Grasim Industries: 17% तक दौड़ सकता है शेयर! मोतीलाल ओसवाल ने फिर कहा ‘Buy’
आदित्य बिड़ला ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल बुलिश बनी हुई है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। इसकी वजह है मुख्य कारोबारों में प्रॉफिटेबिलिटी बेहतर होना। टारगेट प्राइस 3770 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह शेयर के BSE पर मौजूदा भाव 3212.05 रुपये से 17 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी का मार्केट कैप 2.18 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।
ग्रासिम इंडस्ट्रीज 1947 में इनकॉरपोरेट हुई। इसने टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर के तौर पर शुरुआत की थी। आज यह टेक्सटाइल के साथ-साथ सीमेंट, सेल्युलोसिक फाइबर, केमिकल्स, फैशन यार्न, फैब्रिक, पेंट, रिन्यूएबल एनर्जी आदि बिजनेस में है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 43.74 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि ग्रासिम इंडस्ट्रीज के VSF (विस्कोस स्टेपल फाइबर) बिजनेस की प्रॉफिटेबिलिटी में जल्द ही काफी सुधार होने की उम्मीद है। इसकी मुख्य वजह ऊंची कीमतों का बने रहना है। केमिकल बिजनेस को इपॉक्सी क्षमता बढ़ाने, क्लोरीन इंटीग्रेशन को बढ़ाने और रिन्यूएबल एनर्जी का ज्यादा इस्तेमाल करने से फायदा होगा। इन फैक्टर्स के बेसिस पर ब्रोकरेज ने ग्रासिम इंडस्ट्रीज के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। टारगेट प्राइस 3770 रुपये प्रति शेयर दिया है।
Grasim Industries का शेयर 3 महीनों में 17 प्रतिशत चढ़ा
कंपनी का शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर की कीमत 3 महीनों में 17 प्रतिशत और 3 साल में 85 प्रतिशत बढ़ी है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 3,245 रुपये और एडजस्टेड लो 2,504.35 रुपये है। ग्रासिम इंडस्ट्रीज वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने वाली है। इसे कंपनी के बोर्ड ने मई महीने में मंजूरी दी थी। इस पर कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी, उसके बाद पेमेंट होगा। शेयरहोल्डर्स की पात्रता तय करने के लिए रिकॉर्ड डेट अभी फिक्स नहीं हुई है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भी 10 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था।
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जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान ग्रासिम इंडस्ट्रीज का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 11,774.25 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 41,039.48 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 348.39 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
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