AMFI Data June 2026: मिडकैप फंड्स पर सबसे ज्यादा दांव क्यों लगा रहे हैं निवेशक, 10 महीने बाद Flexi Cap Funds में फिर बढ़ी दिलचस्पी
AMFI Data June 2026: भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में निवेशकों का भरोसा सबसे ज्यादा मिडकैप फंड (Mid Cap Fund) पर देखने को मिला है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया (AMFI) आंकड़ों के मुताबिक इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम्स में मिडकैप फंड ने सबसे अधिक 6090.17 करोड़ रुपये का नेट इन्फ्लो दर्ज किया। इस कैटेगरी में कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर करीब 5.06 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि कुल 33 स्कीम्स इस कैटेगरी में शामिल हैं।
यह दिखाता है कि निवेशक बेहतर ग्रोथ की उम्मीद में मिडकैप कंपनियों पर लगातार दांव लगा रहे हैं। जून में स्मॉलकैप फंड में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। इस इस दौरान स्मॉलकैप फंड में 5602 करोड़ रुपये का इन्फ्लो देखने को मिला है।
मिडकैप फंड में सबसे ज्यादा निवेश क्यों आया?
मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि मिडकैप कंपनियों में बड़े कारोबार बनने की क्षमता होती है। इन कंपनियों की कमाई और विस्तार की रफ्तार अक्सर लार्जकैप कंपनियों से ज्यादा होती है, जिससे लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। इसके अलावा इंडियन इकोनॉमी में मजबूत ग्रोथ, घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और कॉर्पोरेट अर्निंग में सुधार की उम्मीद ने भी निवेशकों का भरोसा मिडकैप फंड्स पर बढ़ाया है।
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया की सीनियर एनालिस्ट नेहल मेश्राम का कहना है कि ग्लोबल अनिश्चितताओं और बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है। बेहतर बाजार माहौल, घरेलू अर्थव्यवस्था को लेकर पॉजिटिव उम्मीदें और रिटेल निवेशकों की लगातार भागीदारी ने जून में निवेश बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
Flexi Cap Fund भी निवेशकों की पसंद
Mid Cap Fund के अलावा Flexi Cap Fund में निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी देखने को मिली। इस कैटेगरी में 5231 करोड़ रुपये का नेट इन्फ्लो दर्ज किया गया है। Flexi Cap Fund का कुल AUM बढ़कर करीब 5.81 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि इस कैटेगरी में 45 स्कीम्स मौजूद हैं। Flexi Cap Fund की सबसे बड़ी खासियत यह है कि फंड मैनेजर बाजार की स्थिति के अनुसार लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेश का अनुपात बदल सकते हैं। यही फ्लेक्सिबिलिटी इसे निवेशकों के बीच लोकप्रिय बनाता है।
मल्टी कैप फंड में निवेश
Multi Cap Fund में 3,070.26 करोड़ रुपये का निवेश आया। इससे साफ है कि निवेशक केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि अलग-अलग मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनियों में निवेश कर बेहतर रिटर्न के अवसर तलाश रहे हैं। दूसरी ओर Large Cap Fund में 2067.48 रुपये करोड़ का निवेश दर्ज किया गया।
यह आंकड़ा मिडकैप और फ्लेक्सीकैप फंड्स की तुलना में काफी कम है। इसकी एक वजह यह हो सकती है कि लार्जकैप शेयरों में स्थिरता तो अधिक होती है, लेकिन तेज ग्रोथ की संभावना अपेक्षाकृत सीमित रहती है। इसलिए निवेशकों का झुकाव इस समय अधिक ग्रोथ क्षमता वाले फंड्स की ओर दिखाई दे रहा है।
सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स में भी बढ़ी दिलचस्पी
जून में सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स में भी निवेश बढ़ा। इस कैटेगरी में 1469 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि मई में यह सिर्फ 648 करोड़ रुपये था। हालांकि निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है लेकिन यह अभी भी संतुलित और सीमित नजर आती है।
जून में ELSS (टैक्स सेविंग) फंड्स और डिविडेंड यील्ड फंड्स ही ऐसी कैटेगरी रहीं, जहां आउटफ्लो दर्ज की गई। एक्सपर्ट का मानना है कि न्यू टैक्स रिजीम के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से टैक्स बचाने वाले ELSS फंड्स की आकर्षण पहले की तुलना में कम हुआ है।

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