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SBI AMC IPO Valuation: लिस्टेड पियर्स की तुलना में कैसी है एसबीआई फंड मैनेजमेंट कंपनी की वैल्युएशन?
SBI AMC IPO Valuation: लिस्टेड पियर्स की तुलना में कैसी है एसबीआई फंड मैनेजमेंट कंपनी की वैल्युएशन?

SBI AMC IPO Valuation: लिस्टेड पियर्स की तुलना में कैसी है एसबीआई फंड मैनेजमेंट कंपनी की वैल्युएशन?

SBI AMC IPO Valuation: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड मैनेजमेंट (SBI Funds Management) ने अपने 11,693 करोड़ रुपये के IPO (SBI AMC IPO) के लिए 545 से 574 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय कर दिया है। इस वैल्यूएशन ने बाजार का ध्यान इसलिए भी खींचा है, क्योंकि कंपनी इसका ईश्यू प्राइस अनलिस्टेड मार्केट के मुकाबले करीब 30% डिस्काउंट पर रखा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या SBI AMC की वैल्यूएशन अपने लिस्टेड पीयर्स के मुकाबले आकर्षक है?

IPO पर कितनी है कंपनी की वैल्यूएशन?

IPO के ऊपरी प्राइस बैंड 574 रुपये पर SBI Funds Management का मार्केट कैप करीब 1.16 लाख करोड़ रुपये बैठता है। इससे पहले 3 जुलाई को अनलिस्टेड मार्केट में कंपनी की वैल्यूएशन करीब 1.68 लाख करोड़ रुपये थी, यानी IPO की कीमत अनलिस्टेड वैल्यूएशन से काफी कम रखी गई है।

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लिस्टेड AMC कंपनियों के मुकबले वैल्युएशन

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, IPO प्राइस पर SBI Funds Management का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल अपने कई लिस्टेड पियर्स के मुकाबले कम है। यही वजह है कि कई विश्लेषक इस वैल्यूएशन को आकर्षक मान रहे हैं।

कंपनी अनुमानित P/E
SBI Funds Management ~38x
HDFC AMC ~41x
ICICI Prudential AMC ~48x
Nippon Life India AMC ~51x

ऊपर दिए गए डेटा से साफ है कि यानी, वैल्यूएशन के लिहाज से SBI Funds Management अपने प्रमुख लिस्टेड प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले डिस्काउंट पर बाजार में उतर रही है।

फिर भी निवेशकों को क्यों लगा झटका?

दरअसल, लिस्टेड कंपनियों की तुलना में इसका वैल्यूएशन आकर्षक दिख रहा है, लेकिन अनलिस्टेड मार्केट में पहले से निवेश करने वाले निवेशकों के लिए यह बड़ा झटका साबित हुआ है।

इकोनॉमिक्स टाइम्स ने अनलिस्टेड शेयरों में कारोबार करने वाली फर्म Altius Investech के निदेशक संदीप गिनोदिया के हवाले से बताया कि प्राइस बैंड की घोषणा से कुछ सप्ताह पहले SBI Funds Management का शेयर 850-860 रुपये तक पहुंच गया था। बाजार को उम्मीद थी कि IPO का प्राइस बैंड 625-630 के आसपास होगा, लेकिन 574 रुपये का ऊपरी प्राइस बैंड तय होने से ऊंचे भाव पर शेयर खरीदने वाले निवेशकों को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

IPO की एक और खास बात

यह 2026 का अब तक का सबसे बड़ा IPO है, लेकिन पूरा इश्यू OFS है। इसके तहत SBI अपनी करीब 12.83 करोड़ शेयरों की हिस्सेदारी बेचेगा और Amundi करीब 7.54 करोड़ शेयर बेचेगी। सीधी भाषा में कहें, तो कंपनी कोई नया शेयर जारी नहीं कर रही और इस IPO से कंपनी के पास नई पूंजी नहीं आएगी।

अनलिस्टेड मार्केट का सबक

यह पहला मौका नहीं है जब किसी IPO की कीमत अनलिस्टेड मार्केट से काफी कम रखी गई हो। इससे पहले Tata Capital का IPO अनलिस्टेड कीमत से करीब 55% डिस्काउंट पर आया था, जबकि HDB Financial Services का IPO भी अपने आखिरी अनलिस्टेड ट्रेडिंग प्राइस से करीब 40% नीचे प्राइस किया गया था।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

SBI Funds Management का IPO अनलिस्टेड मार्केट के मुकाबले भले ही 30% डिस्काउंट पर आया हो, लेकिन लिस्टेड AMC कंपनियों की तुलना में इसकी वैल्यूएशन अपेक्षाकृत आकर्षक मानी जा रही है। ऐसे में निवेशकों को सिर्फ अनलिस्टेड कीमतों के आधार पर नहीं, बल्कि कंपनी के बिजनेस, ग्रोथ और लिस्टेड पियर्स के वैल्यूएशन को ध्यान में रखकर निवेश का फैसला करना चाहिए।

इनपुट: इकोनॉमिक्स टाइम्स

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