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IRDAI Reforms: डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म बीमा कंपनियों पर बोझ नहीं, ICICI Lombard के CEO संजीव मंत्री ने बताया कैसे मजबूत होगा इंश्योरेंस सेक्टर
IRDAI Reforms: डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म बीमा कंपनियों पर बोझ नहीं, ICICI Lombard के CEO संजीव मंत्री ने बताया कैसे मजबूत होगा इंश्योरेंस सेक्टर

IRDAI Reforms: डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म बीमा कंपनियों पर बोझ नहीं, ICICI Lombard के CEO संजीव मंत्री ने बताया कैसे मजबूत होगा इंश्योरेंस सेक्टर

IRDAI Reforms: आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस के एमडी व सीईओ संजीव मंत्री (Sanjeev Mantri, MD & CEO of ICICI Lombard General Insurance) ने कहा है कि इंश्योरेंस रेगुलेटर इरडा (IRDAI) की ओर से डिस्ट्रीब्यूशन (insurance distribution) में प्रस्तावित रिफॉर्म को कंपनियों पर रेगुलेटरी बोझ के तौर पर नहीं देखना चाहिए। इसके बजाय, इन्हें पूरे बीमा सेक्टर को मजबूत बनाने के अवसर के रूप में लिया जाना चाहिए।

एसोसिएशन ऑफ रिस्क मैनेजर्स के एनुअल कॉन्फेरेंस ‘Risk Next’ में बोलते हुए संजीव मंत्री ने कहा कि इंश्योरेंस सेक्टर भी ऐसे सुधारों की जरूरत को समझता है, जिनसे कामकाज में पारदर्शिता बढ़े, लागत कम हो और पॉलिसीहोल्डर्स के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों को रेगुलेटरी रिफॉर्म को पॉजिटिव सोच और पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल प्रस्तावों पर विचार-विमर्श की प्रक्रिया चल रही है। इससे इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़े लोगों और कंपनियों को अपनी चिंताएं और सुझाव रखने का मौका मिलेगा।

संजीव मंत्री के मुताबिक इन सुधारों से बीमा कंपनियां ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने, नए तरीके अपनाने और कामकाज को ज्यादा कुशल बनाने पर ध्यान दे सकेंगी। इससे देश में बीमा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

प्राकृतिक आपदाओं से बढ़ रहा नुकसान, बीमा कवरेज बढ़ाने की जरूरत

संजीव मंत्री ने प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले बढ़ते नुकसान और कुल आर्थिक नुकसान की तुलना में बीमा के तहत कवर होने वाले नुकसान के बीच बड़े अंतर पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि साल के शुरुआती नौ महीनों में दुनियाभर में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाला नुकसान 100 अरब डॉलर से अधिक रहा। इस नुकसान का एक बड़ा हिस्सा ऐसा था, जिसकी भरपाई के लिए बीमा कवरेज उपलब्ध नहीं था। संजीव मंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था के बढ़ने और देश में संपत्तियों के तेजी से निर्माण के साथ जोखिम भी बढ़ेंगे। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों, कारोबारों और संपत्तियों को बीमा के दायरे में लाना जरूरी होगा।

केवल बीमा लेना काफी नहीं, जोखिम से निपटने की तैयारी भी जरूरी

संजीव मंत्री ने कहा कि किसी भी जोखिम से निपटने के लिए पहले से तैयारी करना और मुश्किल हालात में खुद को संभालने की क्षमता विकसित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने 9/11 के आतंकवादी हमलों और कोविड-19 महामारी के दौरान बड़े खेल आयोजनों को रद्द किए जाने जैसी वैश्विक घटनाओं से मिली सीख का भी जिक्र किया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सिर्फ बीमा कवरेज लेने से जोखिम खत्म नहीं हो जाते। नुकसान को कम करने के लिए नियमित सुरक्षा अभ्यास, आपात स्थिति से निपटने की तैयारी और जोखिम प्रबंधन के प्रभावी तरीके अपनाना भी जरूरी है। संजीव मंत्री ने कहा कि भविष्य को पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं बनाया जा सकता, लेकिन व्यक्ति और कारोबार उभरते खतरों से निपटने के लिए बेहतर तैयारी जरूर कर सकते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि नियामकीय सुधारों के साथ नई तकनीकों और बेहतर जोखिम प्रबंधन को अपनाने से बीमा उद्योग को अधिक पारदर्शी, मजबूत और ग्राहक-केंद्रित बनाया जा सकेगा।

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