रों में चंद्रमा पूरी तरह सूर्य को ढक देगा और दिन में कुछ मिनटों के लिए अंधेरा छा जाएगा। इसकी पूर्ण अवस्था मुख्य रूप से आर्कटिक क्षेत्र, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और उत्तरी स्पेन में देखी जा सकेगी। भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण शाम के समय पड़ेगा, जिसकी वजह से भारत में यह नजर नहीं आएगा।
अगस्त 2026 में लगेगा सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण ?
सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण वाला दावा सच नहीं है। 12 अगस्त 2026 को लग रहा पूर्ण सूर्य ग्रहण सदी का सबसे लंबा ग्रहण नहीं होगा। साल 2027 में 2 अगस्त को लगने वाले सूर्य ग्रहण सदी का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण होगा। खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस दौरान लगभग 6 मिनट 23 सेकंड तक चंद्रमा सूर्य को ढक लेगा। इतनी लंबी अवधि को देखते हुए इसे सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण माना जा रहा है।
भारत देखेगा डूबते सूरज में ग्रहण का आंशिक नजारा
यह नजारा दिखेगा, लेकिन इस साल नहीं अगले साल यानी 2 अगस्त 2027 को। 2 अगस्त 2027 का पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, लेकिन कुछ हिस्सों में लोग इसका आंशिक नजारा देख सकेंगे। दरअसल, यह सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार भारत में लगभग दोपहर 3:30 से 5:50 बजे के बीच रहेगा। इस आधार पर शाम के समय आसमान में सूर्य का एक हिस्सा चंद्रमा से ढका हुआ नजर आएगा, जिससे कुछ समय के लिए ग्रहण भारत में भी नजर आएगा।

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