Stock Of The Day : ब्लॉक डील के बाद बायोकॉन में आई शानदार तेजी, 6% से ज्यादा चढ़कर वायदा का टॉप गेनर बना स्टॉक
Stock Of The Day : मंगलवार को शुरुआती कारोबार में बायोकॉन लिमिटेड के शेयरों में लगभग 6 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। यह बढ़त एक बड़ी ब्लॉक डील में लगभग 3,680 करोड़ रुपये के शेयरों के लेन-देन के बाद हुई,इससे शेयरों की सप्लाई से जुड़ा वह बड़ा दबाव हट गया जिसने निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाला था। सुबह के कारोबार में बायोकॉन के शेयर 5.6 प्रतिशत बढ़कर लगभग 434 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए,जिससे यह BSE मिडकैप इंडेक्स में सबसे ज्यादा बढ़त वाला शेयर बन गया। इस साल अब तक यह शेयर 12.1 प्रतिशत भागा है। इसने निफ्टी 50 से बेहतर प्रदर्शन किया है। निफ्टी में इसी दौरान 7.5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 70,350 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।
आज प्री-ओपन ब्लॉक डील विंडो में कंपनी के 9.2 करोड़ शेयरों का लेन-देन लगभग 400 रुपये प्रति शेयर की औसत कीमत पर हुआ। ये शेयर कंपनी की 5.64 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं। हालांकि खरीदारों और विक्रेताओं के बारे में आधिकारिक तौर पर जानकारी नहीं दी गई है,लेकिन मनीकंट्रोल ने सोमवार को जानकारी दी थी कि माइलन, बायोकॉन में अपनी पूरी 5.64 प्रतिशत हिस्सेदारी ब्लॉक डील के जरिए बेचने की योजना पर काम कर रही है।
इस सौदे की फ्लोर प्राइस 378.5 रुपये प्रति शेयर तय थी,जो सोमवार की क्लोजिंग प्राइस से 8 प्रतिशत कम है। हालांकि,आखिर में शेयरों का लेन-देन लगभग 400 रुपये प्रति शेयर की औसत कीमत पर हुआ है।
इस साल की शुरुआत में,बायोकॉन द्वारा शेयर स्वैप और कैश पेमेंट के ज़रिए बायोकॉन बायोलॉजिक्स में माइलन की हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने के बाद माइलन ने 5.64 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली थी। इस सौदे के तहत,माइलन को प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए बायोकॉन के शेयर मिले थे।
ब्लॉक डील के सफल रहने से बड़े शेयरहोल्डर के बाहर निकलने को लेकर बनी चिंताएं कम होती दिख रही हैं। बड़े पैमाने पर हिस्सेदारी बेचे जाने के बावजूद निवेशकों ने स्टॉक के लिए ऊंची बोली लगाई है। बता दें कि मार्च तिमाही तक बायोकॉन के प्रमोटरों के पास कंपनी में 44.68 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
बायोकॉन और माइलन की पार्टनरशिप 2009 से चली आ रही है। यह पार्टनरशिप तब इक्विटी पार्टनरशिप में बदल गई,जब माइलन को बायोकॉन बायोलॉजिक्स में वियाट्रिस की बची हुई हिस्सेदारी खरीदने के प्रोसेस के तहत प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के ज़रिए बायोकॉन के शेयर मिले। इस रीस्ट्रक्चरिंग का मकसद बायोकॉन के जेनेरिक और बायोसिमिलर बिजनेस को एक ही लिस्टेड कंपनी के तहत लाना था।
बायोकॉन के मैनेजमेंट का कहना है कि इस डील से कंपनी पर हाई-कॉस्ट फाइनेंस का बोझ खत्म होगा और अब बैलेंस शीट मजबूत होगी। डिलेवरेजिंग (Deleveraging) जारी है। वित्त वर्ष 2027 से कंपनी के फ्री कैश फ्लो में बड़ा सुधार दिखेगा। 5 साल में कंपनी का आकार दोगुना करने का लक्ष्य है। GLP-1 बायोकॉन के लिए बड़ा ग्लोबल अवसर है। कंपनी के CDMO बिजनेस से सिंजिन ( Syngene) में अगले वित्त वर्ष मजबूत टर्नअराउंड की उम्मीद है।
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