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ईरान पर 1000 मिसाइलें तैनात! इजरायल से मिले ‘किलिंग इनपुट’ के बाद तेहरान पर भड़के ट्रंप ने दे दिया खतरनाक अल्टीमेटम
ईरान पर 1000 मिसाइलें तैनात! इजरायल से मिले ‘किलिंग इनपुट’ के बाद तेहरान पर भड़के ट्रंप ने दे दिया खतरनाक अल्टीमेटम

ईरान पर 1000 मिसाइलें तैनात! इजरायल से मिले ‘किलिंग इनपुट’ के बाद तेहरान पर भड़के ट्रंप ने दे दिया खतरनाक अल्टीमेटम

Trump Warning Iran: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब अपने सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद आक्रामक और खुली चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर ‘1,000 मिसाइलें लॉक और लोड’ हैं, जो सीधे इस्लामी गणराज्य ईरान की तरफ निशाना साधे हुए हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर तेहरान ने उनकी हत्या करने या ऐसी कोई भी कोशिश की, तो इन 1,000 मिसाइलों के तुरंत बाद हजारों और मिसाइलें ईरान पर दागी जाएंगी। आइए जानते हैं कि ट्रंप के इस गुस्से के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी क्या है।

‘सेना को ईरान को मिटाने के आदेश जारी’

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बेहद सख्त लहजे में अपनी बात रखी।उन्होंने कहा, ‘1,000 मिसाइलें लॉक और लोड हैं और ईरान की तरफ तानी हुई हैं। अगर ईरानी सरकार दुनिया के किसी भी कोने से अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति यानी कि मुझे जान से मारने की धमकी पर आगे बढ़ती है या कोशिश करती है, तो तुरंत हजारों मिसाइलें उन पर बरसेंगी।’

ट्रंप ने आगे दावा किया कि अमेरिकी सेना को ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘आदेश जारी हो चुके हैं और अमेरिकी सेना एक साल की अवधि के लिए ईरान के सभी हिस्सों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद और तबाह करने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम है।’

इजरायली खुफिया एजेंसी ने दिया था ‘असासिनेशन प्लॉट’ का इनपुट

ट्रंप की यह ताजा और भयानक चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब महज एक दिन पहले ही इजरायली खुफिया एजेंसी द्वारा वॉशिंगटन को एक बड़ा इनपुट दिए जाने की खबर सामने आई थी।

‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने अमेरिका के साथ एक खुफिया रिपोर्ट साझा की थी, जिसमें संकेत दिया गया था कि ईरान कथित तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की योजना बना रहा है।

हालांकि ‘सीएनएन’ की रिपोर्ट कहती है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को पिछले कई हफ्तों से ट्रंप के खिलाफ संभावित खतरों की जानकारी मिल रही थी, लेकिन इजरायल का यह अलर्ट पहला ऐसा इनपुट था जिसने ट्रंप को निशाना बनाने वाली एक विशिष्ट और पुख्ता साजिश की तरफ इशारा किया।

‘बातचीत जारी रहेगी, लेकिन सीजफायर ‘खत्म’

मिसाइल तानने की इस धमकी से ठीक एक दिन पहले ट्रम्प ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर एक और बड़ा ऐलान किया था। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता तो होगी, लेकिन महीनों से चला आ रहा युद्धविराम अब खत्म हो चुका है।

ट्रंप ने लिखा, ‘ईरान ने हमसे बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है। हम इसके लिए सहमत हो गए हैं, लेकिन अमेरिका ने उन्हें बिना किसी संशय के साफ बता दिया है कि सीजफायर अब खत्म हो चुका है!’

क्यों टूटा सीजफायर?

दोनों देशों के बीच महीनों पुराने सीजफायर को स्थायी शांति में बदलने के लिए महज तीन हफ्ते पहले ही एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। लेकिन पिछले दो दिनों में हुए नए हमलों ने इस शांति को तोड़ दिया और क्षेत्र में फिर से पूर्ण पैमाने पर युद्ध छिड़ने का डर पैदा हो गया है।

अगले हफ्ते स्विट्जरलैंड में हो सकती है न्यूक्लियर टॉक

तनाव और युद्ध के इस माहौल के बीच कूटनीति का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। ‘एक्सियोस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन तमाम धमकियों और सीजफायर खत्म होने के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच अगले हफ्ते स्विट्जरलैंड में एक नए दौर की परमाणु वार्ता होने की संभावना है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या बातचीत से यह बारूद शांत होगा या मिडिल ईस्ट में एक और भयानक तबाही आएगी।

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