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NFO Alert: मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड लेकर आया नया Contra Fund, 8 मई से खुलेगा एनएफओ, देखें डीटेल

NFO Alert: Motilal Oswal Mutual Fund ने अपना नया न्यू फंड ऑफर (NFO) लॉन्च करने का ऐलान किया है। कंपनी ने Motilal Oswal Contra Fund नाम से एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम पेश की है, जो contrarian investment strategy पर आधारित होगी।

यह NFO 8 मई 2026 से निवेश के लिए खुलेगा और 22 मई 2026 को बंद होगा। फंड का उद्देश्य लंबी अवधि में पूंजी वृद्धि हासिल करना है। इसके लिए स्कीम मुख्य रूप से इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करेगी।

NFO की प्रमुख डिटेल

Motilal Oswal Contra Fund का बेंचमार्क Nifty 500 Total Return Index होगा। स्कीम को वरुण शर्मा, भालचंद्र शिंदे, अंकित अग्रवाल, राकेश शेट्टी और स्वप्निल मयेकर मैनेज करेंगे। NFO के दौरान और बाद में निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि 500 रुपये रखी गई है। अतिरिक्त निवेश भी 500 रुपये से शुरू किया जा सकेगा।

अगर निवेशक यूनिट्स को अलॉटमेंट के 365 दिनों के भीतर रिडीम करते हैं, तो 1% का एग्जिट लोड लगेगा। वहीं एक साल बाद रिडेम्पशन पर कोई एग्जिट लोड नहीं होगा।

बाजार के अलग-अलग सेक्टर्स पर रहेगा फोकस

फंड हाउस के मुताबिक, अलग-अलग मार्केट साइकल में मेटल, बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर्स में लीडरशिप बदलती रहती है। ऐसे में diversified और differentiated exposure की जरूरत बढ़ जाती है।

Motilal Oswal Contra Fund का लक्ष्य शुरुआती चरण में ऐसे अवसरों की पहचान करना है, जहां वैल्यूएशन आकर्षक हों और लॉन्ग टर्म ग्रोथ की संभावना मजबूत दिखती हो।

फंड हाउस ने क्या कहा?

Motilal Oswal Asset Management Company के MD और CEO प्रतीक अग्रवाल के मुताबिक, बाजार में कई बार behavioral bias और volatility की वजह से mispricing देखने को मिलती है। ऐसे समय में contrarian strategy लंबी अवधि के बिजनेस फंडामेंटल पर फोकस करने का मौका देती है।

उन्होंने कहा कि यह फंड उन निवेशकों के लिए डिजाइन किया गया है, जो पूरे मार्केट साइकल यानी तीन से पांच साल तक निवेश बनाए रखने की क्षमता रखते हैं।

क्या होती है Contra Strategy?

Contra investing ऐसी रणनीति होती है, जिसमें बाजार के मौजूदा ट्रेंड के विपरीत जाकर निवेश किया जाता है। आमतौर पर यह रणनीति उन कंपनियों की पहचान करने पर फोकस करती है, जो फिलहाल बाजार की नजर में कमजोर मानी जा रही हों या अस्थायी दबाव में हों, लेकिन जिनके फंडामेंटल मजबूत हों और आगे रिकवरी की संभावना हो।

इस तरह की रणनीति का उद्देश्य बाजार में मौजूद mispricing और valuation gap का फायदा उठाना होता है। फंड हाउस का मानना है कि लंबे समय में ऐसी कंपनियां बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं।

30-35 स्टॉक्स का हाई-कन्विक्शन पोर्टफोलियो

फंड मैनेजर भालचंद्र शिंदे के अनुसार, स्कीम का फोकस 30-35 स्टॉक्स का हाई-कन्विक्शन पोर्टफोलियो बनाने पर रहेगा। इसमें मजबूत operating cash flow, आकर्षक valuation और turnaround potential वाली कंपनियों को शामिल किया जाएगा।

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उन्होंने कहा कि disciplined risk management framework और exit process के जरिए अलग-अलग बाजार चरणों में downside risk को मैनेज करने की कोशिश की जाएगी।

किन निवेशकों के लिए उपयुक्त?

यह स्कीम उन निवेशकों के लिए उपयुक्त मानी जा रही है, जो लंबी अवधि के लिए इक्विटी में निवेश करना चाहते हैं और बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान धैर्य बनाए रख सकते हैं। Contra strategy आमतौर पर short-term volatility दिखा सकती है, लेकिन लंबी अवधि में यह diversified exposure देने का प्रयास करती है।

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Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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