HDFC Bank Share: ब्रोकरेज ने बरकरार रखी BUY रेटिंग, 1,050 रुपये का दिया टारगेट; शेयर में 44% तेजी की उम्मीद
HDFC Bank Share: प्राइवेट सेक्टर के प्रमुख बैंक HDFC Bank के शेयर पर निवेशकों की नजर रह सकती है। ब्रोकरेज फर्म Emkay ने बैंक के शेयर पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार (emkay buy rating) रखते हुए ₹1,050 का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर का मौजूदा बाजार भाव ₹728 है। इस हिसाब से शेयर में करीब 44% की तेजी की संभावना जताई गई है। बैंक के बेहतर तिमाही नतीजों और टॉप मैनेजमेंट में हालिया बदलाव के बाद ब्रोकरेज को उम्मीद है कि बैंक के कारोबार में मजबूती बनी रहेगी और निवेशकों का भरोसा लौट सकता है।HDFC Bank पर ब्रोकरेज क्यों हैं पॉजिटिव?Emkay के मुताबिक, HDFC Bank के कारोबार में मजबूत ग्रोथ और फंसे कर्ज की स्थिति में सुधार इसकी प्रमुख वजहें हैं। बैंक का लोन सालाना आधार पर 16.4% बढ़ा, जबकि डिपॉजिट में 18.8% की बढ़ोतरी हुई। सेविंग और करंट अकाउंट में जमा रकम यानी CASA भी सालाना आधार पर 10.8% बढ़ी। वहीं, बैंक के नए फंसे कर्ज यानी स्लिपेज कुल लोन का करीब 0.9% रहा और ग्रॉस NPA घटकर 1.1% पर आ गया। हालांकि, बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछली तिमाही के मुकाबले 0.08 प्रतिशत अंक घटकर 3.32% रह गया। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि नए MD और CEO के नेतृत्व में बैंक की स्थिति मजबूत हो सकती है और ग्राहकों तथा निवेशकों का भरोसा बहाल करने में मदद मिलेगी। इसी आधार पर Emkay ने शेयर पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है।ये भी पढ़ें: FPI Sell-off: शेयर बाजार से 2026 में 3.12 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड निकासी, अक्टूबर में निकाले 52,100 करोड़ रुपयेHDFC Bank का मुनाफा बढ़ाEmkay की रिपोर्ट के मुताबिक, HDFC Bank ने तिमाही में ₹19,500 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया, जो ब्रोकरेज के अनुमान के करीब रहा। बैंक की संपत्ति पर कमाई यानी रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) 1.8% रही। वहीं, बैंक के मुख्य ऑपरेटिंग मुनाफे में सालाना आधार पर 12.4% की बढ़ोतरी हुई। बैंक की लोन ग्रोथ में भी सुधार हुआ है। सालाना आधार पर कर्ज में 16.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगर FCNR(B) से जुड़े फंड के असर को हटा दें, तब भी लोन ग्रोथ 14.4% रही। दूसरी ओर, बैंक के कुल डिपॉजिट में सालाना आधार पर 18.8% और पिछली तिमाही के मुकाबले 4.9% की बढ़ोतरी हुई।कारोबार बढ़ा, लेकिन मार्जिन में गिरावटबैंक की लोन ग्रोथ को SME यानी छोटे और मझोले कारोबारों तथा कॉरपोरेट कंपनियों को दिए गए कर्ज से सहारा मिला। पिछली तिमाही के मुकाबले कुल कर्ज में 5.2% की बढ़ोतरी हुई। रिटेल लोन में भी तेजी आई। इस सेगमेंट में कर्ज सालाना आधार पर 11.7% और पिछली तिमाही के मुकाबले 6.5% बढ़ा। बैंक के डिपॉजिट में बढ़ोतरी के साथ सेविंग और करंट अकाउंट में जमा रकम यानी CASA भी सालाना आधार पर 10.8% बढ़ी। कुल डिपॉजिट में CASA की हिस्सेदारी 31.6% रही, जबकि रिटेल ग्राहकों की हिस्सेदारी करीब 80% पर स्थिर रही।हालांकि, बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटकर 3.32% रह गया। आसान भाषा में कहें तो कर्ज पर ब्याज से बैंक की कमाई और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर थोड़ा कम हुआ है। Emkay के मुताबिक, FCNR(B) के तहत जुटाए गए फंड का असर और फंड की लागत में स्थिरता मार्जिन घटने की वजह रही। ब्रोकरेज का मानना है कि हाल में ब्याज दरों में हुई बढ़ोतरी से मार्जिन को कुछ सहारा मिल सकता है। हालांकि, FCNR(B) फंडिंग का पूरे तिमाही का असर इस फायदे को आंशिक रूप से कम कर सकता है। ऐसे में अगली तिमाही में मार्जिन में बहुत ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है।ये भी पढ़ें: Online Shopping: 1,241 रुपये का सूटकेस मिला डैमेज, शिकायत पर रिफंड के साथ 15,000 रुपये मुआवजा देने का आदेशफंसे कर्ज की स्थिति में सुधारEmkay की रिपोर्ट के मुताबिक, HDFC Bank के नए फंसे कर्ज यानी स्लिपेज घटकर ₹6,100 करोड़ रह गए, जो कुल लोन का करीब 0.9% है। बेहतर वसूली और कुछ कर्ज को बट्टे खाते में डालने से बैंक का ग्रॉस NPA पिछली तिमाही के मुकाबले 0.06 प्रतिशत अंक घटकर 1.1% रह गया। बैंक का स्पेसिफिक प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) भी बढ़कर 67% हो गया है। इसका मतलब है कि फंसे कर्ज से होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई के लिए बैंक की ओर से किए गए प्रावधान में सुधार हुआ है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 70% का स्तर बेहतर माना जाता है, इसलिए अभी इसमें सुधार की गुंजाइश है। कृषि क्षेत्र के कर्ज को लेकर बैंक मैनेजमेंट को फिलहाल किसी बड़े दबाव या गिरावट के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, असमान मानसून के कारण फसल उत्पादन और किसानों की आमदनी पर पड़ने वाले असर पर नजर रखी जाएगी।नए MD और CEO से निवेशकों का भरोसा लौटने की उम्मीदEmkay का मानना है कि नए मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और CEO की नियुक्ति से नेतृत्व को लेकर लंबे समय से बनी अनिश्चितता दूर हो सकती है। इससे ग्राहकों और निवेशकों का भरोसा बहाल करने में मदद मिलने की उम्मीद है। ब्रोकरेज के मुताबिक, लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन के बाद HDFC Bank के शेयर का वैल्यूएशन आकर्षक हुआ है। नए नेतृत्व के बैंक की अहम प्राथमिकताओं पर काम करने और वैश्विक अनिश्चितताओं में कमी आने से शेयर की कीमत को दोबारा मजबूती मिल सकती है। इससे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली कम होने या उनका पैसा फिर से भारतीय बाजार में लौटने की संभावना भी बन सकती है।Emkay ने HDFC Bank के शेयर का ₹1,050 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने सितंबर 2028 के अनुमानित एडजस्टेड बुक वैल्यू (ABV) के मुकाबले बैंक के स्वतंत्र कारोबार की वैल्यू 2 गुना रखी है। इसके अलावा, बैंक की सहायक कंपनियों की वैल्यू ₹121 प्रति शेयर आंकी है। ब्रोकरेज ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2026-27 से 2028-29 के दौरान बैंक का ROA धीरे-धीरे बढ़कर 1.8% से 1.9% के बीच पहुंच सकता है। इसी आधार पर उसने कमाई के अनुमान में कोई बड़ा बदलाव किए बिना BUY रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, Emkay ने जोखिम भी बताए हैं। अर्थव्यवस्था में कमजोरी के कारण बैंक की ग्रोथ उम्मीद से धीमी रहने या प्रमुख अधिकारियों के बैंक छोड़ने से शेयर के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।(Disclaimer: शेयर को लेकर सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई हैं। यह ET NOW Swadesh के निजी विचार नहीं हैं। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।)

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