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HFCL vs Sterlite Tech: 1 साल में 600%+ रिटर्न, मजबूत बिजनेस के साथ अब किस स्टॉक में कमाई का मौका?
HFCL vs Sterlite Tech: 1 साल में 600%+ रिटर्न, मजबूत बिजनेस के साथ अब किस स्टॉक में कमाई का मौका?

HFCL vs Sterlite Tech: 1 साल में 600%+ रिटर्न, मजबूत बिजनेस के साथ अब किस स्टॉक में कमाई का मौका?

HFCL vs Sterlite Tech: ऑप्टिकल फाइबर और डिजिटल कनेक्टिविटी के कारोबार में HFCL और स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज यानी STL इस समय निवेशकों की नजर में हैं। दिलचस्प बात यह है कि दोनों कंपनियों ने सितंबर तिमाही में करीब-करीब एक जैसा राजस्व दर्ज किया है। Q2FY27 में HFCL का राजस्व 2,542 करोड़ रुपये रहा, जबकि STL का राजस्व 2,529 करोड़ रुपये रहा। यानी दोनों के बीच सिर्फ 13 करोड़ रुपये का अंतर है। लेकिन मुनाफे और कारोबार की गुणवत्ता को थोड़ा गहराई से देखें तो दोनों की कहानी काफी अलग नजर आती है।राजस्व बराबर, मुनाफे में भी जबरदस्त उछालHFCL ने Q2FY27 में 394 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के 71.92 करोड़ रुपये से 448 फीसदी ज्यादा है। कंपनी का परिचालन मुनाफा यानी EBITDA भी 223.55 फीसदी बढ़कर 658 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 25.89 फीसदी रहा, जो सालाना आधार पर 640 आधार अंक का सुधार है।STL ने इस तिमाही में 517 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल के सिर्फ 4 करोड़ रुपये के मुकाबले 12,817 फीसदी की छलांग है। राजस्व 145 फीसदी बढ़कर 2,529 करोड़ रुपये और EBITDA करीब छह गुना बढ़कर 846 करोड़ रुपये रहा। हालांकि STL के मुनाफे में एकमुश्त टैरिफ रिफंड का भी योगदान रहा है, इसलिए सिर्फ मुनाफे को देखकर दोनों कंपनियों की तुलना करना पूरी तस्वीर नहीं देता।Q2FY27 तुलनाHFCLSTLरेवेन्यू2,542 करोड़ रुपये2,529 करोड़ रुपयेनेट प्रॉफिट394 करोड़ रुपये517 करोड़ रुपयेEBITDA658 करोड़ रुपये846 करोड़ रुपयेEBITDA मार्जिन25.89%करीब 33.5%ऑर्डर बुक28,900+ करोड़ रुपये35,274 करोड़ रुपयेबिजनेस फोकसटेलीकॉम, ऑप्टिकल फाइबर, डिफेंसऑप्टिकल नेटवर्किंगअसली अंतर कारोबार के ढांचे में हैSTL का करीब 95-97 फीसदी कारोबार ऑप्टिकल नेटवर्किंग से आता है। कंपनी खुद ग्लास प्रीफॉर्म बनाती है, जो ऑप्टिकल फाइबर की लागत का करीब 65-70 फीसदी हिस्सा होता है। इससे कंपनी को कच्चे माल पर ज्यादा नियंत्रण मिलता है और मुनाफे के मार्जिन को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलती है।दूसरी तरफ HFCL अभी अपने ज्यादातर प्रीफॉर्म की खरीद बाहर से करती है। हालांकि कंपनी अक्टूबर 2028 तक अपना प्रीफॉर्म संयंत्र शुरू करने की तैयारी में है। तब तक इसके मार्जिन पर आपूर्तिकर्ताओं की लागत का असर ज्यादा रह सकता है।HFCL की एक खासियत इसका विविध कारोबार है। दूरसंचार उत्पादों का योगदान करीब 91 फीसदी है, जबकि रक्षा और एयरोस्पेस को कंपनी भविष्य के बड़े विकास क्षेत्रों के तौर पर देख रही है। रक्षा कारोबार के लिए FY27 में करीब 500 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है।ऑर्डर बुक में STL आगे, HFCL की भी मजबूत कमाई की दृश्यताऑर्डर बुक के मामले में STL फिलहाल आगे है। सितंबर के अंत में उसकी खुली ऑर्डर बुक 35,274 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े ढांचे और बड़े डेटा सेंटर संचालकों से जुड़े कई बड़े, लंबी अवधि के करार भी हासिल किए हैं। इनमें एक बड़े ग्राहक के साथ 11,500 करोड़ रुपये का लंबी अवधि का समझौता भी शामिल है।ये भी पढ़ें: EAAA India Alternatives IPO: मार्केट में आज खुल गया 1200 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू, पैसा लगाएं या करें इग्रोर?HFCL की ऑर्डर बुक भी 28,900 करोड़ रुपये से ज्यादा है और कंपनी के मुताबिक इससे छह से सात साल या उससे भी ज्यादा समय की राजस्व दृश्यता मिलती है। कंपनी ने FY27 के लिए FY26 के मुकाबले कम से कम 80 फीसदी राजस्व वृद्धि का लक्ष्य रखा है।एक साल के रिटर्न में STL ने HFCL को पछाड़ा26 अक्टूबर 2026 को STL का शेयर करीब 858 रुपये पर कारोबार कर रहा था और एक साल में इसमें 622.94 फीसदी की तेजी आई है। वहीं HFCL का शेयर करीब 242.50 रुपये पर था और पिछले एक साल में करीब 215.55 फीसदी चढ़ा है। यानी दोनों शेयरों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया, लेकिन STL ने इस अवधि में HFCL को काफी पीछे छोड़ दिया।किसके सामने ज्यादा जोखिम?STL के सामने सबसे बड़ा जोखिम अमेरिका में चल रहा कानूनी मामला है। कंपनी की अमेरिकी सहायक कंपनी पर करीब 101 मिलियन डॉलर यानी लगभग 950 करोड़ रुपये का फैसला आया है, जिसे कंपनी ने चुनौती दी है। यह रकम कंपनी की शुद्ध नकदी से भी ज्यादा है और अभी इसके लिए प्रावधान नहीं किया गया है।HFCL की चुनौती उसका EPC कारोबार है। इस कारोबार ने तिमाही में 123 करोड़ रुपये का नुकसान किया है। कंपनी के ईपीसी कारोबार की करीब 3,448 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी हैं और इसके पुनर्गठन पर फैसला आने वाले हफ्तों में होने की उम्मीद है। इसके अलावा HFCL में ग्राहकों से पैसा मिलने में करीब 95-105 दिन लग रहे हैं, जबकि STL के लिए यह अवधि करीब 60-65 दिन है।ये भी पढ़ें: Jio Platforms IPO: मार्केट में लिस्ट होते ही देश की टॉप 5 कंपनियों में होगी जियो प्लेटफॉर्म्स की एंट्री!तो HFCL या STL, किसकी कहानी बेहतर?अगर सिर्फ मौजूदा कारोबार की गुणवत्ता, मार्जिन, ऑर्डर बुक और ऑप्टिकल नेटवर्किंग पर फोकस करें तो STL फिलहाल ज्यादा मजबूत नजर आती है। वहीं HFCL की कहानी ज्यादा विविध है और रक्षा, एयरोस्पेस तथा खुद प्रीफॉर्म बनाने की क्षमता आने वाले वर्षों में इसके लिए नए विकास के रास्ते खोल सकती है।STL ने FY29 तक EBITDA मार्जिन का लक्ष्य 30 फीसदी से ज्यादा कर दिया है और Q2FY27 में ही करीब 27 फीसदी का स्तर हासिल कर लिया। HFCL भी FY29 से पहले 10,000 करोड़ रुपये का राजस्व और 27 फीसदी से ज्यादा EBITDA मार्जिन हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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