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भारत में नई इंडस्ट्रियल क्रांति की शुरुआत, 2030 तक 6 सेक्टरों में देखने को मिलेगा बड़ा बूम- जेफरीज
भारत में नई इंडस्ट्रियल क्रांति की शुरुआत, 2030 तक 6 सेक्टरों में देखने को मिलेगा बड़ा बूम- जेफरीज

भारत में नई इंडस्ट्रियल क्रांति की शुरुआत, 2030 तक 6 सेक्टरों में देखने को मिलेगा बड़ा बूम- जेफरीज

भारत पर जेफरीज ने एक मेगा रिपोर्ट जारी की है। जिसके मुताबिक भारत में नई इंडस्ट्रियल क्रांति शुरु हुई है। स्पेस,सेमीकंडक्टर,डेटा सेंटर जैसे 6 सेक्टर्स भारतीय इकोनॉमी की तस्वीर बदल सकते हैं। जेफरीज अपनी इस रिपोर्ट में कहा कि 2030 तक स्पेस इकोनॉमी आज के मुकाबले 5 गुना होगी। 2030 तक 6 सेक्टरों में बड़ा बूम होगा। इनको सरकारी नीतियों का बूस्टर डोज मिलेगा। इन सेक्टरों में प्राइवेट सेक्टर की एंट्री गेमचेंजर साबित होगी। इनको लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर से फायदा मिलेगा।

जेफरीज: न्यू इंडिया की 6 मेगा थीम

जेफरीज की न्यू इंडिया की 6 मेगा थीम में स्पेस, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर ओर एयरोस्पेस हैं। 2020 में सरकार ने स्पेस सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों के लिए दरवाजे खोले। यह स्पेस सेक्टर के लिए गेमचेंजर मोमेंट था। अभी भारत की स्पेस इकोनॉमी 9 अरब डॉलर की है। यह 2030 में 5 गुना बढ़कर 45 अरब डॉलर की हो सकती है।

एयरोस्पेस: भारतीय स्टार्टअप्स की नई उड़ान

स्पेस सेक्टर में भारत में कई स्टार्टअप्स अच्छा काम कर रहे है। इनमें Skyroot, Pixxel, Agnikul और Digantara के नाम शामिल हैं। आगे ये बड़ी कंपनियों के तौर पर उभर सकते हैं। सेक्टर में 2030 तक भारत का एक्सपोर्ट 2 अरब डॉलर का आंकड़ा छू सकता है। और इसके क्लाइंट्स में बोइंग और एयरबस शामिल हो सकती हैं।

एयरोस्पेस के बड़े प्लेयर्स में आजाद इंजीनियरिंग, भारत फोर्ज, संसेरा, मदरसन सुमी और Aequs शामिल है। आगे इन कंपनियों में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

सेमीकंडक्टर: 2030 के मेगा टारगेट

सेमीकंडक्टर के बारे में इस रिपोर्ट में कहा गया है। अभी तक इस सेक्टर में 20 अरब डॉलर का निवेश हो चुका है। इसके अलावा 13 अरब डॉलर के नए इंसेंटिव प्लान भी हैं। भारत की सेमीकंडक्टर में बड़े छलांग की तैयारी है। आगे भारत फैब यूनिट्स, OSAT और चिप डिजाइनिंग का ग्लोबल हब बनेगा।

डेटा सेंटर

डेटा सेंटर पर इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक इस सेक्टर की कैपेसिटी में 5 गुना की बढ़त देखने को मिल सकती है और कुल क्षमता बढ़कर 10 गीगा वॉट हो सकती है। 2030 तक इस सेक्टर की आय 9 अरब डॉलर हो सकती है। इस अवधि में इस सेक्टर में 45 अरब डॉलर का निवेश हो सकता है।

इलेक्ट्रॉनिक्स

जेफरीज की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक भारत मोबाइल कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग का हब बन सकता है और मोबाइल कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग 20% से बढ़ाकर 50% तक हो सकती है।

सोलर मैन्युफैक्चरिंग

2030 तक भारत सोलर मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल लीडर और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हब बन सकता है। सोलर मैन्युफैक्चरिंग में भारत की मौजूदा क्षमता 35GW है जो 2030 तक 100GW हो सकती है। 2030 तक सोलर मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चैन का 90% तक हिस्सा लोकल होगा।

 

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