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Cable Market में UltraTech की एंट्री से बढ़ी हलचल, क्या Polycab-KEI-RR Kabel के लिए बन सकती है खतरे की घंटी?
Cable Market में UltraTech की एंट्री से बढ़ी हलचल, क्या Polycab-KEI-RR Kabel के लिए बन सकती है खतरे की घंटी?

Cable Market में UltraTech की एंट्री से बढ़ी हलचल, क्या Polycab-KEI-RR Kabel के लिए बन सकती है खतरे की घंटी?

Cable Market: केबल और वायर बाजार में UltraTech Cement की एंट्री के साथ कंपटीशन तेज होती दिख रही है। कंपनी ने अपने वायर और केबल ब्रांड Ultravolt को बाजार में उतारने से पहले मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन, डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग पर मजबूत तैयारी की है। Centrum Institutional Research की रिपोर्ट के मुताबिक, इसका शुरुआती असर इस सेक्टर की दूसरी कंपनियों- Polycab, KEI Industries और RR Kabel की बिक्री पर सीमित रह सकता है, लेकिन कीमत और चैनल इंसेंटिव का दबाव इनके ऑपरेटिंग मार्जिन पर पड़ सकता है। हालांकि, इसका सबसे बड़ा असर अल्ट्रावोल्ट के ऐलान के बाद देखा गया था जब दूसरी पीयर्स कंपनियों के शेयर में बड़े स्तर पर बिकवाली आई थी।

कीमत और डीलर इंसेंटिव बड़े हथियार?

Ultravolt की खासियत सिर्फ नई क्षमता खड़ी करना नहीं है। रिपोर्ट के चैनल फीडबैक के मुताबिक, कंपनी की ओर से डीलरों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को दी जा रही कीमत और इंसेंटिव स्ट्रक्चर मौजूदा कंपनियों से बेहतर बताई गई है। इसके अलावा रिटेलर्स और इलेक्ट्रीशियन के लिए भी सपोर्ट स्कीम रखी गई है। इससे चैनल पार्टनर्स को नए ब्रांड को आगे बढ़ाने के लिए इंसेंटिव्स मिल सकता है। Centrum का मानना है कि मौजूदा कंपनियों को अपने प्रमुख डीलरों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को बनाए रखने के लिए चैनल इंसेंटिव बढ़ाना पड़ सकता है, खासकर वायर और लो-वोल्टेज केबल कारोबार में। इससे उनकी कॉस्ट स्ट्रक्चर पर दबाव बढ़ सकता है।

तांबे की कीमत बढ़ी तो मार्जिन पर दोहरा दबाव

रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ती तांबे की कीमतों के बीच कंपनियों के लिए कीमत बढ़ाना भी आसान नहीं होगा। अगर वे Ultravolt के मुकाबले कीमत का अंतर सीमित रखना चाहती हैं, तो भविष्य में कीमत बढ़ाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसका असर ऑपरेटिंग मार्जिन पर पड़ सकता है और रिपोर्ट ने अलग-अलग परिस्थितियों में 15-75 बेसिस पॉइंट तक मार्जिन दबाव का अनुमान लगाया है। हालांकि, शुरुआती फेड में Ultravolt की कैपेसिटी इंडस्ट्री की तुलना में सीमित है। Bharuch, Gujarat प्लांट में कमर्शियल प्रोडक्शन 1 सितंबर 2026 से शुरू हुआ और शुरुआती क्षमता 11 लाख किलोमीटर है। कंपनी ने दो साल में 1,800 करोड़ रुपये निवेश और कुल 35-40 लाख किलोमीटर क्षमता की योजना बनाई है।

Polycab के सामने चुनौती, लेकिन…

Polycab की स्थिति फिलहाल मजबूत बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक FY28 में उसके वायर एवं केबल कारोबार का अनुमानित रेवेन्यू करीब 37,700 करोड़ रुपये और FY29 में 44,100 करोड़ रुपये है। इसके मुकाबले Ultravolt का अनुमानित रेवेन्यू क्रमशः 5,000 करोड़ और 8,000 करोड़ रुपये है। यानी शुरुआती वर्षों में Polycab का कारोबार काफी बड़ा रहेगा। Polycab के पास करीब 10,000 SKU, 3,900 से अधिक डीलर-डिस्ट्रीब्यूटर और 1.9 लाख से ज्यादा रिटेल आउटलेट हैं। कंपनी 24 घंटे में प्रोडक्ट डिलीवरी की क्षमता भी रखती है।

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3 कंपनियों की बिक्री पर असर संभव

Centrum का अनुमान है कि Ultravolt की एंट्री से Polycab, KEI और RR Kabel की बिक्री पर शुरुआती तौर पर 1-5 फीसदी तक असर हो सकता है। हालांकि, इन कंपनियों का मिडिल-वोल्टेज, हाई-वोल्टेज, विशेष केबल और एक्सपोर्ट बिजनेस Ultravolt से सीधे कंपटीशन को काफी हद तक सीमित करता है। कंपनियां हाई-वोल्टेज/ईएचवी केबल और एक्सपोर्ट पर ज्यादा फोकस करके दबाव को कम कर सकती हैं। Polycab के लिए रिपोर्ट के बेस केस में 2-3 फीसदी राजस्व नुकसान और 30-45 बेसिस पॉइंट मार्जिन कटौती की स्थिति में वायर एवं केबल EBIT तथा समेकित ईपीएस पर FY28-29 में 4-6 फीसदी असर का अनुमान है।

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असली मुकाबला आगे बढ़ने पर होगा

Ultravolt का शुरुआती असर सीमित रहने का अनुमान है, लेकिन Centrum के मुताबिक अगले 3-5 वर्षों में यह इंडस्ट्री में अहम खिलाड़ी बन सकता है। कंपनी FY31 तक दूसरा सबसे बड़ा वायर एवं केबल खिलाड़ी बनने का लक्ष्य रखती है। इसके लिए रिपोर्ट के हिसाब से मौजूदा 1,800 करोड़ रुपये के घोषित निवेश के अलावा करीब 3,200 करोड़ रुपये अतिरिक्त पूंजी की जरूरत पड़ सकती है, जब तक कि कंपनी अधिग्रहण के रास्ते से क्षमता नहीं बढ़ाती। इसलिए फिलहाल मुकाबला सिर्फ बाजार हिस्सेदारी का नहीं, बल्कि कीमत, डीलर इंसेंटिव और मार्जिन का भी है।

Disclaimer: सेक्टर को लेकर सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई हैं। यह ET NOW Swadesh के निजी विचार नहीं हैं। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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