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Success story: न विज्ञापन, न वेबसाइट… फिर भी 20 साल से चल रहा बिजनेस, बेटे ने खोला पिता की सफलता का राज
Success story: न विज्ञापन, न वेबसाइट… फिर भी 20 साल से चल रहा बिजनेस, बेटे ने खोला पिता की सफलता का राज

Success story: न विज्ञापन, न वेबसाइट… फिर भी 20 साल से चल रहा बिजनेस, बेटे ने खोला पिता की सफलता का राज

सूरत के एक छोटे कारोबारी की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। मार्केटर नीरज शेलड़िया ने अपने पिता मनहरभाई के डिशवॉशिंग लिक्विड बिजनेस का अनुभव साझा किया, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। बिना वेबसाइट, विज्ञापन और बड़ी मार्केटिंग रणनीति के ये कारोबार सालों से लगातार चल रहा है। इस कहानी ने दिखाया कि कई बार ग्राहक का भरोसा और व्यक्तिगत जुड़ाव किसी भी आधुनिक मार्केटिंग तरीके से ज्यादा प्रभावी साबित हो सकता है।

जहां आज कंपनियां ब्रांड बनाने के लिए कई डिजिटल तरीके अपनाती हैं, वहीं मनहरभाई ने अपनी सेवा, गुणवत्ता और रिश्तों के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

उनकी यह अनोखी बिजनेस यात्रा छोटे कारोबारियों के लिए एक प्रेरणा बन गई है और सोशल मीडिया पर लोग इसकी जमकर सराहना कर रहे हैं।

ग्राहक प्रोडक्ट नहीं, मनहरभाई को खोजते हैं

नीरज ने बताया कि उनके पिता के बिजनेस की सबसे खास बात ये है कि ग्राहक डिशवॉशिंग लिक्विड का नाम नहीं पूछते, बल्कि सीधे मनहरभाई को फोन करते हैं। उनके लिए वही इस बिजनेस की पहचान बन चुके हैं।

जब किसी ग्राहक की बोतल खत्म होती है, तो वह सिर्फ एक कॉल करती है “मनहरभाई, डिशवॉशिंग लिक्विड चाहिए।” इसके बाद ऑर्डर तैयार होता है और सामान उसी दिन ग्राहक के घर पहुंच जाता है।

बिना मार्केटिंग के चल रहा भरोसे का कारोबार

इस बिजनेस में न कोई बड़ा मार्केटिंग कैंपेन है, न कोई सेल्स टीम और न ही कोई वेबसाइट। पूरा कारोबार ग्राहकों की संतुष्टि और मुंह से मुंह तक पहुंचने वाली सिफारिशों पर टिका है।

नीरज के मुताबिक, उनके पिता की मार्केटिंग रणनीति बेहद आसान है अच्छी क्वालिटी दो, समय पर डिलीवरी करो और हर ग्राहक की कॉल का जवाब दो।

20 साल से रोजाना मिल रहे हैं ऑर्डर

नीरज ने बताया कि उनके पिता को करीब 20 ऑर्डर हर दिन मिलते हैं और ये सिलसिला पिछले दो दशकों से जारी है। डिशवॉशिंग लिक्विड 5 लीटर की बोतल में उपलब्ध है, जिसकी कीमत करीब 220 रुपये बताई गई है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ

नीरज की पोस्ट वायरल होने के बाद कई कारोबारियों और मार्केटिंग एक्सपर्ट्स ने इसे असली ब्रांडिंग का उदाहरण बताया। लोगों का कहना था कि मजबूत ग्राहक संबंध और भरोसा किसी भी डिजिटल रणनीति से ज्यादा प्रभावी हो सकता है।

कई यूजर्स ने इसे पुराने जमाने के बिजनेस मॉडल की ताकत बताया, जहां ग्राहक और दुकानदार के बीच रिश्ता सिर्फ खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं होता।

क्या छोटे बिजनेस को अब बढ़ाना चाहिए?

कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि इतना मजबूत ग्राहक आधार होने के बावजूद इस बिजनेस को बड़े स्तर पर क्यों नहीं ले जाया जा रहा। इस पर नीरज ने बताया कि वह धीरे-धीरे ब्रांडिंग और सोशल मीडिया जैसे नए तरीकों को आजमा रहे हैं।

हालांकि कई यूजर्स का मानना था कि अगर ग्राहक पहले से ही “मनहरभाई” के नाम से जुड़ चुके हैं, तो यही सबसे बड़ी ब्रांड वैल्यू है।

बिना ऐप और वेबसाइट के भी बन सकता है बड़ा ब्रांड

मनहरभाई की कहानी बताती है कि बिजनेस की असली ताकत सिर्फ तकनीक या विज्ञापन में नहीं होती। लंबे समय तक अच्छी सेवा, भरोसा और ग्राहकों से मजबूत रिश्ता भी किसी ब्रांड को पहचान दिला सकता है।

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