PharmEasy की पैरेंट कंपनी फिर से IPO लाने की तैयार, 2022 में API Holdings ने वापस लिया था DRHP
PharmEasy IPO: ऑनलाइन फार्मेसी प्लेटफॉर्म PharmEasy की पैरेंट कंपनी API Holdings एक बार फिर शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक कंपनी अपने IPO प्लान को दोबारा शुरू करने की संभावनाएं तलाश रही है। इससे पहले API Holdings ने 2022 में अपना IPO प्रस्ताव वापस ले लिया था। अगर इस बार योजना आगे बढ़ती है, तो यह भारत के डिजिटल हेल्थकेयर सेक्टर के लिए एक बड़ा घटनाक्रम होगा और शुरुआती निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी आंशिक रूप से बेचने का अवसर भी मिल सकता है।
2022 में क्यों वापस लेना पड़ा था IPO?
API Holdings ने नवंबर 2021 में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। उस समय कंपनी शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी कर रही थी और Kotak Mahindra Capital, Morgan Stanley, BofA Securities, Citi और JM Financial इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) थे।
हालांकि, बदलते बाजार हालात और टेक कंपनियों के वैल्यूएशन पर दबाव के बीच कंपनी ने 2022 में अपना IPO प्रस्ताव वापस लेने का फैसला किया। अब बाजार की परिस्थितियों में सुधार के बाद कंपनी फिर से लिस्टिंग की संभावनाओं पर काम कर रही है।
भारत की सबसे बड़ी डिजिटल फार्मेसी कंपनियों में शामिल है PharmEasy
PharmEasy की शुरुआत 2015 में सिद्धार्थ शाह और उनके सहयोगियों ने की थी। कुछ ही वर्षों में कंपनी भारत के सबसे बड़े डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म्स में शामिल हो गई।
कंपनी सिर्फ ऑनलाइन दवाइयों की डिलीवरी तक सीमित नहीं है। इसके प्लेटफॉर्म पर डॉक्टर से ऑनलाइन कंसल्टेशन, डायग्नोस्टिक टेस्ट बुकिंग, लैब सैंपल की होम कलेक्शन और हेल्थकेयर से जुड़ी कई अन्य सेवाएं भी उपलब्ध हैं। यही वजह है कि कंपनी ने डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
रणजन पई की फैमिली ऑफिस सबसे बड़ी शेयरधारक
API Holdings के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 2023 में कंपनी ने राइट्स इश्यू के जरिए 3,500 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस फंडरेजिंग में मणिपाल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. रणजन पई की फैमिली ऑफिस ने करीब 1,300 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
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इस निवेश के बाद MEMG (Manipal) Family Office API Holdings की सबसे बड़ी शेयरधारक बन गई। इस राइट्स इश्यू में वैश्विक निवेशक Temasek ने भी भाग लिया था, जिससे कंपनी को अपनी बैलेंस शीट मजबूत करने में मदद मिली।
IPO से शुरुआती निवेशकों को मिल सकता है एग्जिट का मौका
सूत्रों के अनुसार, अगर IPO की योजना आगे बढ़ती है तो इससे API Holdings के कुछ शुरुआती निवेशकों और मौजूदा शेयरधारकों को अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि, कंपनी ने अभी तक IPO के आकार, वैल्यूएशन या संभावित टाइमलाइन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि कंपनी बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग को देखते हुए आगे का फैसला करेगी।
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डिजिटल हेल्थकेयर सेक्टर पर रहेगी बाजार की नजर
कोविड महामारी के बाद भारत में डिजिटल हेल्थकेयर और ऑनलाइन फार्मेसी सेक्टर की मांग में तेजी आई है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में स्टार्टअप वैल्यूएशन पर दबाव और फंडिंग में सुस्ती देखने को मिली थी। ऐसे में यदि PharmEasy दोबारा IPO लाने में सफल होती है, तो यह भारतीय स्टार्टअप और डिजिटल हेल्थकेयर सेक्टर के लिए एक अहम संकेत माना जाएगा। बाजार की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी कब तक अपनी लिस्टिंग प्रक्रिया को औपचारिक रूप देती है।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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