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EPF 2026 : इन 7 कंडीशंस में 100 फीसदी निकाल सकते हैं PF फंड: अब ईपीएफ 1952 के मुकाबले क्या बदला?
EPF 2026 : इन 7 कंडीशंस में 100 फीसदी निकाल सकते हैं PF फंड: अब ईपीएफ 1952 के मुकाबले क्या बदला?

EPF 2026 : इन 7 कंडीशंस में 100 फीसदी निकाल सकते हैं PF फंड: अब ईपीएफ 1952 के मुकाबले क्या बदला?

केंद्र सरकार की ओर स ईपीएफ योजना 2026 (EPF Scheme 2026) के तहत पीएफ खाते से पुरा पैसा निकालने के नियमों में फिर से बदलाव किया गया है। नए नियमों के अनुसार कर्मचारी सात खास परिस्थितियों में अपने पीएफ खाते की 100% राशि निकाल सकते हैं। हालांकि, ज्यादातर नियम पहले की EPF Scheme 1952 जैसे ही हैं, लेकिन कुछ अहम बदलाव भी किए गए हैं। आइए जानते हैं किन 7 स्थितियों में पूरा पीएफ निकाला जा सकता है और नए नियमों में क्या बदला है।

1. 55 साल की उम्र में रिटायरमेंट

अगर कोई कर्मचारी 55 साल या उससे अधिक उम्र में नौकरी से रिटायर होता है, तो वह अपने पीएफ खाते की पूरी राशि निकाल सकता है। अगर कर्मचारी पहले नौकरी छोड़ देता है और भुगतान से पहले उसकी उम्र 55 साल हो जाती है, तब भी पूरी राशि निकाली जा सकती है।

2. स्थायी दिव्यांगता होने पर

अगर कोई कर्मचारी शारीरिक या मानसिक रूप से स्थायी रूप से काम करने में असमर्थ हो जाता है, तो वह पूरा पीएफ फंड निकाल सकता है। इसके लिए मेडिकल अधिकारी या अधिकृत डॉक्टर का प्रमाण पत्र जरूरी होगा।

3. विदेश में स्थायी रूप से बसने पर

अगर कोई कर्मचारी हमेशा के लिए विदेश में बसने या विदेश में नौकरी करने जा रहा है, तो वह भारत छोड़ने से पहले अपने पीएफ खाते की पूरी राशि निकाल सकता है।

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4. नौकरी छूटने या छंटनी होने पर

अगर किसी कर्मचारी की नौकरी छूट जाती है या कंपनी में छंटनी होती है, तो वह अपने पीएफ खाते का पूरा पैसा निकाल सकता है।

5. VRS लेने पर

अगर कर्मचारी VRS के तहत नौकरी छोड़ता है, तो उसे भी अपने पीएफ खाते की पूरी राशि निकालने की अनुमति होगी।

6. कुछ विशेष परिस्थितियों में

अगर कंपनी बंद हो जाती है, कर्मचारी को ऐसी जगह भेज दिया जाता है जहां EPF लागू नहीं है या नौकरी समाप्त हो जाती है, तो भी पूरा पीएफ निकाला जा सकता है। हालांकि, ऐसे मामलों में आवेदन के दो महीने बाद भुगतान किया जाएगा।

7. लंबे समय तक बेरोजगार रहने पर

अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बाद लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहता है, तो वह अपने पीएफ खाते की पूरी राशि निकाल सकता है। हालांकि, शादी के कारण नौकरी छोड़ने वाली महिला कर्मचारियों पर यह 12 महीने का इंतजार लागू नहीं होगा।

1952 के नियमों से क्या बदला?

नए EPF 2026 में पूरा पीएफ निकालने की सभी स्थितियां लगभग पहले जैसी ही हैं। लेकिन दो बड़े बदलाव किए गए हैं। पहला, पहले नौकरी छूटने के बाद पुरुष कर्मचारियों को सिर्फ 2 महीने इंतजार करना पड़ता था, जबकि अब पूरी राशि निकालने के लिए 12 महीने तक बेरोजगार रहना होगा। दूसरा, EPF Scheme 1952 में 54 साल की उम्र या रिटायरमेंट से एक साल पहले 90 फीसदी पीएफ निकालने की सुविधा थी। अब EPF Scheme 2026 में शामिल नहीं है। इसलिए नए नियमों में पूरी निकासी के कुछ नियम सख्त हुए हैं, जबकि बाकी व्यवस्था पहले जैसी ही बनी हुई है।

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