Post Office Scheme: ₹10 लाख को 14.5 लाख रुपये बनाने वाली स्कीम – सरकार की गारंटी, 90% लोग इससे अब भी अनजान
Post Office Scheme NSC: अगर आप अपने मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखते हुए उस पर शानदार रिटर्न चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की ऐसी एक स्कीम है, जो आज के समय में निवेशकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो रही है। हम बात कर रहे हैं नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) स्कीम की। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट की घटती ब्याज दरों के बीच, NSC अपनी 7.7 फीसदी की स्थिर ब्याज दर के साथ वेल्थ क्रिएशन का सबसे भरोसेमंद जरिया बनी हुई है।
NSC की सबसे बड़ी ताकत इसकी सालाना कंपाउंडिंग है। इसका मतलब है कि आपको सिर्फ आपके निवेश पर ही नहीं, बल्कि हर साल मिलने वाले ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। तो हम आपको बताते हैं कि कैसे ये स्कीम आपके 10 लाख रुपये के निवेश को 14.5 लाख रुपये बना देगा।
₹10 लाख पर ₹4.5 लाख का पक्का मुनाफा
NSC की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7.7 सालाना ब्याज दर और सालाना कंपाउंडिंग है। अगर आपने इस स्कीम में 10 लाख रुपये का एकमुश्त (lumpsum) निवेश किया है, तो 5 साल की मैच्योरिटी की अवधि पूरी होने पर उसे 14,49,035 रुपये मिलेंगे। इस तरह, निवेशक को बिना किसी जोखिम के सिर्फ 60 महीनों में 4,49,035 का टेन प्रॉफिट होता है। यह कैलकुलेशन उन लोगों के लिए एक ठोस वेल्थ क्रिएशन का फॉर्मूला पेश करती है जो अपनी बचत को सुरक्षित रूप से बढ़ाना चाहते हैं।
कुल निवेश- ₹10,00,000
सालाना ब्याज दर- 7.7% (सालाना)
समय अवधि- 5 साल
कुल ब्याज की कमाई- ₹4,49,035
5 साल बाद कुल रकम- ₹14,49,035
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टैक्स सेविंग का दोहरा फायदा – Section 80C
NSC न केवल रिटर्न के मामले में बेहतर है, बल्कि यह एक बेहतरीन टैक्स-सेविंग टूल भी है। आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत, इस योजना में 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है।
खास बात यह है कि मैच्योरिटी से पहले हर साल मिलने वाले ब्याज को रिइन्वेस्टमेंट माना जाता है, जिससे वह भी टैक्स छूट के दायरे में आता है। इसके अलावा, बैंक एफडी के विपरीत, इसमें ब्याज पर कोई TDS नहीं काटा जाता, जिससे निवेशकों को मैच्योरिटी पर पूरी राशि प्राप्त होती है।
सरकारी सुरक्षा और लोन की सुविधा
चूंकि यह डाकघर की स्कीम है, इसलिए इस पर भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी होती है। यह सुरक्षा निवेशकों को मानसिक शांति प्रदान करती है कि उनका पैसा कभी नहीं डूबेगा। इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर निवेशक अपने NSC सर्टिफिकेट को बैंक में गिरवी रखकर आसानी से लोन भी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे निवेश में लिक्विडिटी का लाभ भी बना रहता है।
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कौन कर सकता है निवेश?
कोई भी वयस्क भारतीय नागरिक सिर्फ 1000 रुपये की मिनिमम राशि से अपना खाता खोल सकता है। निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं होने के कारण, यह बड़े फंड मैनेजरों और आम आदमी, दोनों के लिए एक समान रूप से लाभकारी योजना है। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान ब्याज दरों को देखते हुए, यह अपने पोर्टफोलियो को स्थिरता देने का सबसे सही समय है।
(Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।)

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