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India Fastest Vande Bharat Train: ये है भारत की सबसे तेज भागने वाली वंदे भारत, जानिए स्पीड, रूट और सफर का समय
India Fastest Vande Bharat Train: ये है भारत की सबसे तेज भागने वाली वंदे भारत, जानिए स्पीड, रूट और सफर का समय

India Fastest Vande Bharat Train: ये है भारत की सबसे तेज भागने वाली वंदे भारत, जानिए स्पीड, रूट और सफर का समय

भारतीय रेलवे की वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ने अपनी तेज रफ्तार, आधुनिक सुविधाओं और स्वदेशी इंजीनियरिंग के दम पर देश में इंटर सिटी ट्रैवल की सूरत बदल दी है। देश में तेजी से बढ़ते सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों के नेटवर्क के बीच एक ऐसी वंदे भारत ट्रेन भी है जो रफ्तार के मामले में सबसे ऊपर है। रानी कमलापति (भोपाल) से हजरत निजामुद्दीन (नई दिल्ली) वंदे भारत एक्सप्रेस को फिलहाल भारत की सबसे तेज चलने वाली वंदे भारत ट्रेन का दर्जा मिला हुआ है। यह ट्रेन दिल्ली और आगरा के बीच अपने रूट के कुछ हिस्सों में 160 किमी/घंटा की अधिकतम पर्मिसेबल स्पीड को भी टच कर लेती है।

वैसे हजरत निजामुद्दीन और खजुराहो के बीच चलने वाली एक दूसरी वंदे भारत ट्रेन भी इसी अधिकतम स्पीड पर चलती है लेकिन रानी कमलापति सेवा को व्यापक रूप से भारत के सबसे तेज वंदे भारत संचालन के फ्लैगशिप के रूप में देखा जाता है।

रिकॉर्ड समय में भोपाल से दिल्ली का सफर: रूट और टाइमिंग

इस ट्रेन की शुरुआत 1 अप्रैल 2023 को की गई थी। यह ट्रेन भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को नई दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ती है। यह दोनों स्टेशनों के बीच लगभग 700 किलोमीटर की दूरी तय करती है। इस लंबी दूरी को यह ट्रेन मात्र 7 घंटे 30 मिनट में पूरा कर लेती है।

क्यों है यह भारत की सबसे तेज वंदे भारत?

यूं तो हर वंदे भारत ट्रेन को 180 किमी/घंटा की शीर्ष गति के लिए डिजाइन किया गया है लेकिन पटरियों की स्थिति, सिग्नलिंग सिस्टम, मोड़ों और मिक्स्ड रेल ट्रैफिक के कारण अधिकांश रूट इस स्पीड को सपोर्ट नहीं करते हैं। ऐसे में रानी कमलापति से हजरत निजामुद्दीन रूट के सबसे तेज होने की कुछ खास वजहें हैं। इस ट्रेन को भारत के सबसे आधुनिक रेल कॉरिडोर का फायदा मिलता है। यह ट्रेन अपग्रेडेड तुगलकाबाद से आगरा खंड पर 160 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है। ये इसे व्यावसायिक रूप से संचालित देश की सबसे तेज वंदे भारत सेवा बनाता है।

अपने उद्घाटन सफर के दौरान इस ट्रेन ने कुछ समय के लिए 161 किमी/घंटा की रफ्तार को छूकर भारत के अपग्रेडेड रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की क्षमता का प्रदर्शन किया था। इस ट्रेन में पारंपरिक ट्रेनों की तरह एक सिंगल लोकोमोटिव (इंजन) पर निर्भर रहने के बजाय कई कोचों के नीचे मोटर फिट किए गए हैं। इसकी मदद से ट्रेन तेजी से रफ्तार पकड़ती है और आसानी से ब्रेक लगा पाती है। यही वजह है कि जिन हिस्सों में ट्रेन अधिकतम गति से नीचे चलती है, वहां भी कुल यात्रा समय कम हो जाता है।

भारतीय इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना

मेक इन इंडिया पहल के तहत चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में बनाई गई वंदे भारत एक्सप्रेस हाल के दशकों में भारतीय रेलवे की सबसे बड़ी तकनीकी प्रगति में से एक है। रानी कमलापति सेवा वंदेभारत में यात्रा करने वाले यात्रियों को प्रीमियम सुविधाएं मिलती हैं। एग्जीक्यूटिव चेयर कार में घूमने वाली सीटें, ऑटोमैटिक प्लग डोर्स, फ्लाइट जैसे इंटीरियर्स, जीपीएस-आधारित यात्री सूचना डिस्प्ले, बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स, सीसीटीवी से निगरानी, उन्नत सस्पेंशन के कारण आराम का सफर जैसे सुविधाएं इसे खास बनाती हैं। पारंपरिक लोकोमोटिव से खींचे जाने वाली ट्रेनों की तुलना में ये ट्रेन ज्यादा स्पीड पकड़ती है।

क्या यह और भी तेज चल सकती है?

थ्योरी के हिसाब से इसका जवाब हां है। ट्रायल रन के दौरान वंदे भारत ट्रेनसेट ने सफलतापूर्वक 180 किमी/घंटा की रफ्तार हासिल की है। हालांकि बुनियादी ढांचे की सीमाओं की वजह से फिलहाल प्रैक्टिकली इसकी स्पीड को 160 किमी/घंटा तक रखा गया है। जैसे-जैसे भारतीय रेलवे पटरियों, सिग्नलिंग और सुरक्षा प्रणालियों को अपग्रेड करना जारी रखेगी भविष्य में ये ट्रेनें अपनी डिजाइन क्षमता का और बेहतर व पूरा उपयोग कर सकेंगी। फिलहाल देश में आने वाली हाई-स्पीड रेल परियोजनाएं भले ही इससे भी तेज यात्रा का वादा करती हों लेकिन मौजूदा समय में रानी कमलापति से हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस ही देश में स्पीड का असली बेंचमार्क बनी हुई है।

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