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1 साल में 4.38 लाख करोड़ रुपये डूबे, एचडीएफसी ग्रुप के शेयरों की हालत खराब, HDFC बैंक 52-हफ्ते के निचले स्तर पर
1 साल में 4.38 लाख करोड़ रुपये डूबे, एचडीएफसी ग्रुप के शेयरों की हालत खराब, HDFC बैंक 52-हफ्ते के निचले स्तर पर

1 साल में 4.38 लाख करोड़ रुपये डूबे, एचडीएफसी ग्रुप के शेयरों की हालत खराब, HDFC बैंक 52-हफ्ते के निचले स्तर पर

भारतीय शेयर बाजार में पिछले एक साल में दिग्गज HDFC ग्रुप के शेयरों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। ग्रुप की चार प्रमुख लिस्टेड कंपनियों ने मिलकर पिछले 12 महीनों में करीब 4.38 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू गंवाई है। देश के सबसे मजबूत फाइनेंशियल ब्रांड्स में गिने जाने वाले इस ग्रुप पर सुस्त ग्रोथ, गिरते मार्जिन और वैल्यूएशन के दबाव का सीधा असर पड़ा है।

HDFC बैंक

  • बैंक का शेयर 1 साल में 26% तक गिरा है, जिससे निवेशकों के 3.73 लाख करोड़ रुपये डूब गए।
  • बैंक का मार्केट कैप 15 लाख करोड़ रुपये से घटकर 11 लाख करोड़ रुपये से नीचे पर आ गया है।
  • शुक्रवार को एचडीएफसी बैंक का शेयर 2.08% गिरकर 712 रुपये पर बंद हुआ। शुक्रवार को कारोबार के दौरान 710 रुपये तक गिर गया था, जो इसका 52 हफ्ते का सबसे निचला स्तर है।

गिरावट के कारण

  • साल 2023 में पैरेंट कंपनी HDFC के साथ हुए विलय के बाद बैंक की बैलेंस शीट तो बड़ी हुई, लेकिन फंड की लागत बढ़ गई और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटकर 3.26% रह गया। यह विलय से पहले 4% के करीब था।
  • मार्जिन सुधारने में उम्मीद से ज्यादा समय लग रहा है। क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो बढ़ने के कारण बैंक को महंगे डिपॉजिट और कर्ज पर निर्भर होना पड़ा है।
  • लोग म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में ज्यादा पैसा लगा रहे हैं, जिससे CASA (चालू व बचत खाते) डिपॉजिट की ग्रोथ सुस्त है।
  • इसके अलावा, दुबई में AT1 बॉन्ड की बिक्री और कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़ी कुछ चर्चाओं ने भी शेयर को प्रभावित किया।

HDFC लाइफ इंश्योरेंस

  • प्रतिशत के हिसाब से यह ग्रुप का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा।
  • इसमें 29% की गिरावट आई और 47,261 करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू खत्म हो गई। मार्केट कैप 1.7 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये रह गया।
  • सोमवार को शेयर 1.55% की गिरावट के साथ 546.50 रुपये पर बंद हुआ।

गिरावट के कारण

  • कंपनी की ग्रोथ काफी कमजोर रही है। जून तिमाही में इंडिविजुअल एनुअल प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) में सिर्फ 7% YoY की बढ़त हुई।
  • 5 लाख रुपये से अधिक के प्रीमियम पर टैक्स नियमों में बदलाव और सरेंडर-वैल्यू के नए नियमों से मार्जिन पर असर पड़ा है।
  • जीएसटी का असर और 13वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेशियो गिरकर 84% पर आना भी एक बड़ी वजह रहा।

इनमें भी आई गिरावट

HDFC AMC (एसेट मैनेजमेंट कंपनी) और HDB फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर में भी गिरावट आई। HDFC AMC के शेयर में एक साल में 7% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे मार्केट वैल्यू में 8,649 करोड़ रुपये की कमी आई। वहीं HDB फाइनेंशियल सर्विसेज का शेयर पिछले एक साल में शेयर 13% टूटा है और मार्केट वैल्यू में 8,458 करोड़ रुपये की गिरावट आई है।

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