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Share Market Crash: 4 वजहों से हाहाकार, ₹3.70 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex टूटा 600 प्वाइंट्स, Nifty आया 22400 के नीचे
Share Market Crash: 4 वजहों से हाहाकार, ₹3.70 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex टूटा 600 प्वाइंट्स, Nifty आया 22400 के नीचे

Share Market Crash: 4 वजहों से हाहाकार, ₹3.70 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex टूटा 600 प्वाइंट्स, Nifty आया 22400 के नीचे

Share Market Crash: एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत के बीच घरेलू मार्केट में आज गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी गिरकर 22400 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में हाहाकार मचा हुआ है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। इस हाहाकार में शुरुआती कारोबार में ही बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3.70 लाख करोड़ से अधिक गिर गया यानी कि निवेशकों की दौलत ₹3.70 लाख करोड़ से अधिक घट गई।

फिलहाल 09:33 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 411.67 प्वाइंट्स यानी 0.56% की गिरावट के साथ 72,712.16 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 146.95 प्वाइंट्स यानी 0.65% की फिसलन के साथ 22,453.05 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 609.26 प्वाइंट्स टूटकर 72,514.57 और निफ्टी 212.65 प्वाइंट्स गिरकर 22,387.35 तक आ गया।

Share Market Crash: ये है वजह

एशियाई बाजार से कमजोर संकेत

अधिकतर एशियाई बाजारों में बिकवाली की आंधी चल रही है। इसके चलते घरेलू मार्केट में निगेटिव सेंटिमेंट बना है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1%, जापान का निक्केई 225 और इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट आधे-आधे फीसदी से अधिक, सिंगापुर का स्ट्रेट टाइम्स करीब आधे फीसदी फिसल गया तो चीन का शंघाई कंपोजिट भी लाल है। वहीं हॉन्ग कॉन्ग के हैंग सेंग में आधे फीसदी और थाईलैंड के सेट कंपोजिट में आधे फीसदी से थोड़े कम की बढ़त है।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में उछाल से मार्केट पर दबाव बना है। फिलहाल यह 4.81% की तेजी के साथ 17.67 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

आईटी कंपनियों और सरकारी बैंकों ने बनाया दबाव

सेक्टरवाइज आज मार्केट पर सबसे अधिक दबाव आईटी कंपनियों और सरकारी बैंकों ने बनाया है, जिनके निफ्टी इंडेक्स में 1-1% से अधिक की गिरावट है। इसमें ऑटो, एफएमसीजी, रियल्टी और मेटल सेक्टर भी साथ दे रहे हैं, जिनके निफ्टी इंडेक्स आधे-आधे फीसदी से अधिक फिसले हैं। वहीं दूसरी तरफ फार्मा कंपनियां और प्राइवेट बैंक मार्केट को संभालने की कोशिश कर रहे लेकिन इनके निफ्टी इंडेक्स में बढ़त हल्की है।

टेक्निकल लेवल्स

कोटक नियो के वाइस प्रेसिडेंट (टेक्निकल रिसर्च) अमोल अठावले के मुताबिक तकनीकी रूप से निफ्टी ने पिछले हफ्ते के वीकली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई, जिससे इसमें मौजूदा लेवल्स से आगे भी कमजोरी का संकेत मिला। उनका कहना है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का आउटलुक कमजोर बना हुआ है लेकिन मौजूदा स्तरों से ट्रेंड में बदलाव यानी रिवर्सल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि निफ्टी/सेंसेक्स का 20-दिनों का एसएमए 22,700/73,700 तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा है, जिसके पार होने पर यह 23,000–23,200/74,000–74,600 तक तेज पुलबैक रैली दिख सकता है। हालांकि अगर मार्केट इस 20-दिनों के एसएमए के नीचे आया तो मार्केट में सेंटिमेंट कमजोर बना रह सकता है। इसके नीचे आने पर मार्केट फिर 22,400–22,200/73,400–72,800 का लेवल फिर से टेस्ट कर सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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