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Gurugram-Rewari highway: गुरुग्राम से रेवाड़ी के लिए खुल रहा है नया चमचमाता एक्सप्रेसवे, इसी महीने शुरू होगा पहला फेज! इन इलाकों की बदलेगी किस्मत
Gurugram-Rewari highway: गुरुग्राम से रेवाड़ी के लिए खुल रहा है नया चमचमाता एक्सप्रेसवे, इसी महीने शुरू होगा पहला फेज! इन इलाकों की बदलेगी किस्मत

Gurugram-Rewari highway: गुरुग्राम से रेवाड़ी के लिए खुल रहा है नया चमचमाता एक्सप्रेसवे, इसी महीने शुरू होगा पहला फेज! इन इलाकों की बदलेगी किस्मत

Gurugram-Rewari highway: हरियाणा और एनसीआर के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। जल्द ही शुरू होने वाला 46 किलोमीटर लंबा गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे दोनों शहरों के बीच यात्रा को तेज और आसान बना देगा। हाईवे के शुरू होने के बाद गुरुग्राम से रेवाड़ी का सफर सिर्फ 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा यह परियोजना क्षेत्र में रियल एस्टेट, उद्योग और निवेश को भी नई रफ्तार देने की उम्मीद है।

जानकारों का कहना है कि गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे से सिर्फ़ सफर का समय ही कम नहीं होगा। बल्कि और भी कई फायदे होंगे। इस नई सड़क से प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने, बिजनेस को बढ़ावा मिलने और नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के दक्षिणी हिस्सों में कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

दो चरणों में खुलेगा हाईवे

पहला चरण: 10 किलोमीटर का हिस्सा जुलाई 2026 में चालू होने की संभावना है।

दूसरा चरण: शेष मार्ग सितंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

पहला चरण शुरू होने के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे से KMP एक्सप्रेसवे तक का सफर, जो अभी पीक ट्रैफिक में करीब 45 मिनट लेता है, घटकर 10 मिनट से भी कम रह जाएगा।

इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा

नया हाईवे सेक्टर-88B (द्वारका एक्सप्रेसवे) से शुरू होकर कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे इन प्रमुख क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी:-

द्वारका एक्सप्रेसवे

न्यू गुरुग्राम

मानेसर

IMT मानेसर

रेवाड़ी

ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

यह हाईवे मौजूदा सड़कों का विकल्प बनेगा, जिससे मानेसर और गुरुग्राम के केंद्रीय हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। रोजाना आने-जाने वाले लोगों और माल ढुलाई करने वाले वाहनों को भी काफी राहत मिलेगी।

रेवाड़ी बनेगा नया निवेश और औद्योगिक हब

बेहतर सड़क संपर्क के बाद रेवाड़ी में उद्योग, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। आसान परिवहन व्यवस्था के कारण कंपनियों का निवेश बढ़ सकता है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

रियल एस्टेट को मिलेगा बूस्ट

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे के किनारे स्थित इलाकों में आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं की मांग तेजी से बढ़ सकती है। गुरुग्राम के बिजनेस हब तक कम समय में पहुंचने की सुविधा मिलने से इन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की कीमतों में भी उछाल आने की संभावना है।

RRTS से भी जुड़ेगा हाईवे

यह परियोजना दिल्ली-गुरुग्राम-SNB-अलवर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) से भी जुड़ेगी। इससे एनसीआर और हरियाणा के बीच क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी तथा रेवाड़ी को एक उभरते हुए ग्रोथ सेंटर के रूप में नई पहचान मिलेगी।

बेहतर कनेक्टिविटी

यह हाईवे द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर 88B के पास से शुरू होगा और सीधे केएमपी एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे न्यू गुरुग्राम, मानेसर और आईएमटी (IMT) मानेसर जैसे प्रमुख स्थानों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इसके अलावा, यह दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) सहित बड़े ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से भी जुड़ेगा।

औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास

बेहतर रोड कनेक्टिविटी से रेवाड़ी के एक प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में बदलने की उम्मीद है। इससे माल की आवाजाही आसान होगी, जिससे यह क्षेत्र मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, गोदामों (warehouses) और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए अधिक आकर्षक बन जाएगा।

रियल एस्टेट में उछाल

रियल एस्टेट सलाहकारों को उम्मीद है कि इस कॉरिडोर के साथ आने वाले आवासीय (residential) और वाणिज्यिक (commercial) प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ेगी, क्योंकि गुरुग्राम के बिजनेस डिस्ट्रिक्ट्स तक आना-जाना तेज और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

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