SBI Alert : दो बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा एसबीआई, 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों को होगा फायदा
SBI Alert : देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए बैंकिंग व्यवस्था में दो बड़े टेक्नोलॉजी बदलाव करने की तैयारी में है। पहला बदलाव ग्राहकों के निजी और वित्तीय डेटा की सुरक्षा से जुड़ा है, जबकि दूसरे के तहत बैंक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से चेक प्रोसेसिंग शुरू करने की तैयारी कर रहा है। SBI में 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं, ऐसे में इन बदलावों का असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ सकता है।
इस साल के अंत तक पूरा होगा DPDP सेटअप
SBI ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के तहत नियमों का पालन करने के लिए जरूरी सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर खरीद लिए हैं। बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से समाचार एजेंसी PTI ने शुक्रवार को बताया कि इनकी इंस्टॉलेशन और सिस्टम में तैनाती का काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने की योजना है। SBI के पास 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों का डेटा है। इसमें नाम, मोबाइल नंबर, पता, बैंक खाते और लेनदेन जैसी कई महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं। ऐसे में इस डेटा की सुरक्षा और प्राइवेसी बैंक के लिए बेहद अहम है। नए टेक्नोलॉजी सिस्टम के जरिए SBI अपने डेटा सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है।
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क्या है DPDP कानून?
डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP Act, 2023) का मकसद लोगों के डिजिटल निजी डेटा को सुरक्षित रखना है। इसके तहत जो संस्थान लोगों का डिजिटल डेटा संभालते हैं, उन्हें उसे तय नियमों के मुताबिक इस्तेमाल करना होगा। इसमें डेटा के इस्तेमाल का कानूनी आधार, ग्राहक को जरूरी जानकारी देना और जहां जरूरी हो वहां उसकी सहमति लेना शामिल है। इसके अलावा लोगों को अपने निजी डेटा को लेकर कुछ अधिकार भी दिए गए हैं। सरकार ने नवंबर 2025 में DPDP रूल्स जारी किए थे। इन नियमों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। डेटा फिड्यूशियरी की मुख्य जिम्मेदारियों से जुड़े प्रावधान नियमों के जारी होने के 18 महीने बाद लागू होने हैं। यही वजह है कि SBI समेत डेटा संभालने वाले दूसरे संस्थान भी अपने सिस्टम और प्रक्रियाओं को नए नियमों के मुताबिक तैयार कर रहे हैं।
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जल्द AI से प्रोसेस होंगे चेक
SBI ग्राहकों की डेटा सुरक्षा के साथ-साथ चेक प्रोसेसिंग को भी टेक्नोलॉजी के जरिए तेज और आसान बनाने की तैयारी कर रहा है। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर अश्विनी कुमार तिवारी ने बताया कि SBI मार्च 2027 तक AI की मदद से चेक प्रोसेसिंग शुरू कर सकता है। शुरुआत में AI का इस्तेमाल 15,000 रुपये तक के चेक के लिए किया जाएगा। अगर यह व्यवस्था सफल रहती है, तो आगे चलकर इसे ज्यादा रकम वाले चेक तक भी बढ़ाया जा सकता है। SBI ने चेक प्रोसेसिंग को ऑटोमेट करने के लिए LLM यानी लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स भी तैनात किए हैं। AI बेस्ड सिस्टम चेक से जुड़ी जानकारी को पढ़ने और उसे प्रोसेस करने में बैंक की मदद करेगा। इससे चेक प्रोसेसिंग की प्रक्रिया को ज्यादा तेज और ऑटोमेटेड बनाने में मदद मिल सकती है।
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50 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों तक SBI की पहुंच
SBI देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है और 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों को बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं देता है। ग्राहकों तक पहुंच बनाने के लिए बैंक के पास देशभर में 23,302 से ज्यादा शाखाएं, 63,580 ATM/ADWM और करीब 82,900 बिजनेस कॉरिस्पॉन्डेंट आउटलेट्स हैं। बिजनेस कॉरिस्पॉन्डेंट यानी BC आउटलेट ऐसी जगहें या अधिकृत एजेंट प्वाइंट होते हैं, जहां ग्राहक बैंक की कई जरूरी सेवाएं बिना नियमित SBI शाखा में जाए ले सकते हैं। इससे खासकर उन इलाकों में बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलती है, जहां बैंक की पूरी शाखा मौजूद नहीं है। SBI की मौजूदगी भारत तक सीमित नहीं है। बैंक 29 विदेशी देशों में 245 कार्यालयों के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काम करता है। बैंक का कहना है कि बदलती जरूरतों के साथ वह टेक्नोलॉजी और सेवाओं को लगातार बेहतर बना रहा है।

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