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L&T को 2 दिन में मिला 2 बड़ा ऑर्डर, मेटल सेगमेंट में JSW Steel ने दिया अब तक का सबसे बड़ा कॉन्ट्रैक्ट
L&T को 2 दिन में मिला 2 बड़ा ऑर्डर, मेटल सेगमेंट में JSW Steel ने दिया अब तक का सबसे बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

L&T को 2 दिन में मिला 2 बड़ा ऑर्डर, मेटल सेगमेंट में JSW Steel ने दिया अब तक का सबसे बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

L&T mega order: इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग दिग्गज Larsen & Toubro (L&T) ने मेटल्स सेगमेंट में अब तक का अपना सबसे बड़ा घरेलू ऑर्डर हासिल किया है। कंपनी को यह ‘मेगा’ कॉन्ट्रैक्ट JSW Steel से मिला है, जिसकी वैल्यू 10,000 करोड़ से 15,000 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले दो दिनों में कंपनी को मिले ऑर्डर्स की कुल वैल्यू करीब 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंचती है, जिससे L&T की ऑर्डर बुक और रेवेन्यू विजिबिलिटी दोनों को मजबूत सपोर्ट मिला है।

JSW Steel से मिला मेगा ऑर्डर

JSW Steel फिलहाल अपने लॉन्ग-टर्म कैपेक्स प्लान पर तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी का लक्ष्य 2031 तक अपनी क्रूड स्टील क्षमता को 35 MTPA से बढ़ाकर 50 MTPA से ज्यादा करना है। इसी एक्सपेंशन ड्राइव के तहत L&T को क्रिटिकल प्रोसेस फैसिलिटीज जैसे ब्लास्ट फर्नेस और स्टील मेल्ट शॉप्स की इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और इंस्टॉलेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह प्रोजेक्ट मुख्य रूप से कर्नाटक के बल्लारी और ओडिशा के पारादीप स्थित प्लांट्स में लागू होगा।

इस ऑर्डर को कंपनी के मेटल्स और मिनरल्स बिजनेस के लिए एक ‘इन्फ्लेक्शन पॉइंट’ माना जा रहा है, क्योंकि यह बड़े और जटिल मेटलर्जिकल प्रोजेक्ट्स में L&T की मजबूत पकड़ को दोबारा स्थापित करता है।

ऑर्डर बुक और एग्जीक्यूशन विजिबिलिटी पर असर

एनालिस्ट्स के मुताबिक, इस तरह के बड़े EPC ऑर्डर्स L&T के लिए मल्टी-ईयर रेवेन्यू स्ट्रीम सुनिश्चित करते हैं। कंपनी की मजबूत एग्जीक्यूशन ट्रैक रिकॉर्ड और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन क्षमता उसे ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स में बढ़त दिलाती है।

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JSW Steel के साथ तीन दशकों से ज्यादा पुराना रिलेशनशिप भी इस ऑर्डर की अहमियत को बढ़ाता है। दोनों कंपनियों ने पहले भी कई बड़े मेटल प्रोजेक्ट्स पर साथ काम किया है, जिससे प्रोजेक्ट डिलीवरी में रिस्क कम और एफिशिएंसी ज्यादा रहती है।

शेयर पर शॉर्ट-टर्म दबाव

हालांकि, इतने बड़े ऑर्डर के बावजूद L&T के शेयर में शुरुआती कारोबार में करीब 3% की गिरावट देखी गई। इसकी वजह कंपनी के हालिया तिमाही नतीजे रहे, जहां मुनाफा सालाना आधार पर करीब 3% घटा है। कंपनी ने 38 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है, लेकिन बाजार फिलहाल अर्निंग्स पर ज्यादा फोकस करता दिख रहा है।

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मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऑर्डर इनफ्लो मजबूत रहने से L&T की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्टोरी बरकरार है, खासकर ऐसे समय में जब भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल कैपेक्स साइकिल रफ्तार पकड़ रही है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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