मेट्रो कॉरिडोर, एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर… 1647 करोड़ के ये 28 इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स मंजूर, अब बदल जाएगी दिल्ली की सूरत
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की रफ्तार और सूरत को बदलने के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने दिल्ली में अलग-अलग परियोजनाओं के लिए 1647 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दे दी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। इस भारी-भरकम बजट से दिल्ली में मेट्रो कॉरिडोर, बारापुला एलिवेटेड रोड, नए फ्लाईओवर और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) चार्जिंग स्टेशन समेत कई बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) को बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रोत्साहन के रूप में 756 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को भी मंजूरी दी है। यह जानकारी दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में दी गई है।
आइए विस्तार से जानते हैं कि इस योजना के तहत दिल्ली को क्या-क्या मिलने जा रहा है:
मंजूर हुए दिल्ली सरकार के सभी 28 बड़े प्रोजेक्ट्स
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार की ओर से प्रस्तावित सभी 28 प्रमुख कैपिटल प्रोजेक्ट्स को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं को केंद्र सरकार की SASCI योजना के तहत मंजूरी मिली है। मंजूर किए गए इन 28 प्रोजेक्ट्स में मुख्य रूप से ये चीजें शामिल हैं:
- दिल्ली मेट्रो रेल परियोजनाएं: नए मेट्रो कॉरिडोर के विकास को रफ्तार मिलेगी।
- बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर: इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर के काम को आगे बढ़ाया जाएगा।
- करावल नगर फ्लाईओवर: इस इलाके में जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण होगा।
- डीटीसी डिपो में ईवी चार्जिंग स्टेशन: दिल्ली परिवहन निगम के डिपो में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
- सड़क बुनियादी ढांचा: इनके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भी इस मंजूरी का हिस्सा हैं।
क्या है SASCI स्कीम, इससे दिल्ली को मिला फंड?
ये सभी 28 प्रोजेक्ट्स केंद्र सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) योजना के तहत मंजूर किए गए हैं। यह केंद्र सरकार की एक विशेष योजना है। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए पूरी तरह से ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना सिर्फ वित्तीय सहायता देने तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह राज्यों द्वारा रणनीतिक सुधारों को लागू करने और पूंजीगत निवेश को बढ़ाने को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय इंसेंटिव भी देती है। इसी के तहत दिल्ली को 756 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इंसेंटिव मिला है।
समय पर काम पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने शुरुआत से ही इस योजना को प्राथमिकता दी है और दिल्ली की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को इसके तहत मंजूरी दिलाने के लिए लगातार केंद्र सरकार से आग्रह किया था। अब फंड मंजूर होने के बाद, मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के वित्त विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे इन स्वीकृत परियोजनाओं से जुड़े सभी संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल बिठाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गति को तेजी से आगे बढ़ाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि दिल्ली के निवासियों को जल्द से जल्द इन परियोजनाओं का लाभ मिल सके।
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