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Atanu Chakraborty Salary: इस्तीफे से पहले HDFC Bank से कितनी सैलरी ले रहे थे पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती, बैंक की एनुअल रिपोर्ट में खुलासा
Atanu Chakraborty Salary: इस्तीफे से पहले HDFC Bank से कितनी सैलरी ले रहे थे पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती, बैंक की एनुअल रिपोर्ट में खुलासा

Atanu Chakraborty Salary: इस्तीफे से पहले HDFC Bank से कितनी सैलरी ले रहे थे पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती, बैंक की एनुअल रिपोर्ट में खुलासा

Atanu Chakraborty Salary : देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी के पूर्व पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे को लेकर इस साल कॉरपोरेट जगत में काफी चर्चा रही। उन्होंने मार्च 2026 में बैंक के कॉरपोरेट गवर्नेंस और नैतिक मानकों (Ethics & Governance) से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए अपने कार्यकाल खत्म होने से पहले ही पद छोड़ दिया था। अब बैंक की वित्त वर्ष 2025-26 की एनुअल रिपोर्ट में उनके वेतन और अन्य सुविधाओं का खुलासा हुआ है। अपने इस्तीफे से पहले अतानु चक्रवर्ती ने एचडीएफसी बैंक से वित्त वर्ष 2025-26 में कितनी सैलरी ली। इस दौरान बोर्ड की बैठकों के लिए उन्हें कितनी फीस और पारिश्रमिक यानी रेम्युनरेशन (Remuneration) मिली, यहां पूरी डिटेल देखें

FY25 के मुकाबले FY26 में 3.53% अधिक मिली सैलरी

एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक इस्तीफे से पहले अतानु चक्रवर्ती को वित्त वर्ष 2025-26 में 1.07 करोड़ रुपये मिला, जो वित्त वर्ष 2024-25 के मुकाबले 3.53% अधिक है। एचडीएफसी बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, अतानु चक्रवर्ती को वित्त वर्ष 2025-26 में 1,07,25,269 रुपये का कुल भुगतान किया गया। इसमें मीटिंग फीस (Sitting Fee) और चेयरमैन के तौर पर मिलने वाला पारिश्रमिक (Remuneration) शामिल है। इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में उन्हें 1,03,58,871 रुपये मिले थे। यानी उनकी कुल आय में करीब 3.53% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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पूरे साल की नहीं मिली तय सैलरी

रिपोर्ट के मुताबिक, पार्ट-टाइम चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) के तौर पर अतानु चक्रवर्ती को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 50 लाख रुपये का निश्चित पारिश्रमिक तय किया गया था, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी मंजूरी दी थी। हालांकि, उन्होंने 18 मार्च 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसलिए उन्हें पूरे साल का भुगतान नहीं मिला, बल्कि जितने समय तक उन्होंने पद संभाला, उसी अनुपात (Pro-rata Basis) में पारिश्रमिक दिया गया।

मीटिंग फीस और कार की सुविधा भी मिली

निश्चित पारिश्रमिक के अलावा अतानु चक्रवर्ती को बोर्ड और विभिन्न समितियों की बैठकों में शामिल होने के लिए अलग से मीटिंग फीस भी दी गई। साथ ही, पद पर रहने की अवधि तक उन्हें आधिकारिक और निजी इस्तेमाल के लिए कार की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

सभी 17 बोर्ड बैठकों में रहे मौजूद

एचडीएफसी बैंक की रिपोर्ट बताती है कि अतानु चक्रवर्ती ने पार्ट-टाइम चेयरमैन रहते हुए आयोजित सभी 17 बोर्ड बैठकों में हिस्सा लिया। यानी अपने कार्यकाल के दौरान वे बैंक के हर महत्वपूर्ण फैसले का हिस्सा रहे।

इस्तीफे ने खड़े किए थे गवर्नेंस पर सवाल

अतानु चक्रवर्ती ने मार्च 2026 में अपने कार्यकाल की अवधि पूरी होने से एक साल पहले ही इस्तीफा देते हुए बैंक में नैतिकता और कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर चिंता जताई थी। यह HDFC Bank के इतिहास में पहला मौका था, जब किसी पार्ट-टाइम चेयरमैन ने कार्यकाल के बीच में इस्तीफा दिया। उनके इस्तीफे के बाद बैंक की गवर्नेंस व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे।

HDFC बैंक बोर्ड ने कराई जांच

एचडीएफसी बैंक के एमडी एवं सीईओ शशिधर जगदीशन ने एनुअल रिपोर्ट में कहा कि अतानु चक्रवर्ती का अचानक इस्तीफा बैंक के लिए चुनौतीपूर्ण घटना थी। उनके इस्तीफे में उठाए गए सवालों की निष्पक्ष जांच के लिए बोर्ड ने देश और विदेश की स्वतंत्र लॉ फर्मों को नियुक्त किया। चूंकि बैंक के ADR न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) में भी सूचीबद्ध हैं, इसलिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों लॉ फर्मों से समीक्षा कराई गई।

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जांच रिपोर्ट में क्या निकला?

बैंक ने बताया कि 26 जून 2026 को बाहरी लॉ फर्मों ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट के अनुसार, अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफा पत्र में लगाए गए आरोप और उनसे जुड़े संकेत उपलब्ध रिकॉर्ड तथा गवाहों के बयानों से पुष्ट नहीं हुए। इसके बाद बैंक ने जांच के निष्कर्षों की जानकारी नियमानुसार स्टॉक एक्सचेंजों को भी दे दी।

बैंक का क्या कहना है?

एचडीएफसी बैंक ने दोहराया है कि वह कॉरपोरेट गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही के उच्च मानकों के प्रति प्रतिबद्ध है। बैंक का कहना है कि जिन मामलों की समीक्षा जरूरी होगी, उन पर स्थापित प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष तरीके से विचार किया जाएगा और हर फैसले में शेयरधारकों तथा अन्य हितधारकों के दीर्घकालिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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