JSL Result: मुनाफे में हुई 27% से भी ज्यादा की बढ़ोतरी तो शेयरधारकों को मिला 200% का डिविडेंड
Last Updated on May 4, 2026 18:54, PM by Pawan
स्टेनलेस स्टील बनाने वाली भारत की सबसे बड़ी कंपनी जिंदल स्टेनलेस (JSL) के शेयरधारकों को पिछले साल के लिए 200% का डिविडेंड मिलेगा। कंपनी के निदेशक मंडल ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही और वित्त वर्ष के वित्तीय परिणामों की आज घोषणा की। इस दौरान कंपनी का मुनाफा 27 फीसदी से भी ज्यादा बढ़ा है।
क्या रहे परिणाम
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जिंदन स्टेनलेस ने 25,65,902 टन तैयार माल (Finished Goods) की बिक्री दर्ज की। यह पिछले वर्ष की तुलना में 8.1% अधिक है। आलोच्य अवधि के दौरान कंपनी का शुद्ध राजस्व 42,955 करोड़ रुपये रहा, जो 9.3% की वृद्धि दर्शाता है। इस दौरान कंपनी का EBITDA 5,560 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में 19.2% अधिक है। बीते साल कंपनी का शुद्ध मुनाफा या पीएटी 27.4% बढ़कर 3,185 करोड़ रुपये रहा।
Q4 के क्या रहे नंबर
बीते साल की अंतिम तिमाही के दौरान, कंपनी के फिनिश्ड गुड्स की बिक्री 6,41,743 टन रही। इस दौरान कंपनी का शुद्ध राजस्व 11,367 करोड़ रुपये रहा। एबिट्डा वर्ष दर वर्ष 37.1% बढ़ कर 1,455 करोड़ रुपये हो गया, जो मज़बूत परिचालन प्रदर्शन को दर्शाता है। इस दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ 41.4% बढ़कर 834 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
कितना मिलेगा डिविडेंड
जेएसएल के निदेशकमंडल ने (शेयरधारकों की स्वीकृति के अधीन) साल 2025-26 के लिए तीन रुपये प्रति शेयर के अंतिम लाभांश की अनुशंसा की है। इसके साथ ही इस साल कुल लाभांश चार रुपये प्रति शेयर (₹2 अंकित मूल्य पर 200%) हो गया है। इस साल समेकित शुद्ध ऋण-से-इक्विटी अनुपात (Debt-to-Equity Ratio) पिछले वर्ष के 0.24 से बेहतर हो कर 0.15 हो गया है।
बढ़ रहा है स्टेनलेस स्टील का उपयोग
परिणाम के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में जिंदल स्टेनलेस के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने बताया कि घरेलू स्तर पर स्टेनलेस स्टील की डिमांड बढ़ रही है। कंपनी ने ऑटोमोबाइल, पाइप्स और ट्यूब्स, मेट्रो, लिफ्ट एवं एलेवेटर्स और व्हाइट गुड्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत मांग के समर्थन से सुदृढ़ परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन दिया है। इस समय इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ट्रेलर, कंटेनर, रियल एस्टेट,डिफेंस और एयरोस्पेस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्टेनलेस स्टील का उपयोग भी बढ़ रहा है। हालांकि, चीन और वियतनाम से आयात, विशेषकर आसियान देशों के माध्यम से पुनर्निर्देशित निम्न गुणवत्ता वाले उत्पाद, भारतीय स्टेनलेस स्टील उद्योग के लिए चुनौती बन रहे हैं।

