Infosys: CEO सलिल पारेख बोले- बड़ी डील की पाइपलाइन मजबूत, AI स्ट्रैटेजी में पसंदीदा पार्टनर बनी कंपनी
दिग्गज आईटी कंपनी Infosys ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद बिजनेस और फ्यूचर ग्रोथ को लेकर अहम जानकारी दी है। कंपनी ने सितंबर तिमाही में 5.2 बिलियन डॉलर की बड़ी डील हासिल की, जिसमें 2 बिलियन डॉलर से ज्यादा की एक मेगा डील भी शामिल है। हालांकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटाकर 1-2 फीसदी कर दिया है।
कंपनी के मुताबिक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और रिटेल सेक्टर में ग्राहकों का खर्च कमजोर रहने के साथ कीमतों पर भी दबाव बना हुआ है। Infosys के CEO सलिल पारेख ने कहा कि कंपनी के पास बड़ी डील हासिल करने के लिए मजबूत पाइपलाइन है। कंपनी अपने बड़े ग्राहकों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रणनीति से जुड़ी पसंदीदा पार्टनर बनी हुई है।
Infosys की AI से कमाई में 29% की तिमाही बढ़ोतरी
Infosys के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर सलिल पारेख ने बताया कि सितंबर तिमाही में कंपनी के कुल रेवेन्यू में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से होने वाली कमाई की हिस्सेदारी 10.5 फीसदी रही। AI से होने वाला रेवेन्यू तिमाही आधार पर 29 फीसदी बढ़ा है। कंपनी को उम्मीद है कि AI से होने वाली कमाई में सालाना आधार पर बढ़ोतरी जारी रहेगी।
सलिल पारेख के मुताबिक कंपनी दुनिया की बड़ी कंपनियों को AI रणनीति बनाने में सलाह दे रही है। Infosys बड़े ग्राहकों के लिए AI रणनीति से जुड़ी प्रमुख भागीदार बनी हुई है। कंपनी ने यह भी कहा कि वह अत्याधुनिक AI मॉडल विकसित करने वाली कंपनियों के साथ लगातार मिलकर काम कर रही है। इससे AI आधारित सेवाओं और डिजिटल बदलाव से जुड़े अवसरों का फायदा उठाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बड़ी डील हासिल करने में कंपनी को मजबूती
सितंबर तिमाही में Infosys को 5.2 बिलियन डॉलर की बड़ी डील मिली। इसमें 2 बिलियन डॉलर से अधिक की एक मेगा डील शामिल है। कंपनी के CEO ने कहा कि बड़ी और जटिल कारोबारी बदलाव परियोजनाओं में ग्राहकों का भरोसा Infosys की मजबूत स्थिति को दिखाता है।
सलिल पारेख ने कहा कि कंपनी की बड़ी डील की पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है। हालांकि, कंपनी अब उन्हीं कॉन्ट्रैक्ट्स को स्वीकार कर रही है जो उसके तय आर्थिक मानकों पर खरे उतरते हैं। कंपनी के मुताबिक, बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और ऐसे माहौल में मुनाफे को ध्यान में रखकर कारोबार करना जरूरी है।
FY27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस घटाई
Infosys ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटाकर 1-2 फीसदी कर दिया है। यह संकेत देता है कि कंपनी को निकट भविष्य में बिजनेस ग्रोथ को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
कंपनी ने कहा कि फाइनेंशियल सर्विसेज, एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में अच्छी मजबूती देखने को मिल रही है। इसके उलट रिटेल और हाई-टेक बिजनेस में खर्च को लेकर नरमी बनी हुई है।
रिटेल सेक्टर में कीमतों पर दबाव भी देखने को मिल रहा है, जिससे इस क्षेत्र में कारोबार की संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं।
वेतन बढ़ोतरी से मार्जिन पर दबाव
Infosys के CFO जयेश संघराजका ने कहा कि दूसरी छमाही में कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी का असर कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि बाजार में उतार-चढ़ाव और चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने सितंबर तिमाही में 21 फीसदी का ऑपरेटिंग मार्जिन हासिल किया।
कॉस्ट, ऑपरेशन एफिशिएंसी बढ़ाने और जरूरी निवेश के बीच संतुलन बनाने से मार्जिन को स्थिर रखने में मदद मिली है। कंपनी के मुताबिक तिमाही के दौरान फ्री कैश फ्लो 928 मिलियन डॉलर रहा, जो नेट प्रॉफिट का 113.3 फीसदी है।
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FY27 में 20,000 फ्रेशर्स की हायरिंग का लक्ष्य
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 20,000 ग्रेजुएट्स का हायरिंग टारगेट बरकरार रखा है। मार्केट में प्रतिस्पर्धा और कुछ क्षेत्रों में खर्च की कमजोरी के बावजूद कंपनी की ओर से हायरिंग टारगेट में बदलाव नहीं किया गया है।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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