stock-markett.online
ED ने पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा को PMLA के नए केस में किया गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई मंत्री और उनसे कथित रूप से जुड़ी कुछ संस्थाओं के खिलाफ दर्ज धनशोधन के नए मामले में की गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि संजीव अरोड़ा को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत हिरासत में लिया गया। इससे पहले शनिवार सुबह से चंडीगढ़ स्थित अरोड़ा के सरकारी आवास पर छापेमारी की गई थी।

अधिकारियों का दावा है कि 62 वर्षीय अरोड़ा जांच में “सहयोग नहीं” कर रहे थे। अरोड़ा को शनिवार को स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की संभावना है, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ED) विस्तृत पूछताछ के लिए उनकी हिरासत की मांग करेगा।

ईडी ने इस कार्रवाई के तहत उत्तर भारत में पांच परिसर पर छापेमारी की।

छापेमारी में दिल्ली के दो परिसर और गुरुग्राम के उद्योग विहार में स्थित हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड नामक कंपनी का परिसर भी शामिल था।

अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की आपराधिक धाराओं के तहत नया मामला दर्ज करने के बाद ये छापेमारी शुरू की।

ईडी ने 17 अप्रैल को विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (FEMA) के दीवानी प्रावधानों के तहत अरोड़ा और उनसे जुड़ी इकाइयों के परिसरों पर छापे मारे थे।

अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई के तहत एजेंसी ने 19 अप्रैल को हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड, उसके निदेशक संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़ी इकाइयों की चल एवं अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं। इन पर फर्जी बिक्री और निर्यात के जरिए विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (FEMA) का उल्लंघन करके 157.12 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने का आरोप है।

अरोड़ा (62) लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगरूर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए इस छापेमारी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP)-नीत केंद्र सरकार पर अपने राजनीतिक मकसद पूरे करने के लिए ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों को ‘‘हथियार’’ के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

इससे पहले, उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ईडी-भाजपा के इस अनैतिक गठजोड़ के अंत की शुरुआत पंजाब से होगी।’’

ईडी के अनुसार, धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ताजा जांच 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन की ‘‘फर्जी’’ जीएसटी (माल एवं सेवा कर) खरीद और उसके बाद निर्यात के जरिये कथित अवैध धन को दुबई से भारत वापस लाने से जुड़ी है।

आरोप है कि फर्जी ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ (ITC) का दावा करने के लिए दिल्ली की ‘‘अस्तित्वहीन’’ कंपनियों से जीएसटी खरीद के कई फर्जी बिल प्राप्त किए गए।

अरोड़ा ने अप्रैल में छापेमारी के बाद कहा था कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे और उन्हें विश्वास है कि सच्चाई की जीत होगी।

‘आप’ ने इन छापों को राजनीतिक बदला लेने की कार्रवाई बताया है। पार्टी का आरोप है कि पंजाब में अगले साल की शुरुआत में होने वाले चुनावों से पहले भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के इशारे पर यह कार्रवाई की गई है।

अरोड़ा के खिलाफ धनशोधन के एक पुराने मामले में भी पहले से जांच जारी है। इस मामले में ईडी ने 2024 में उनके परिसरों पर छापे मारे थे। उस समय उन पर और उनके सहयोगियों पर आवासीय परियोजनाओं के लिए औद्योगिक भूमि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। उस समय अरोड़ा राज्यसभा सदस्य थे।

ईडी ने पंजाब में राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के खिलाफ पिछले कुछ हफ्तों में कुछ बड़ी कार्रवाइयां की हैं। पंजाब में 2027 की शुरुआत में चुनाव होना है।

एजेंसी ने ‘लवली ग्रुप’ के प्रवर्तक और राज्यसभा सदस्य अशोक कुमार मित्तल के कई परिसर पर भी छापेमारी की थी। इन छापेमारी के बाद मित्तल ‘आप’ के छह अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे।

एजेंसी ने इस सप्ताह की शुरुआत में पंजाब के कुछ बिल्डर और रियल एस्टेट कंपनियों तथा ‘आप’ के एक पदाधिकारी के कथित सहयोगी के विभिन्न परिसर पर भी छापेमारी की थे। उसने ‘आप’ की पंजाब इकाई के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के खिलाफ आरोप लगाए थे। अमन अरोड़ा ने इन आरोपों से इनकार करते हुए ईडी के दावों को ‘‘मनगढ़ंत कहानी’’ बताया था।

Leave a Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *